इन मासूम छोटे-छोटे बच्चों की चेहरों को देखिए, उदास है, क्योंकि इनके स्कूल को हथियाने के लिए, कब्जाने के लिए भाजपाई भू माफिया ने स्कूल पर ताला मार दिया है।
90 साल पुराना स्कूल जिसमें अनगिनत बच्चे पढ़कर बड़े हुए, आज वह स्कूल बंद हो गया है, क्योंकि भाजपाई भू माफिया स्कूल पर कब्जा कर रहा है।
शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार को इस भाजपा सरकार ने बुलडोज कर दिया है, खत्म कर दिया है और जमीन अंधाधुंध तरीके से भाजपाई कब्जा रहे हैं।
मासूम नौनिहालों का भाजपा शासित ठाकुर आदित्यनाथ बिष्ट सरकार में यही भविष्य है।
एक पिता अपने बच्चे की खुशी और सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है ❤️
इस वीडियो में देखिए, कैसे वह बेटे का डर दूर करने के लिए खुद भी MRI मशीन में उसके साथ लेट जाता है।
पापा ये फ्रॉड है... समझाता रहा मासूम बेटा, नहीं माने पापा, चुपके से मोबाइल को फ्लाइट मोड पर रख कर रोकी ठगी
बरेली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने दंपति को 10 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाए रखा. आतंकी कनेक्शन का डर दिखाकर बैंक डिटेल हासिल की गई, लेकिन 8वीं के छात्र ने फोन फ्लाइट मोड पर डालकर ठगी नाकाम कर दी.
पूरी खबर: https://t.co/vGam5ARSB1
#UttarPradesh #Bareilly #DigitalArrest
ये है हमारे देश के पढ़े-लिखे पुलिसकर्मी जो एक इलेक्ट्रिक गाड़ी का पॉल्यूशन का चालान कर देते हैं जो कि दस हजार का होता है, जब इनसे बोला जाता है कि ये इलेक्ट्रिक गाड़ी है इंजन गाड़ी नहीं है जो पॉल्यूशन करेगी, तब ये मानने को तैयार नहीं थे, बोल रहे थे कि इसका चालान होगा पॉल्यूशन का, और ज्यादा इनसे बहस करने पर ये बहुत सारा चालान और कर देते हैं, जैसे ब्लैक शीशे और बाकी चीजों का, पर ये इलेक्ट्रिक गाड़ी है, इसका पॉल्यूशन का चालान कहां होगा, ये हमको जानना है, इन पुलिसकर्मियों से।
बाकी सिविक सेंस, अपना एथिक्स, मोरेलिटी घुसा लो पिछवाड़े में यहां कुछ काम नहीं आने वाला है, पुलिस ने कह दिया चालान होगा मतलब होगा।
इजरायल की जीत की दुआ क्यों? कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक साथ निभाने की कहानी!
मैं इजरायल को जीतते हुए देखना चाहता हूं क्योंकि इजरायल ने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत का साथ दिया था.. ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, ये दोस्ती, भरोसे और मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने की मिसाल है। जब-जब भारत पर मुश्किल आई, तब-तब इजरायल ने खुलकर समर्थन किया, और यही वजह है कि दिल से दुआ निकलती है कि वो हर जंग में फतह हासिल करे।
कारगिल युद्ध के दौर में जब हालात बेहद नाजुक थे, तब इजरायल ने भारत को जरूरी सैन्य सहयोग देकर दोस्ती का फर्ज निभाया था। ऐसी दोस्ती किताबों में नहीं, इतिहास में लिखी जाती है। जो देश मुश्किल वक्त में साथ दे, उसका एहसान नहीं बल्कि सम्मान किया जाता है। इसलिए आज जब हालात बदल रहे हैं, तो दिल चाहता है कि इजरायल मजबूती से खड़ा रहे और जीत उसकी झोली में आए।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर हर अंतरराष्ट्रीय मंच तक, भारत और इजरायल की दोस्ती हमेशा मजबूत दिखाई दी है। ये रिश्ता सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि भरोसे और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक है। जब दो देश एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो वो सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि भाईचारे का संदेश देते हैं।
आज मैं खुलकर कहता हूं — मैं इजरायल को जीतते हुए देखना चाहता हूं क्योंकि इजरायल ने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत का साथ दिया था. ये भावना किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि दोस्ती के समर्थन में है। जो हमारे साथ खड़ा रहा, हम उसके साथ खड़े रहें — यही असली रिश्ता है।
अगर आप भी यही चाहते हैं तो कमेंट में जरूर बताएं आपकी एक आवाज इस दोस्ती को और मजबूत बनाएगी। मिलकर बोलिए — दोस्ती जिंदाबाद! 🙏🔥
कामुकता लड़का हो या लड़की सभी के अन्दर आज कूट कूट के भरी है, आज के समय 15 वर्ष की लड़किया प्रेग्नेंट हो रही हैं पर उन्हें ये नहीं पता होता है कि वो किससे प्रेग्नेंट होती है
पेशे से मै भारत के एक बड़े शहर में सीनियर गायनकोलॉजिस्ट हूं,
एक बार मेरे पास एक लड़की आती है जिसे पेट में हल्के दर्द की समय था वो अभी क्लास 11 में पढ़ती थी, और और महज 15 16 साल की थी,
मैने शुरुवाती जांच की तो मुझे शक हुआ कि हो सकता है ये प्रेग्नेंट है, लेकिन जब रिपोर्ट आई तो वो सच में।प्रेग्नेंट थी,
मुझे लगा कि उसके साथ किसी ने कुछ गलत तो नहीं किया इस लिए मैने कम से कम 1 से 2 घंटा उसका समय लिया और काउंसलिंग की जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि किसी ने गलत नहीं किया है
मैने कुछ दावा देके उसका भरोसा जीता और बोला 2 दिन बाद फिर आओ
आज दूसरा दिन था
वो आई
मैने बोला और कैसी हो दर्द कैसा है
उसने बोला मम दर्द ठीक है लेकिन पेट में भारी पान लगता है
मैने बोला " बेटा किसी के साथ कोई रिलेशनशिप में हो ? "
उसने बोला नहीं मम मै तो बस स्कूल जाती हूं
फिर मैने बिना समय गवाए बोला
" देखो तुम 2 3 वीक की प्रेग्नेंट हो तुम्हारा बच्चा स्वास्थ्य लेकिन डरने की बात नहीं ये बात पूरी तरह से गोपनीय है
अब तुम बताओ इस बच्चे को जन्म देना चाहती हो या दवा देके इसे साफ करना चाहती हो"
उसने बिना कुछ सोचे बोला डॉक्टर मेरी उम्र नहीं की मै बच्चे को पैदा करु इस लिए आप इसे साफ कर दीजिए
मैने बोला कि अच्छा ठीक है तो जरा उसे बुलाओ जिसका ये बच्चा है, क्यों की मुझे जरूरी काम है बिना ये जाने मै आगे नहीं बढ़ सकती
उसने बोला मुझे नहीं पता कि किसका बच्चा है ये
मैने बोला क्यों ऐसा कैसे हो सकता है,
इसे उसने बोला उसके 7 से ज्यादा लड़कों के साथ संबंध है
जिसे सुनकर मैं हैरान थी मैने उससे पूछा उसने ऐसा क्यों किया
उसने जवाब दिया पहली बार तो बस ये जानने के लिए किया था कि कैसा लगता है धीरे धीरे आदत बन गई
उसके बाद अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अलग लग लड़के कुछ भी करने को तैयार रहते थे अगर मैं अपना शरीर उन्हें सौंप दूं तो
मैने पूछा तुम्हारी ऐसी कौनसी जरूरत है जिसे पूरा करने की जरूरत है
जवाब था
I phone लेना उसका रिचार्ज महंगे रेस्टुरेंट में जाना पार्टी करना ट्रिप पर जाना ये सब कैसे होगा
मैने उसे समझाया बेटा जिंदगी में मित्र रखो लेकिन जिसके साथ सहवास करना है वो एक इंसान रहे उसपे उसका जवाब अजीब था
मैम आज फ्रेंड विद बेनिफिट का जमाना है मतलब ऐसे दोस्त जिनके साथ हम सब कुछ कर सकते हैं
यानी शारीरिक जरूरत भी पूरी कर सकते हैं
किसी से कोई कमिटमेंट नहीं और एंजॉय पूरा
खैर मेरे पास जवाब में कुछ नहीं था मैने उसे सलाह दी कि ये सब मत करो और बार बार नाचे साफ करना जानलेवा है
वो वहां से गई लेकिन साल भर में ना जाने कितनी ऐसी लड़कियों आगई जो सिर्फ ये चाहती थी कि उनके बारे में किसी को पता ना चले और ये उनकी प्रेग्नेंसी भी खत्म हो जाए
मेरा सवाल बच्चों से नहीं उनके मां बाप से क्या आप पैसे कमाने में इतना बिजी है कि बच्चे क्या कर रहे कहां जा रहे आप को नहीं पता ??
और मा से भी आजकल की मां मोबाइल में इतना बिजी है कि। उन्हें होश नहीं की उनकी बेटियां और बेटे कहां जा रहे हैं क्या कर रहे हैं
क्या कभी अपने जानने की कोशिश की आप की बेटी जो मोबाइल इस्तेमाल कर रही है उसकी कीमत क्या है
??
अब मैं इसे पढ़ने वालो से पूछती हूं समाज में फैल रहे इस नासूर का जिम्मेदार कौन है ??
आज कल की फिल्म या सोशल मीडिया पे फैली गंदगी ?? अपना जवाब दीजिए