@Ritesh126098@neha_aisa ये आंदोलन की हाईजैकिंग की कोशिश है जब बच्चे 10 जुलाई को विधानसभा घेरने की बात कर रहे हैं तब ये अपनी तरफ से 7 जुलाई की तारीख घोषणा कर देती हैं जो बिल्कुल गलत है।
इनलोगों को फुटेज खाने की आदत पड़ गई है... @khurpenchh @ #Ranchiprotest#Ranchi
>नाम नेहा बोरा
>काम आंदोलन चोरी
>असली काम छात्र आंदोलन का अभिनय करना
>झारखंड के असली छात्रों ने विधानसभा मार्च की तारीख 10 अगस्त रखी है
>मैडम ने झारखंड आंदोलन पर शुरुआत से कुछ नहीं बोला
>जब देश भर के कैमरे झारखंड आंदोलन की तरफ घूमे तो मैडम को कैमरों की याद सताने लगी
>मैडम ने छात्रों के विधानसभा मार्च को भटकाने के लिए और कैमरों का रुख खुद की तरफ मोड़ने के लिए 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान कर दिया
>मैडम चाहती तो 10 अगस्त वाले आंदोलन को मजबूती और समर्थन दे सकती थीं
>लेकिन फिर कैमरे मैडम के अभिनय को कैसे कैद करते
>जरूरी नहीं हर आंदोलन को पहली पंक्ति से ही लीड किया जाये और कैमरे का फोकस खाया जाये,
>ये सब लोग झारखंड आंदोलन को दीमक की तरह खाकर और क्रेडिट लेकर ढपली की धुन पर नाचने वाली रील बनाना चाहते हैं
>मुझे उम्मीद है कि झारखंड के छात्र सचेत रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट में अब 38 हो जाएगी जजों की संख्या... संसद से बिल पास
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लोकसभा में सोमवार को 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026' पारित कर दिया गया. इस विधेयक के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की अधिकतम स्वीकृत संख्या बढ़ा दी गई है. अब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल 38 जज काम कर सकेंगे.
पढ़ें पूरी ख़बर: https://t.co/0AS1FQCYuU
#ATCard #AajTakSocial #SupremeCourt #judges | @manjeetnegilive
यह IAS तुकाराम मुंडे हैं। इन्होंने लगातार प्राइवेट कैंटीन में छापे डाल रहे थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कभी सरकारी कैंटीन में छापे मारो। इन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के कैंटीन में छापे डाल कर सील कर दिया।
25 साल के IAS करियर में 21 बार ट्रांसफर किया गया है।
रात में रांची में बारिश के बीच युवाओं का हौसला और संघर्ष जारी है।
हेमंत सोरेन सरकार के लिए इससे शर्मनाक तस्वीर और क्या हो सकती है, अगर मांग मान लेते तो क्या ही बिगड़ जाता😡
डिजिटल मीडिया पत्रकार झारखंड क्यूँ नहीं जा रहे?
•वहाँ रीच नहीं मिलेगी
•PR वाला पैसा नहीं आना
•वहाँ के बच्चे गालियां नहीं दे रहे
•वहाँ के बच्चे राष्ट्रगान गा रहे
•वहाँ के बच्चे वास्ते गाना हुईयां नहीं कर रहे
•वहाँ के बच्चे बैगी जीन्स नहीं पहनते
•वहां के बच्चे गरीब और पिछड़े बैकग्राउंड के हैं तो क्लासी वीडियोज नहीं आयेंगे
बड़े सिलेब्रिटीज और स्टैंडअप कॉमेडियन झारखंड की बात क्यूँ नहीं कर रहे?
•रील और स्टोरी लगाने का पैसा बच्चे नहीं दे पायेंगे
•कंफर्म ही नहीं हैं कि झारखंड भारत का हिस्सा है
•फर्क़ नहीं पड़ता
@khurpenchh वोट के समय युवा है 'झारखंडी आन', नौकरी के समय सरकार बनी अनजान।"
मांगो रोजगार तो मिलेगी लाठी और जेल, युवाओं के भविष्य के साथ ये कैसा खेल?"
छात्र बूढ़ा हो गया परीक्षा की आस में, सरकार मस्त है अपने ही विलास में!" #jpsc#Jharkhand#Student#jssc@shubhankrmishra@TheLallantop
@VivekGa54515036 भैया मैं खुद झारखंड का होने के बावजूद झारखंड की तैयारी ना करके दूसरे विकल्पों पर लगा हुआ हूं क्योंकि ना कोई टाइमटेबल है ना हीं पारदर्शिता ओर सिलेबस की बात करो हीं नहीं...
बिना कोई जुगाड के हरियाणा दिल्ली राजस्थान के बच्चों का सलेक्शन मुझे नहीं लगता है कि हो जाय #Jharkhand#jpsc
जेपीएससी चालीसा को जानिए ❣️
झारखंड बनने के बाद से JPSC को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि सीमित पदों की भर्तियों में भी निष्पक्षता को लेकर संदेह बना रहता है।
विधानसभा और लोकसभा की कुल सीटें जोड़ लीजिए, उतने पद भी कई भर्तियों में नहीं निकलते; और जिन पदों पर भर्ती होती है, उन पर भी सवालों का सिलसिला खत्म नहीं होता।