धार्मिक स्थलों में मैंने जेरूसलम का दौरा किया है जो क्रिश्चियन और यहूदी धर्म का केंद्र है
उसके अलावा वेटिकन सिटी का मैंने दौरा किया है जहां ईसाई धर्म के सर्वोच्च गुरु पोप रहते हैं
वेटिकन सिटी में प्रवेश करने के लिए ही आपको 25 यूरो का टिकट देना पड़ता है
यानी की वेटिकन सिटी में प्रवेश भी मुफ्त नहीं है उसके अलावा वेटिकन सिटी में गाइड के लिए आपको पैसे देने होंगे
यहां तक की पीने का पानी भी आपको मुफ्त में नहीं मिलेगा उसके लिए भी आपको पैसे देने पड़ेंगे
वेटिकन सिटी में हर एक इमारत म्यूजियम चर्च में प्रवेश करने के लिए आपको न्यूनतम एक शुल्क देना पड़ता है
मतलब अगर आप वेटिकन सिटी में पूरा घूमना चाहते हैं तो कम से कम आपके पास 500 यूरो यानी करीब ₹50,000 केवल टिकट में चले जाएंगे
खाने-पीने का खर्चा अलग से होगा
मेरे कई मुस्लिम जानने वाले हज यात्रा पर गए हैं मैंने उनसे भी पूछा है तो उन्होंने बताया वहां भी कुछ भी फ्री नहीं है खाने के लिए आपको बाकायदा अच्छी खासी कीमत देनी पड़ती है
लेकिन इस कांग्रेस के दलाल को अयोध्या में हर चीज मुफ्त में चाहिए
और हां अयोध्या में हर चीज मुफ्त में उपलब्ध है मुफ्त में सैकड़ो भोजनालय चलते हैं सीता रसोई चलती है हनुमानगढ़ की रसोई 24 घंटे चलती है राम मंदिर ट्रस्ट की रसोई 24 घंटे चलती है सैकड़ो धर्मशाला है जहां आप मुफ्त में रुक सकते हैं
अयोध्या में प्रवेश की कोई टिकट नहीं है
लेकिन इस कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के दलालों ने आजकल अयोध्या को बदनाम करने का पूरा ठेका ले रखा है
13 साल की मासूम से
हैवानियत करने वाले दरिंदो के लिए राजस्थान
पुलिस ने बेहद सही तरीका ईजाद किया है...
सड़क पर परेड... और डंडा बहनों के हाथ में...
क्या कहना है आपका... ✍️
ध्यान से पूरा पढ़िए.....
(हिंदुओं के घर मे कैसे बोया जाता है बगावत का जहर)
नीचे कुछ TV सीरियल्स के नाम और उनके लीड कॅरेक्टर दिए जा रहे है....
सीरियल 1 - दिया बाती और हम,
कलाकार- सूरज (असली नाम अनस राशिद)
सीरियल 2 - साथ निभाना साथिया
कलाकार- अहम मोदी (असली नाम मोहम्मद नाजिम)
सीरियल 3 - नव्या
कलाकार- आनंद (असली नाम शहीर शेख)
सीरियल 4 - पवित्र रिश्ता
कलाकार- दिग्विजय किर्लोस्कर
(असली नाम नावेद असलम)
सीरियल 5 - ये रिश्ता क्या कहलाता है
कलाकार- नक्ष (असली नाम शहजाद शेख)
अखिलेश (असली नाम अली हसन)
कार्तिक (असली नाम मोहसिन खान)
सीरियल 6 - यह है चाहतें कलाकार रूद्र खुराना ( असली नाम अबरार काजी)
आने वाला सीरियल 7-हीरो शोएब इब्राहिम ( दीपिका कक्कड का शौहर ) और हीरोइन आयुशी खुराना
जरा सोचिए की, तमाम लोकप्रिय सीरियल्स में, मुख्य किरदार मुस्लिम लड़का ही क्यों है ?
जबकि सारी सीरियल्स हिंदू पृष्ठभूमि पर होते है...
आखिर क्यों सभी सिरियल्स में, सारे लड़के मुस्लिम और सारी लड़कियां हिंदू हैं ?
हिंदू लड़के क्यों नहीं हैं...
हिंदू लड़कियों में, जो कुतर्की ज्ञान बॉलीवूड और टीवी सीरियल द्वारा दिया जाता है, उससे सिर्फ “ लव जिहाद “ ही होता हैं...
मुझे तो लगता है कि स्टार चैनल सभी चाहे गोल्ड उत्सव प्लस स्टार के सभी चैनल्स “लव जिहाद “ को ही बढ़ावा दे रहे
और स्टार नाम से ही लगता है कि कोई जिहादी का ही चैनल से
अतः इस बात को गहराई से सोचकर सावधान और सतर्क हो जाइए....!!
सिर्फ बॉलीवुड और उनकी फिल्मों का बहीस्कार करने से ही जिहादी खतरा कम नहीं होगा बॉलीवुड के साथ टीवी की कई चैनलों और उस से प्रसारित होने वाली सीरियलों का भी बहिष्कार बहुत जरूरी है।
इन सीरियलो का सीधा आपके घर में बहन, बेटियो बहुओं पर है। बाकी आप समझदार हो।
हमारी भाषा का लगभग 50% हिस्सा संस्कृत से आया है। हमारे बहुत से नाम संस्कृत के हैं।
मैंने अपना DNA टेस्ट करवाया और मुझे पता चला कि मुझमें भारतीय DNA है।
जब भी मैं कोई संगीत सुनता हूँ, खासकर भारतीय संगीत, तो मेरा शरीर अपने-आप थिरकने लगता है।
हमारी सभ्यता और संस्कृति पर भारतीय सभ्यता का गहरा प्रभाव है।
: प्रबोवो सुबिआंतो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति
पेरिस से दूर अटलांटिक के पार अमेरिका के एक शहर में 10,000 अप्रवासी एकत्रित हुए।
उन्होंने दंगा नहीं किया.
उन्होंने लूटपाट नहीं की.
उन्होंने पुस्तकालयों और कारों में आग नहीं लगाई।
उन्होंने टेक्सास के एलन ईस्ट सेंटर में गुरु पूर्णिमा पर भगवद गीता का जाप किया।
फिर उन्होंने सामूहिक लंगर भोज का आयोजन किया जिसमें 50000 लोगों ने खाना खाया
भोजन करने वाले ज्यादातर अमेरिकी मूल के थे
यह सनातन हिन्दू धर्म है...
जो कल प्रभु राम का अस्तित्व नकारते थे और रामभक्तों की हत्या पर गर्व करते थे, आज वो चंदे का हिसाब मांग रहे हैं!
सुधांशु जी ने बिल्कुल सही कहा- ये सब रावण के समर्थक 'कालनेमि' हैं। लगन से हो या जलन से, आज हर नेता को राम नाम जपना ही पड़ रहा है। जय श्री राम! 🚩
भारत तरक्की कर रहा है..!
आज भुसावल से गोवा ट्रेन से यात्रा करते समय एक अनुभव हुआ..!
अचानक, मेरे दोस्त के 2 साल के बेटे को बुखार आ गया। हमारे पास कोई दवा नहीं थी, और हमारी मंज़िल, मडगांव, पहुँचने में अभी भी 7 घंटे बाकी थे। हमने सोचा कि अगले स्टेशन पर उतरकर डॉक्टर से सलाह लेंगे और फिर सड़क मार्ग से यात्रा जारी रखेंगे..!
मैंने यूँ ही ट्रेन में सामान बेचने वाले एक वेंडर से कहा..!
"हमें कुछ दवा चाहिए। क्या आप अगले स्टेशन पर इसका इंतज़ाम कर सकते हैं ? मैं आपकी मेहनत के लिए ₹500 दूँगा"
वेंडर ने जवाब दिया..!
"इसकी कोई ज़रूरत नहीं है। TTE (टिकट परीक्षक) से मिलिए; आपकी समस्या हल हो जाएगी"
हम तुरंत TTE से मिले..!
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में किसी सरकारी कर्मचारी से इतनी तत्परता का अनुभव नहीं किया था..!
उन्होंने अपना काम रोका, तुरंत फ़ोन किया, हमारी सीट नंबर और बीमारी की स्थिति नोट की, और हमें अपनी सीट पर वापस जाने के लिए कहा..!*
सच कहूँ तो, हमें ज़्यादा उम्मीद नहीं थी। हमने पहले ही तय कर लिया था कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हम अगले स्टेशन पर उतरकर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएँगे..!
हमने सोचा था कि शायद कोई कागज़ में लिपटी कुछ गोलियाँ ही लाएगा..!
लेकिन ठीक अगले स्टेशन पर, एक डॉक्टर अपने असिस्टेंट के साथ हमारी सीट पर आए। TTE भी वहाँ मौजूद थे। बच्चे की जाँच करने के बाद, डॉक्टर ने तुरंत अपने असिस्टेंट को हमें सिरप की कुछ बोतलें देने का निर्देश दिया। उन्होंने दवा देने का तरीका समझाया और फिर TTE से पैंट्री से थोड़ा नमक मँगवाने को कहा..!
TTE ने तुरंत एक और फ़ोन कॉल किया। डॉक्टर ने हमें बच्चे के माथे पर नमक के पानी में भीगा हुआ कपड़ा रखने की सलाह दी और चले गए..!
जब हमने आवाज़ देकर पूछा कि हमें कितने पैसे देने हैं, तो हमें बताया गया कि यह सब पूरी तरह से मुफ़्त था..!
हम अभी भी हैरान और चकित थे कि जब तक हम अपनी सीट पर वापस पहुँचे, पैंट्री का एक कर्मचारी नमक लेकर आ गया..!
मेरा देश सचमुच बेहतर के लिए बदल रहा है..!
इतनी सारी आलोचनाओं का हम क्या करें..!
क्या उन्हें पेट्रोल के साथ पी जाएँ..!
मीडिया या अख़बारों में अक्सर ऐसे सकारात्मक बदलावों को उजागर नहीं किया जाता है..!
बदलाव हो रहा है। हमें भी इन अनुभवों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए..!
इसमें समय लगेगा, लेकिन हम उस बदलाव को देख और महसूस कर रहे हैं जो हो रहा है..!
राष्ट्रहित सर्वोपरि..
🪷 🇮🇳 🙏 🇮🇳 🪷🇮🇳
वेनिस घूमने पहुँचा एक भारतीय परिवार, लेकिन नहरों से आती तेज़ बदबू ने उनका अनुभव खराब कर दिया।
पति मज़ाक में पत्नी से पूछता है, “फिल्म देखकर वेनिस आने की ज़िद कर रही थीं… अब कैसा लग रहा है?” बच्चे भी नाक बंद किए नज़र आते हैं।
अगर यही वीडियो भारत का होता, तो सोशल मीडिया पर अरबों व्यूज़ और देश को बदनाम करने वाली बहसें शुरू हो जातीं।
मोदी जी का स्पष्ट मंत्र है- "तुष्टिकरण किसी का नहीं, संतुष्टिकरण सबका।"
इसी सोच के साथ हज यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, पारदर्शी व्यवस्थाएं, महिलाओं को बिना मेहरम हज की सुविधा और बढ़ा हुआ हज कोटा-ये सब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संवेदनशील नेतृत्व और "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के संकल्प का प्रमाण हैं।
@narendramodi@AmitShah@KirenRijiju@blsanthosh@NitinNabin@PavanRanaRSS@MOMAIndia@hcoi_official@CGIJeddah
#Haj2026
बाहर का टेंप्रेचर 44*C
कोच का टेंपरेचर 17*C
फ्लाइट, शताब्दी, वंदेभारत की तरह राजधानी और अन्य सभी ट्रेन का टेंपरेचर 24*C क्यों नहीं रखते हैं?
न कंबल की जरूरत पड़ेगी, न स्वास्थ्य खराब होगा
बिजली भी बचेगी और पैसा भी बचेगा
@PMOIndia@narendramodi@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia
पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का कबूलनामा। 🚫
"भगवा और आतंकवाद को एक साथ जोड़ना बिल्कुल गलत था..." देखिए कैसे पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने खुद माना कि राजनीतिक फायदे के लिए 'भगवा आतंकवाद' शब्द का इस्तेमाल किया गया था, जो कि पूरी तरह गलत था।
क्या यह सनातन संस्कृति को बदनाम करने की कांग्रेस की एक सोची-समझी साजिश थी?
22.1 मिलियन फॉलोअर्स, सोनम वांगचुक, प्रकाश राज, दफली गैंग और पूरी AAP मशीनरी का समर्थन...
फिर भी CJP सिर्फ 500 लोग जुटा पाया! 😆
अर्फा ने इतना हाइप किया था CJP को, अब irritated हो गईं 😂
ये है 'लिबरल' और AAP के 'जन आंदोलन' की असली हकीकत! 🪳
“जब भी भारत पर संकट आता है, सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खड़ा मिला है।
पर बदले में क्या मिला ?? बदनामी, बैन और झूठे आरोप!!
संघ की राष्ट्रवादी सोच से कांग्रेस को हमेशा से नफ़रत है।
1947 में देश के बंटवारे के समय अमृतसर के दरबार साहिब की सुरक्षा की, बदलें में 1948 में गांधीइजी के हत्या के आरोप बैन लगा।
1949 में जब पाकिस्तान कश्मीर में घुस गया था, तब वहां सेना के लिए स्वयंसेवको ने पुंछ में रातों-रात हवाई पट्टी तैयार कर दी थी।
1962 में चाइना के साथ युद्ध हुआ, तब सरहद पर सेना की मदद के लिए संघ के स्वयं सेवक पहुंच गये थे।
1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ तब संघ का महत्व समझकर प्रधानमंत्री शास्त्री ने संघ प्रमुख गोलवलकर जी बैठक में बुलाया था।
1980 में मोरबी में मच्छू बांध टूटने पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में संघ ने मदद किया था।
1984 में दिल्ली में हुए सिक्ख दंगों में पीड़ित परिवारों की सहायता की एवं सिखों की जान बचाई थी?
कोविड संकट के कारण लगे लाकडाऊन में आम जनता को राशन दवा और जरुरी सहायता पहुंचाई।
गतवर्ष वायनाड - केरल में बाढ आई थी तो संघ के स्वयं सेवक तुरंत पहुंच कर लोगों की मदद की,वहां के सांसद राहुल गांधी उस संकट की घड़ी में गायब थे।
पिछले माह अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में भी संघ स्वयंसेवको ने दुर्घटना स्थल से लेकर अस्पताल तक मृतक और पीड़ित परिवारों के लिए दिन-रात सेवा कार्य किए।
ऐसे अनगिनत अनेक उदाहरण है, जहां संघ ने राष्ट्रवादी सोच को अहमियत दिया है।
कांग्रेस ने आज तक किसी भी आतंकवादी या आतंकवादी संगठनों के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा। लेकिन RSS की राष्ट्रवादी भावना से हमेशा नफ़रत किया है।
संघ को चाहे जितनी गाली दे लो लेकिन जब देश पर जब-जब मुसीबत आएगी,उस मुसीबत का सामना करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में खड़े मिलेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्वास रखें , पूरी दुनियां देखेगी हिन्दुओं की ताकत 🕉️
यह राष्ट्र हजारों वर्षों से हिन्दू राष्ट्र है।
संघ शक्ति कलौयुगे। ⛳