मौसम की खराबी, भारी वर्षा के कारण जिला नैनीताल में बच्चों के लियें तो स्कूलों में अवकाश कर दिया जाता है, परन्तु अधिकतर निजी विद्यालय अपने यहाँ के शिक्षकों को विद्यालय बुलाते हैं। क्या भारी बारिश, खराब मौसम का कोई प्रभाव शिक्षकों पर नहीं पड़ता ! कृपया संज्ञान लें।
@DmNainital
@Dr_MonikaSingh_ एक बूढ़ा आदमी अगर इतनी ठंड में मात्र जिद और दिखावे के लियें गर्म कपड़े नहीं पहनता तो ये उसकी महानता को दर्शाता है या मूर्खता को ! और इन दिखावों से अंग्रेजों को क्या फ़र्क पड़ गया ! और क्योंकि ये विलायत में बहुत ठंड में भी अर्ध नग्न अवस्था में घूमते थे इसलिए उन्हें आदर्श माने !
@TejashwiYdvRJD@Kanchanyadav000@priyanka2bharti भाई, तुम्हारा बोरिया बिस्तर बंधवा दिया इन कर्कशा शेरनियों ने, बात फिर भी तुम्हारी समझ में नहीं आ रही ! लेकिन हमें तो धन्यवाद करना चाहिये इन कथित शेरनियों का जो कि इन्होंने अपनी कर्कश वाणी के द्वारा तुम्हारा असली चेहरा जनता को दिखाया जिससे जनता को एहसास हो गया तुम्हारी असलियत का।
@CommonBS786OM शांति (Peace) बहुत सस्ती हो गयी है, पहले शांति की कीमत अपने परिवार के सदस्यों की जान देकर चुकानी पड़ती थी(वो भी खासकर हिंदुओं को), क्योंकि जगह जगह बम विस्फोट होते थे। अब इस्लामिक आतंकियों का सफाया हो गया है, तो बम विस्फोट भी नहीं होते, और हर तरफ शांति है।
@nehafolksinger@Mayawati करीब 40 वर्षों से भारतीय राजनीति की धुरंदर रहीं और कई बार उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य की मुख्यमंत्री रहीं @Mayawati जी को अब ये दो कौड़ी की ट्रोल और फुलटाइम चाटुकार @nehafolksinger बताएगी की उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, कमाल है !
@ssrajputINC गोडसे को नफरत न तो मुसलमानों से थी, न ही गांधी से, बल्कि उसे नफरत थी, हिंदुओं की कीमत पर मुसलमानों का तुष्टिकरण करने वालों से, गांधी चाहते थे कि मुसलमानों के लियें हिन्दू अपना सर्वस्व न्योछावर कर दें जो गोडसे को बिल्कुल पसंद नहीं था ।
@SonOfBharat7 दीपक जी, आपको क्या लगता है कि, उत्तराखंड क्रांति दल वालों का ये आक्रोश किसके प्रति है ! शायद आपको पूरी जानकारी नहीं है, ये उत्तराखंड में रहने वाले हिन्दू लोगों को ही आपस में लड़ा कर अपना राजनीतिक मकसद हासिल करने की साजिश है।