पटना के माफियाओं के बीच लड़ाई में गंवारों के लिए कुछ प्रश्न जो करना चाहिए। मुस्लिम-यादव करने से बचिए, राज्य-अंतरराज्यीय करने से बचिए।
सवाल यह होना चाहिए कि अगर तुम शिक्षक हो तो माफियाओं जैसे वादे, चाल-ढाल और अंगरक्षक क्यों रखते हो ?
सलेक्टेड कंडीडेट को ट्रेनिंग से पहले ही उसे करप्ट क्यों बनाते हो ?
उसे थार, बुलेट, भोज, महंगे गिफ्ट, लंगर या मेहमानों जैसा ट्रीट क्यों देते हो ?
झूठी कहानी, मोटिवेशन क्यों सुनाते हो ?
आइए मुद्दों पर आते हैं।
अपनी वर्चस्व की लड़ाई में मूर्ख ग्वार विद्यार्थियों को ढाल क्यों बनाते हो ?
झूठ क्यों बोला ? 8-10 राउंड गोलियां तुम्हारे आंखों के सामने चलीं ?
107 करोड़ ठुकराने वाली कहानी क्यों सुनाते हो ?
70वीं बीपीएससी प्रोटेस्ट में सबूत देने का वायदा किया, वो अभी तक क्यों नहीं दे पाए ?
बिहार सहित पूरे भारत में ऐसा माहौल क्यों बना रहे हो कि लोग सिर्फ शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि आपकी बकचोदी सुनने के लिए आपका वीडियो देखें, कोर्स खरीदें ?
बिहार के हर मंत्री के साथ फोटो खिंचवाया, जो कि गलत था। अगर बिहार में पेपर लीक होता है तो इसका जिम्मेदार आप भी हैं, आपको मानना होगा।
सरकार से सांठगांठ है तो जो पेपर लीक होता है, उसे रद्द क्यों नहीं करवाते ?
जाति, धर्म, क्षेत्र और भावनाओं का धुआं छोड़कर इन सवालों का जवाब दीजिए। अगर आप शिक्षक हैं, तो शिक्षक की तरह जवाब दीजिए; अगर नेता हैं, तो खुलकर नेता बन जाइए। लेकिन शिक्षा के नाम पर व्यक्तिपूजा और चमत्कार बेचने का कारोबार कब तक चलेगा ?
#patnacoachingmafia
@askshivanisahu बात जब अपने पर आती है तब इन नेता जी लोगों को कमियां दिखती हैं,बाकी एक आम इंसान प्रतिदिन ऐसे पता नहीं कितने परेशानियों से जूझ रहा है। बाकी ऐसी घटना किसी के साथ न हो
आइए पूरा खेल समझते हैं।
करोलबाग के एक कोचिंग संस्थान ने दावा किया कि UPSC प्रिलिम्स के 82 प्रश्न उसके कंटेंट से आए। सुनने में यह उपलब्धि लगती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सचमुच ऐसा हुआ ?
हुआ ये कि प्रिलिम्स परीक्षा होने के बाद प्रश्नपत्र देखा गया, फिर पुराने ऑनलाइन कंटेंट में एडिटिंग कर तारीखें बदली गईं। इतना ही नहीं, पुराने कंटेंट को हटाकर परीक्षा में पूछे गए विषयों से हु-ब-हू वहीं कंटेंट डाल दिए गए।
इसके बाद प्रचार शुरू हुआ कि हमारे कंटेंट से 82 प्रश्न आए हैं।
आप इस संस्थान के डेवलपर टूल्स में जाकर देखेंगे तो एडिटिंग की तारीख साफ दिख रहीं हैं।
यह बिल्कुल लोगों के आंखों में धूल झोंकने जैसा है।
और यह कोई अकादमिक उपलब्धि नहीं बल्कि अभ्यर्थियों की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश है। उद्देश्य केवल इतना है कि नए छात्र यह मान लें कि UPSC के प्रश्न यहीं से आते हैं और भारी संख्या में दाखिला लें।
UPSC की तैयारी ज्ञान, मेहनत और ईमानदारी से होती है, एडिट किए गए स्क्रीनशॉट और बदली हुई तारीखों से नहीं। अभ्यर्थियों को दावों से नहीं, तथ्यों और प्रमाणों से प्रभावित होना चाहिए।
#UPSCPreparation
#upsc
मुझे भी लगता है कि पुरुषों ने ही AC, फ्रिज , कारखाने, गाड़ी, खेती, ईंट, फोन, इंटरनेट, तेल आदि सब का अकेले ही इस्तेमाल किया है।
बेचारी महिलाएं तो आज भी जंगलों में आदिमानव की तरह जीवन यापन करती हैं।
पुरुषों को मंगल ग्रह पर भेज दीजिये, चलो मैं अपना बोरिया बिस्तर बांध लें रहा हूँ।
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एक जरूरी सूचना।
कोई भी भोला-भाला विद्यार्थी किसी भी शिक्षक, कोचिंग संचालक या तथाकथित शिक्षा-नेता के समर्थन में सड़क पर उतरकर नारेबाज़ी न करे। शांति बनाए रखें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। जिन गलतियों के कारण अब तक समय और प्रयास बर्बाद हुए हैं, उन्हें सुधारने का यही सही समय है। यदि माहौल लगातार विषाक्त हो रहा है, तो कुछ दिनों के लिए घर जाकर पढ़ाई करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।
याद रखिए, जब शिक्षकों और कोचिंग कारोबारियों की आपसी लड़ाई चरम पर होती है, तब सबसे आसान शिकार विद्यार्थी ही बनता है। भावनात्मक भाषण, लाइव वीडियो, सोशल मीडिया अभियान और नाटकीय बयानबाज़ी के बीच आपका करियर कहीं पीछे छूट जाता है।
तथाकथित शिक्षा-माफियाओं से भी कहना है
कि अपनी निजी लड़ाइयों में मूर्ख विद्यार्थियों को ढाल बनाना बंद करें। जिन छात्रों के भविष्य की बात करते हैं, कम से कम उन्हें अपनी शक्ति-प्रदर्शनी का हथियार मत बनाइए।
और उन चुनिंदा प्रभावशाली लोगों से भी प्रश्न हैं यानि हरामखोर सेलेक्टेड लोग जो कभी रील, कभी फोटो और कभी मंच साझा करके इन शिक्षा-व्यापारियों का महिमामंडन करते रहे हैं।
इन सलेक्टेड लोगों ने बुलेट लिया ,एक पेट खाने के लिए,एक गिफ्ट के अपना ईमान बेच दिया।
यदि वास्तव में छात्रों की चिंता है तो प्रचार तंत्र का हिस्सा बनने के बजाय सच बोलिए। विद्यार्थियों को भ्रमित करना बंद कीजिए।
विद्यार्थी किसी का सैनिक नहीं है। विद्यार्थी का काम पढ़ना है, किसी गुट की भीड़ बनना नहीं।
#awareness
#patnacoachingwar
@Atleti@SEFutbol@marcosllorente Debut en la Copa del Mundo ✅
90 minutos jugados ✅
Portería a cero ✅
Nada mal para que Marcos Llorente se presente en el escenario más grande del fútbol..
क्या आप जानते हैं कि यहीं वो आदित्य L5 है जो रॉकेट की मदद से सीधे सूर्य की कक्षा में भेजा जा रहा है।
देखना अभी कुछ विरोधी लोग आकर कहेंगें कि ये बैटरी वाली फुरफुरिया यानी टिर्री यानी ई रिक्शा है...
बिजली का कड़कना और पेड़ों पर गिरना कितना ख़तरनाक़ हो सकता है वो देखिये आप।
इसलिये ही तो कहा जाता है बारिश होने पर कभी भी पेड़ों के नीचे न रहें।
दरअस्ल lightning होने पर वो सबसे ऊँची चीज़ को रास्ता बनाता है ज़मीन पर आने के लिये सो खुले आसमान के नीचे न रहे
"सबके पापा हैं, लेकिन
आप शराब पीकर म₹ गए "
"पापा आप दारू क्यों पीते थे,
अब हमें छोड़कर क्यों चले गए.?"
एक मासूम छोटी बच्ची अपने पिता की
तस्वीर से बात करते हुए !
नशा सिर्फ एक व्यक्ति को बर्बाद नहीं करता,
बल्कि उसके पीछे छूट गए पूरे परिवार को
भी तोड़ देता है 💔
नशा नहीं, अपने परिवार को चुनिए..!!