@MamtaTripathi80 मैडम, यह वही इंसान है, जिसने महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या मासिक धर्म में आने वाली परेशानी को लेकर लाल किले की प्राचीर से संबोधन किया था।
युवाओं के लिए तो बहुत कुछ है। आप पेड प्रमोशन को छोड़कर तो देखें।
@MamtaTripathi80@MamtaTripathi80 आप हर बकचोद को सम्मान देती जा रही हैं। आपको क्या नहीं पता है कि ये मोदी का धुरविरोधी है? इससे मोदी के लिए सम्मान की अपेक्षा की जाएगी? अगर आप पीआर का पैसा नहीं लेती हैं तो कम से कम आपके लिखने से पता चले न कि आप ऐसा नहीं करती हैं।
रुझान आने लगे हैं। सवर्णों के प्रति दीवारों पर लिखे भाषणों से उनके सार्वजनिक रेप और हत्या की धमकी से आगे बेटियाँ माँगने और न मिलने पर हत्या होने लगी है। 15 साल की लड़की पर जबरन विवाह का दवाब, छेड़ना और SC/ST एक्ट की धमकी। मोदी की लगाई विषबेल है ये।
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
▪️1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
▪️2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
▪️3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
▪️4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
▪️5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
▪️6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
▪️7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
▪️8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
▪️9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
▪️10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
▪️11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
▪️12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई-देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी,पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है।अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है।तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
सादर धन्यवाद पढ़ने के लिए !!🙏
-साभार
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा OBC आरक्षण बढ़ाने की मांग की सपोर्ट में बनवाये गए BRAUSS रिपोर्ट में लिखा है-
OBC वर्ग के पढ़ाई नहीं करने की वजह है:
-पैसों की कमी
-Awareness की कमी
-नौकरी नहीं करने की इच्छा
-संस्थाओं से दूरी
तो ये क्या OBC आरक्षण बढ़ाने की वाजिब वजह है?
#SaveMeritInMP
Exploring the Agro-Tourism Potential of Pollachi 🌴
Pollachi stands as a shining example of how agriculture and tourism can come together to create sustainable livelihoods and unforgettable visitor experiences. Known as the Coconut Capital of Tamil Nadu, this fertile region is blessed with lush green farmlands, traditional farming practices and the majestic backdrop of the Western Ghats.
As Tourism Minister, I had the opportunity to witness firsthand the immense agro-tourism potential of Pollachi, from sprawling coconut and banana plantations to organic farming methods and farm-to-table experiences that celebrate our rural heritage.
Agro-tourism not only offers travelers a chance to reconnect with nature, but also empowers our farmers by creating new income avenues. Visitors can experience traditional village life, participate in farming activities, enjoy local cuisine prepared from fresh produce, explore cattle farms, taste tender coconut straight from the grove and stay in eco-friendly farm stays.
This model of tourism promotes:
✔️ Sustainable travel
✔️ Rural entrepreneurship
✔️ Women self-help groups
✔️ Youth employment
✔️ Direct farmer-tourist engagement
Pollachi has the potential to emerge as a national model for agro-tourism, showcasing how tourism can be inclusive, responsible and rooted in our cultural values.
Let us continue to strengthen rural tourism, celebrate our farming community.
@PMOIndia@tourismgoi@MinOfCultureGoI
#Pollachi #AgroTourism #RuralTourism #SustainableTourism #FarmTourism #TamilNaduTourism #IncredibleIndia #VillageLife #FarmerFirst #GreenTourism #WesternGhats #TravelWithPurpose
दिल्ली ब्लास्ट के बाद
NSA अजीत डोभाल का जी ने बेहद इम्पोर्टेन्ट बात बोली
"सोशल मीडिया पर सबसे पहले प्रतिक्रिया दें। झूठा नैरेटिव 4 घंटे के भीतर आता है, उसे सच से दबा दें। भारत में देशभक्तों की कोई कमी नहीं है।"
अजीत डोभाल✊