14 अप्रैल मेरे लिए सिर्फ एक तारीख नहीं है। B. R. Ambedkar को याद करने का दिन है—एक ऐसे इंसान को, जिनकी सोच आज भी हमें खुद से सवाल करने पर मजबूर करती है।
उनकी एक बात हमेशा दिल को छूती है—कि किसी समाज की असली पहचान उसकी महिलाओं की स्थिति से होती है। यही सोच हमें रोज़ अपने आसपास देखने, समझने और थोड़ा बेहतर करने की जिम्मेदारी देती है।
“शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो”—ये सिर्फ नारा नहीं, बल्क�� एक रास्ता है, जिसे अपनाने की ज़रूरत आज भी उतनी ही है।
उनकी सोच आज भी हमें रास्ता दिखाती है—थोड़ा और न्यायपूर्ण, थोड़ा और बराबरी वाला समाज बनाने की दिशा में।
- Ashwani Arya, RLD Sarathi Intern
आश्चर्यजनक परंतु सत्य..
पुतीन अमेरिका पहुंच रहे है, ट्रंप से बातचीत करेंगे। युद्ध विराम तक का समझौता भी संभव है और, इस पुरे खेल के केंद्र में कोई है तो वो भारत है।
ये है नये भारत की ताकत, नये भारत की नई तस्वीर। 🇮🇳
पिछले 11 वर्षों से लगातार बागपत के दैनिक रेल यात्रियों द्वारा की जा रही मांग के पूर्ण होने पर, रेल पैसेंजर्स एसोसिएशन, बागपत द्वारा मुझे जनता एक्सप्रेस एवं दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस में डिब्बे बढ़व��ने के लिए ��न्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।
ग्राम टटीरी (बागपत) में स्वर्गीय श्री रणबीर सिंह जी की 13वीं पर शोक प्रकट करने पहुंचा।
तत्पश्चात ग्राम नंगला मूसा में विपिन प्रधान जी की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती नीलम देवी जी के असामयिक निधन पर शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात कर बागपत, मेरठ और मोदीनगर की शुगर मिलों द्वारा गन्ना किसानों के बकाया भुगतान में की जा रही लापरवाही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
देश में जातिवाद चरम सीमा पर है
देश को जातिवाद छोड़ना पड़ेगा, अगर जातिवाद नहीं छोड़ा तो देश कमजोर हो जाएगा मेरे आदर्श भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने हमेशा कहा है जाति की बात करना देश के लिए कलंक है