नीट का exam फिर से हो गया। एडमिशन भी हो जाएगा। लेकिन अनुसुचित जाति के संगठनों से एक प्रश्न है कि उन्होंने इस बात पर कितना ध्यान दिया कि;
"बहन कुमारी मायावती जी ने स्पेशल कम्पोनेंट प्लान अनुसुचित जाति के कल्याण के लिए रखे फंड से जो चार मेडिकल कॉलेज सहरानपुर, जालौन, अम्बेडकरनगर, कन्नौज में बनाये थे, उनमे एडमिशन बहनजी द्वारा दी गयी व्यवस्था से होंगे या फिर आर्टिकल 30 में विशेष आरक्षण प्राप्त साबरा अहमद व उनके यादव वकील द्वारा हाईकोर्ट से रद्द करवाए अनुसार होगा?"
1.इन चारों मेडकिल कॉलेज में 340 के लगभग शीट है।
2.बहनजी ने मुस्लिम के आर्ट��कल 30 में मेडिकल, इंजीनियरिंग या किसी भी प्रकार के अल्पसंख्यक संस्थान में अल्पसंख्यक के लिए आरक्षित 50% शीट की तर्ज पर इन चारों संस्थान में 70% सीट एससी व 20 शीट एसटी के लिए लिए आरक्षित करी थी। जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया ओर राज्य सरकार ने स्वीकार करके 70% से सीधा 21% पर ला दिया। जब हम लोगो ने विरोध किया तब इस साल की छूट देकर सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी दी।।
3.बहनजी के अनुसार एडमिशन पर =
एससी = 248 शीट
एसटी = 20 शीट
ओबीसी = 44 शीट
सामान्य = 20 शीट
4.साबरा अहमद व यादव वकील की पिटीशन पर निर्णय के बाद स्तिथी यह है कि;
एससी = 340 का 21% = 68 शीट
अथार्त नुकसान है;
248-68 = 180 शीट का है।
5.आप समझ सकते है कि मेडिकल की एक एक शीट कितनी कीमती होती है।।अनुसुचित जाति के 180 डॉक्टर कम बनेंगे।
इंहा ध्यान देने वाली बात है कि यह मेडिकल कॉलेज अनुसुचित जाति के कल्याण के लिए रखे फंड से बने थे। जिसमे एससी से अलग ओबीसी, एसटी, सामान्य तक को शीट दी गयी। इसलिए इसके लिए राज्य सरकार से कोई विशेष फंड नही allot हुआ जिससे साबरा अहमद या अन्य को दिक्कत होती।
6.अब बहनजी ने सत्ता में रहते एससी के लिए कार्य कर दिया। उन्हें बचाने की जिम्मेदारी एससी समाज व उनके संगठनों की है। एससी के अधिकतर सन्गठन ऐसे मामलों पर गायब मिलते है। इंहा तक कि;
"चन्द्रशेखर से लेकर चिराग पासवान व अन्य अम्बेडकर के नाम पर सभा/महासभा वाले दलित नेता तक इसपर कोई बयान देते नही दिखते"
7.अब नीट में एडमिशन होने वाला है। इन 4 संस्थान में किस प्रकार एडमिशन होंगे यह पूछने वाला कोई नही है?
मजेदार बात यह है कि;
"अधिकतर अपने घर मौज मस्ती करते हुए मुझे कहते है कि आप क्यो नही रिट दाखिल करते। जबकिं यह मामला मेने ही वायरल किया, जिसके क��रण राज्य सरकार को डबल बैंच से आदेश पर रोक लगवाकर 1 साल की छूट दिलवाई गयी व असीम अरुण ने बताया कि इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे है। नही तो मामला ही सामने नही आ पाता। अब;
"घर बेचकर इसी काम मे लगा दूँ क्या। मतलब मेने इतना बड़ा नुकसान बताया तो यह मेरी ही जिम्मेदारी है कि इसे में ही देखूं"
अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गए या नही। अगर गए तो निर्णय ��क किस प्रकार एडमिशन होंगे, इसकी किसी को जानकारी नही है"
विकास कुमार जाटव
मुस्लिम और पिछड़े और अति पिछड़े के भाइयों अगर भाजपा को रोकना है तो BSP के साथ आ जाओ क्योंकि बसपा के साथ आज देश की सबसे मजबूत कौम खड़ी है जाटव (चमार).
मैने मजबूत कौम क्यों कहा आज के परिपेक्ष में है क्यों?
क्योंकि भाजपा जितने भी बिल पास कराना था संसद में सब करा लिए लेकिन आप लोगों ने देखा होगा बीजेपी ने SC/ST में संशोधन किया था उसके बाद पूरा जाटव समाज सड़क पर था 2 अप्रैल 2018,
सरकार को हम लोग घुटनों के बल ला दिए थे।
बस जाटवों (चमारों) को छोड़कर आप कितने भी तुर्रम खां हो भाजपा वाले सबको टाईट कर दे रहे है।
इसी लिए आप सब की भलाई हमारे साथ जुड़ के है।।
आज छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज की जयंती है, एक ऐसे महापुरुष को याद करने का दिन, जिन्होंने अपने समय से बहुत आगे की सोच रखी।
1902 में, जब देश का बड़ा हिस्सा जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता से जूझ रहा था, तब शाहू जी महाराज ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू कर यह साबित किया कि सत्ता का असली उद्देश्य समाज के आख़िरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय दिलाना होता है, न कि केवल कुछ लोगों के हितों की रक्षा करना।
मैं मानता हूँ कि हर पीढ़ी को बराबरी की लड़ाई अपने तरीक़े से लड़नी होती है। शाहू जी महाराज ने अपनी पीढ़ी की लड़ाई पूरी ईमानदारी से लड़ी। आज जब संविधान, आरक्षण और समान अवसर जैसे सवालों पर बहसें फिर से तेज़ हैं तो उनका जीवन हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र की ताक़त उसके सबसे ऊँचे पदो�� से नहीं, उसके सबसे आख़िरी नागरिक के साथ हुए व्यवहार से मापी जाती है।
आज सिर्फ़ श्रद्धांजलि देना काफ़ी नहीं है। उनके अधूरे काम को आगे बढ़ाना हर वंचित और पिछड़े व्यक्ति तक शिक्षा, सम्मान और बराबर अवसर पहुँचाना ही शाहू जी महाराज के लिए हमारी असली श्रद्धांजलि होगी।
छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज को मेरा कोटि कोटि नमन।
जिला महामाया नगर (हाथरस) की सादाबाद विधान सभा से डॉ0 अविन शर्मा ने ताल ठोक दी है।
डॉ0 अविन शर्मा,पूर्व मन्त्री रामवीर उपाध्याय के विकल्प के तौर पर मैदान में उतर चुके हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में डॉ0 अविन शर्मा सादाबाद विधान सभा से चुनाव लड़ चुके हैं।
आने वाले समय में,पश्चिमी यूपी में मथुरा के श्याम सुंदरता शर्मा के बाद डॉ0 अविन शर्मा ब्राह्मण वर्ग का बड़ा चेहरा होंगे।
ब्रेकिंग न्यूज़ :- लखनऊ कोचिंग हादसे में मरने वाले प्रत्येक मृतक को यूपी की पूर्व CM, बसपा प्रमुख ने 10 लाख रुपए की सहायता देने का संकल्प लिया है
बसपा प्रत्येक मृतक को 10 ल��ख दे रही हैं जबकि सरकार केवल 2 लाख दे रही हैं इसी से सरकार का चेहरा पता चलता हैं कि वर्तमान सरकार दिखावा
ये बेहट विधानसभा से रोहित सिंह राणा है
आप इनके कद का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि बहन जी इनके सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दे रही है , क्योंकि बहन जी इस ��रह से बहुत कम लोगों को आशीर्वाद देती है अपना
मतलब प्रत्याशी तगड़ा है
मुस्लिम पार्टी को सपोर्ट करे तो बहुजन पार्टी
ब्राह्मण सपोर्ट करे तो ब्राह्मण पार्टी
सूअर के बच्चो सुधर जाओ
बसपा सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।
जय भीम जय बसपा 🐘
बहुजन समाज पार्टी के अम्बेडकरनगर में काफी बड़ी रैली हुई। यह जिला स्तर की रैली थी, लेकिन इतनी भारी भीड़ थी कि सड़के जाम हो गयी।। अब इससे नींद उड़ना लाजमी था। सपा व अन्य ने भाई चन्द्रशेखर के पदाधिकारियो को पुश किया जिससे वो दो दिन से;
"मंच पर ब्राह्मण द्वारा शंख बजाने पर हाय हाय कर रहे है"
अरे भाई। मान्यवर कांशीराम साहब कहते थे कि;
"हम लेने वाला नही बल्कि देने वाला समाज बनाएंगे"
यह केवल एक नारा नही बल्कि पुरी परिभाषा को प्रदर्शित कर रहा है। जिसमे;
"ब्राह्मण नेता अब चाहे कॉग्रेस हो या भाजपा का वो हाथ जोड़कर जय भीम आपके मंच से व���ट लेने के उद्देश्य से कह सकता है। बसपा वोट के लिए मंच से ब्राह्मण से शँख काहे नही बजवा सकती"
प्रश्न : क्या बसपा दलित नेता स्वयं बजा रहे है?
उत्तर : नही। बसपा वैसे भी "मानवतावादी" सिद्धान्त पर चलती है। जिसमे दूसरे की भावनाओ की कद्र करती है। इसलिए दुसरो को बजाने देते है। उनकी भावनाओं की कद्र कर रहे हैं । क्या बसपा को वोटो के लिए इसे नही करना चाहिए?
जबकिं चन्द्रशेखर स्वयं मुस्लिम टोपी पहनकर व झंडी लेकर निकल पड़ते है।
अब चन्देशखर की पार्टी न तो राज्य स्तर पर रजिस्टर्ड है क्योंकि वोट कंही 200, कंही 500 मिले थे। लेकिन उनका पूरे दिन में एकमात्र टारगेट;
"बसपा, बसपा और केवल बसपा रहती है"
बसपा ने जितना अचीव किया, वो भाई चन्द्रशेखर का है। उन्हें इससे बढ़कर सपा व कोंग्रेस, भाजपा पर हमले करना चाहिए।
विकास कुमार जाटव
🗣️ **बहुत-बहुत धन्यवाद बहन जी 🙏**
बहन कुमारी मायावती जी ने बेहट विधानसभा सीट से **रोहित सिंह राणा** जी को BSP उम्मीदवार बनाया है।
राणा जी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं, जनता की समस्याओं को उठाते रहे हैं और अब बहुजन समाज की आवाज बनकर विधानसभा पहुंचेंगे।
**2027 में बेहट की जीत तय है!**
**जय भीम! जय ब��ुजन!** 💙
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