आज से हमारी #रामायणयात्रा प्रारंभ हुई।
अगले तीस दिनों में यह यात्रा प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों और पड़ावों से होकर गुजरेगी।
इस यात्रा का विचार मन में बहुत पहले से था, लेकिन संयोग ऐसा बना कि करीब दो सप्ताह पहले एक बातचीत के दौरान अचानक इसे करने का निर्णय हो गया।
यह यात्रा किसी बहुत बड़ी आध्यात्मिक उपलब्धि को अर्जित करने के उद्देश्य से नहीं है। बस मन के किसी कोने में हमेशा से प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़े स्थानों को करीब से देखने-समझने, राम कथा को एक बार फिर मन में उतारने, उसके प्रसंगों और उनसे जुड़ी लोककथाओं को जानने और उन सबको वहीं जाकर महसूस करने की इच्छा रही है।
इसीलिए इस यात्रा की पूरी प्लानिंग से लेकर आज घर से निकलते समय तक मन बहुत-सी भावनाओं से भरा हुआ है।
बाकी आगे का रास्ता प्रभु ही पूरा करवाएंगे।
समय-समय पर आपसे इस यात्रा का विवरण साझा करता रहूंगा।
जय सियाराम 🙏
#RamKiKhoj #GenZKeRam #30Din30Sawal
गृहमंत्री अमित शाह जी वो इंसान हैं, जिनका नाम सुनकर सारे आतंकवादी और उग्रवादी कांप उठते हैं। जिस दिन यहां चर्चा शुरू होगी और गृहमंत्री अमित शाह जी का जब जवाब होगा तो आप लोग सुन नहीं पाएंगे।
— माननीय श्री @KirenRijiju जी
देखिए, मैं एकदम स्पष्ट करता हूं। इससे पहले भी अनेक छात्र आंदोलन हुए।
इमरजेंसी का आंदोलन बहुत भयानक परिस्थितियों में था, सबको उठा-उठाकर जेल में डाल दिया गया था। लेकिन उस समय युवाओं के मन में अपने नेतृत्व के प्रति विश्वास था। इसलिए युवा जयप्रकाश नारायण जी, चौधरी चरण सिंह जी, चंद्रशेखर जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी के पास गए।
आज सवाल यह है कि युवा विपक्ष के पास क्यों नहीं जा रहा? क्योंकि उसे विश्वास नहीं कि विपक्ष उनके विषय को ईमानदारी से उठाकर समाधान दिला सकता है।
आज अगर यदि बच्चे गुमराह हो रहे हैं, तो समाज के साथ-साथ माता-पिता को भी सजग रहने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री जी ने परिवार के अभिभावक के रूप में भारतीय परंपरा की उस सूक्ति का पालन किया “क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात।”
आज जो गलती हुई है, वह नौजवान तो भटका हुआ नौजवान है। मगर उससे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत उस सत्ता की लालच में पक्की दाढ़ी वाले, लटके हुए नौजवान से है। लालच में लटका हुआ नौजवान ज्यादा खतरनाक है, इसलिए बच्चों को उनसे बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
लिब्रांडू और मुल्ले इसे पसंद न करें।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “जिन्हें गोमूत्र से आपत्ति है, उन्हें जानना चाहिए कि इसके औषधीय और जैव-वर्धक गुणों पर अमेरिका और ब्रिटेन में पेटेंट मौजूद हैं।”
आज राज्यसभा में Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। नेता प्रतिपक्ष खड़गे जी ने गृह मंत्री माननीय श्री @AmitShah जी के लिये बहुत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह वैसी ही मिलती-जुलती अभद्र भाषा है , जैसी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी लोकसभा में करते हैं।
यह कांग्रेस की क्षुद्र मानसिकता, पराजित मानसिकता और फ्रस्ट्रेटेड होने के बाद उसकी कुंठा का परिचय है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की प्रति पराजय की कुंठा दिखाई गई।
हम उनसे कहना चाहेंगे कि चुनावी मैदान में होने वाली अपनी शिकस्त का इंतकाम प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी के विरुद्ध इस ढंग के निंदनीय शब्दों से लेने की कोशिश सफल नहीं होने वाली है।
आप निरंतर जनता के द्वारा नकारे जा रहे हैं। उसके बाद यदि आप सोचते हैं कि इस ढंग की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करके आपको कोई सफलता मिलेगी, तो मैं कह सकता हूं कि अभी तो आप सरकार से उतरे हैं, इस तरह की भाषा के द्वारा आप जनता की नजरों से भी उतर जाएँगे।