मानसिक विकृत संघियों की हरकत देखो। प्रियंका गांधी सांसद हैं। उनको पुरुष पुलिसकर्मी घसीट रहे हैं। इनके पास महिला पुलिसकर्मी नहीं हैं? हैं लेकिन ये जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। इनकी विकृत मानसिकता यही हमेशा से रही है। सोचिए इन्होंने आम लड़कियों के साथ क्या किया होगा?
सामने वाला ताकतवर हो तो लेट कर माफीनामा लिख देते हैं। सत्ता में हैं तो अश्लीलता, क्रूरता और अभद्रता कर रहे हैं।
“ये दे देना मादर*$*द CJI को…” ये बोल कर लखनऊ के प्रबल प्रताप सिंह नाम के याचिकाकर्ता ने अपने केस के कागज़ात सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के डायस पर बैठे न्यायाधीशों की तरफ उछाल दिए। इसके पहले उसने सुप्रीम कोर्ट के जजों को "मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट" कहकर संबोधित किया और कहा कि "मैं आपको आदेश देता हूं..." कहा जा रहा है कि “तारीख पर तारीख़” यानि सालों साल चलने वाली उबाऊ, झेलाऊ, पकाऊ, खर्चाऊ व्यवस्था से प्रबल प्रताप सिंह इस कदर परेशान हो गया कि उसने सुप्रीम कोर्ट में अपना आपा खो दिया। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ कर कोर्ट रूम से बाहर कर दिया। गौरतलब है कि दोनों जजों ने इस व्यवहार पर कड़ी नाराज़गी तो जताई, लेकिन सुहानुभूति दिखाते हुए Contempt of Court की कार्यवाही शुरू नहीं की और विचाराधीन याचिका को खारिज कर दिया।
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ED की छापेमारी के बाद भी शेखर सुमन नहीं मान रहे हैं.
पूरे दिन इनके सहयोगी के यहां रेड पड़ी. और शाम को ये BJP को रगड़ते हुए स्क्रीन पर दिख गए. मतलब, इस आदमी को तनिक भी डर नहीं लग रहा है.