@NayabSainiBJP अब तो सब जनता जनार्दन के हाथ में है वो किसे अब यह भलाई करने का सौभाग्य देती है। जायज हक के लिए भी बार बार धक्के खाएं हैं। जो वेतन वर्द्धि पूर्व की सरकारों में हर 3 वर्ष के अंतराल में स्वतः ही हो जाती थी वो मौजूदा भाजपा सरकार के 10 साल के शासनकाल में केवल 2 बार ही हुई है।
@NayabSainiBJP मुख्यमंत्री जी अब तो बात आपके हाथ से बहुत दूर जा चुकी है। ईश्वर ने आपको जनता की भलाई करने का सौभाग्य दिया था लेकिन अफसोस आप भलाई नहीं कर सके। Hartron IT प्रोफेशनल ने अपनी वेतन वर्द्धि के लिए आपसे कई बार गुहार लगाई लेकिन आपका एक बार भी मन नहीं पसिचा। मामले की जांच तो करवाते।
@vipin9293@imchetan_n@NayabSainiBJP This is a matter of grave concern. Govt must look into this matter seriously and direct the concerned to resolve it at the earliest..
@imchetan_n@NayabSainiBJP हमारी पे रिवीजन की फाइल पिछले 2 साल से विभिन्न विभागों के चक्कर काट रही है। अधिकारीगण अनावश्यक आपत्ति लगाकर मामला उलझा रहे हैं कृपया शीघ्र संज्ञान लेकर फाइल निकलवाई जाए। यह हमारा जायज हक है। वेतनवृद्धि हमेशा तय समय पर होनी चाहिए लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार में बेवजह लटकाया गया है।
@BJP4Haryana आदर्श आचार संहिता में कब से भर्तियों के रिजल्ट निकलने लगे। यदि ये सब प्रोसेस जारी रहे तो किस बात की आचार संहिता रह जायेगी। यदि आप विपक्ष में होते तो आपकी भी यंही प्रतिक्रिया होती। ये तो चुनाव आयोग की गलती है जो उन्होंने अचार संहिता में भर्ती करने पर शुरू से ही रोक क्यों नहीं लगाई
@nnbeniwal@NayabSainiBJP@cmohry @HartronItpro @DeependerSHooda@BhupinderShooda HKRN एवं ऐसे अनुबंधित कर्मचारी जो बिना किसी वैध प्रोसेस के लगाए गए थे केवल उनके लिए ये ऑर्डिनेंस लाया गया है। Hartron, पार्ट-2 एवं अन्य ऐसे कर्मचारी जो सरकार के जायज प्रोसेस से सभी मापदण्ड पूरे करके भर्ती हुए हैं उनका तो बेड़ा गर्क कर दिया। Skill, Unskilled सब बराबर कर दिए।
@cmohry HKRN एवं अन्य अनुबंध कर्मचरियों के लिए तो अपने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया सीएम साहब। लेकिन Hartron के माध्यम नियुक्त कर्मचारियो, पार्ट-2 इत्यादि का तो आपने नुकसान कर दिया। आपने तो सब बराबर मान लिए। पिछले 2 सालों से वेतन वर्द्धि की फाइल दबा के बैठ गए और अब ये झुनझुना दे दिया।
@cmohry म्हारा सीएम तो म्हारे साथ कोनी। Hartron के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की ना तो सैलरी बढ़ाई जा रही है और न ही नियमित करने बारे कार्यवाही की जा रही है। यदि म्हारा सीएम हमारी समस्या समझते हैं तो हमारी समस्याओं का शीघ्र निदान करने की कृपा करें।
@cmohry@ranjitchautala@DHBVNL मैंने हमेशा तय समय से पहले ही बिल भरा है। लेकिन अब विभाग द्वारा एक बेवजह का बिल थमा दिया गया है। जबकि मैंने 15.03.2024 को अपना अंतिम बिल भरा है। लाखों रुपये के डिफाल्टर मौज करते है और समय पर बिल भरने वाले परेशान किया जा रहा है।
विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि आपकी 2020 से मीटर रीडिंग सही नहीं भेजी गई हैं जबकि अब हैंड मशीन से हाथों हाथ मीटर रीडिंग देखकर ही बिल बनाया जाता है। यदि किसी स्तर पर कमियां रही है तो मीटर रीडिंग नोट करने वाली कम्पनी से जुर्माना वसूला जाए। उपभोक्ता को ये दंड क्यो दिया जाए।
@cmohry Harton के माध्यम से नियुक्त IT प्रोफेसनल की सैलरी बढ़ोतरी की फाइल पिछले 1 साल से अनावश्यक आपत्तियां लगाकर लंबित की गई है। अब अचार संहिता लग जायेगी हम फिर खाली हाथ रह गए हैं। जबकि इस मंहगाई के दौर में हमें सरकार से इस विषय में बहुत आशाएं थी। सरकार हमारी भी सुध ले।
@DiprHaryana@NayabSainiBJP Hartron से नियुक्त IT प्रोफेशनल की सैलरी रिवाइज की फाइल पिछले 1 साल से लंबित है। क्यों अनुबंध आधार पर नियुक्ति देकर युवाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। 12 सालों की सर्विस के बाद भी भविष्य अंधकारमय है। सरकार की उदासीनता के कारण नियमितीकरण पॉलिसी नहीं लाई जा रही है।
नवनियुक्त मुख्यमंत्री जी से हम आशा करते हैं कि हमारी नियमितीकरण की मांग व अन्य मुद्दों पर शीघ्र विचार करने की कृपा करें। सरकार द्वारा हमारा मामला कोर्ट में लटकाकर हमारा भविष्य अंधकारमय कर दिया गया है। पिछले 11 से 12 वर्षों की सेवाओं के बावजूद हमें हमारा हक नहीं दिया जा रहा है।
@cmohry राज्य सरकार द्वारा सभी कर्मचारियों व पेंशनर को मंहगाई भत्ते का तोहफा दिया गया है। लेकिन क्या महंगाई केवल नियमित कर्मचारियों के लिए है अनुबंधित कर्मचारियों के लिए कोई महंगाई नहीं है। क्या हमारे पारिवारिक दायित्व नहीं है। हर बार सरकार द्वरा लगातार हमारी अनदेखी की जाती है।
लेकिन अब 3 की बजाय 4 सालों में भी सैलरी रिवाइज नहीं की जाती है। हमें न मंहगाई भत्ता मिलता है न ही अन्य कोई भत्ते व सुविधाएं। अब कल चुनाव आयोग द्वारा आम चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी और आचार संहिता के कारण हमें फिर से अपने अनुबंध रोजगार का खमियाजा भुगतना पड़ेगा।