SSC प्रोटेस्ट को जिसने कमजोर किया उसमें सबसे ज्यादा रिल बनाने वाले शिक्षक और उसकी पीआर टीम ने किया।
पीआर टीम सहित कुछ तथाकथित बच्चे इतने बड़े मात्रा में शिक्षकों के अंधभक्त हैं कि उन्हें अभी भी लगता है कि शिक्षकों का लीड करना बहुत अच्छा था। ये तभी कमजोर हो गया था जब SSC के मनमानी को छोड़कर रिल के माध्यम से 24 अगस्त को आना है एक दूसरे को माला पहनाना है का नारा लग रहा था।
किसी ने यूपीएससी करोलबाग बेसमेंट कांड से नहीं सीखा।
किसी ने यूपीपीसीएस आरो प्रोटेस्ट से नहीं सीखा ।
सबने 70वीं बीपीएससी परीक्षा प्रोटेस्ट के खान सर जैसा आंदोलन को रिल के चक्कर में अपने उलूल जुलूल बातों के कारण कमजोर किया। इसके जिम्मेदार सिर्फ शिक्षक है।
आज स्टूडेंट्स पर अगर कोई केस हो जाता है तो इसके जिम्मेदार कौन है ?
देखो मौका है
SSC के अगर प्रोब्लम को तुम नहीं बताओगे तो वो पुलिस प्रशासन और सरकार के द्वारा तुम्हारे प्रोटेस्ट को रामलीला मैदान से बाहर निकलने नहीं देंगें ।
शिक्षकों को सपोर्ट करना चाहिए था लेकिन मंच पर चढ़कर नेता बनकर नहीं।
मुरठ्ठा बांधकर प्रोटेस्ट नहीं होता है
मर्द हैं कि नहीं है का बात का बतंगड़ बना कर प्रोटेस्ट नहीं होता है।
Podcast में चलें जाने से प्रोटेस्ट नहीं होता है
सब्जी पूरी खिलाने से प्रोटेस्ट नहीं होता है।
थार और रेंज रोवर से प्रोटेस्ट नहीं होता है।
प्रोटेस्ट एकता और एक मोटिव से होता है।
#ssc_protest
#SSC_System_Sudharo
#ssc_job_chor
मोदी सरकार ने फिर दिखाया तानाशाही चेहरा ‼️
SSC में जारी गड़बड़ियों में सुधार की माँग को लेकर Students और Teachers रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान BJP ने अपनी दिल्ली पुलिस को भेजा और वहाँ लाठीचार्ज करवा दिया। इस दौरान तमाम छात्र और अध्यापक बुरी तरह से घायल हुए हैं।
जितना ध्यान मोदी जी और उनकी पुलिस छात्रों के प्रदर्शन को रोकने में लगा रही है अगर उतना SSC में सुधार करने में लगाए तो छात्रों को यूं सड़क ना आना पड़े।
#ssc_protest
SSC गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया.
अभ्यर्थियों का आरोप, दिल्ली पुलिस ने गैर कानूनी तरीके से उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश की. वहीं, पुलिस ने किसी भी बदसलूकी से इनकार किया.
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देश का दुर्भाग्य यह है कि कुत्तों के लिए न्याय है, पर देश के भविष्य, देश के युवा, देश के छात्रों के लिए कोई न्याय नहीं..
कुत्तों को भी मार नहीं सकते, पर छात्रों पर लाठी चार्ज रोज की बात हो गई है, और मांग ही क्या है, फेयर परीक्षा करवाओ।
शर्मनाक स्थिति 🙏
#ssc_protest
दिल्ली के रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से #sscprotest2025 कर रहे छात्रों व पत्रकारों को पुलिस ने हिरासत में लिया और लाठी चार्ज किया।
जो शिक्षक अपनी कक्षा में आर्टिकल 19 को पढ़ाता हैं और कहता है कि किसी को भी शांतपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार हैं वो कैसे अपनी कक्षा में कहेगा ये सही हैं
• क्या शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई दिखाना अब अपराध हो गया है?
•क्या छात्र को अपनी बात तक रखने का अधिकार नहीं हैं?
•क्या देश के विकास में ये युवा प्रतिभागी नहीं है?
•क्या ये इस देश के लोकतंत्र का हिस्सा नहीं जो इन पर इतना दुर्व्यवहार किया?
#NO_Wrong_SSC_Question #CHANGE_SSC_VENDOR
#ssc_protest
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे SSC छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग अमानवीय और शर्मनाक है।
हर परीक्षा में धांधली, हर भर्ती में घोटाला और पेपर लीक से पूरे देश के युवा त्रस्त हैं। भाजपा राज में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। उसे ठीक करने और युवाओं की बात सुनने की जगह उनपर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों पर क्रूरता बरतने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
So called Rakesh Yadav,Neetu Singh, Abhinay Sharma ये वो लोग है जो हमेशा से अपने आप को Supreme समझते है।
ये वो लोग है जो हमेशा सोचते है की protest हो तो lead ये ही करे and यही reason है आज का protest न काम होने का।
ये आए reel बनाए और चले गए 😡😢।
#SSCAandolan
दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर से आए हज़ारों SSC अभ्यर्थी और शिक्षक शांतिपूर्ण ढंग से SSC के कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे थे।
लेकिन छात्रों की जायज़ माँगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया!
इतना ही नहीं, प्रोटेस्ट को कवर करने पहुँचे पत्रकारों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पत्रकारों के माइक और मोबाइल फोन तक छीन लिए गए। यह साफ़ दिखाता है कि सरकार सिर्फ़ छात्रों की आवाज़ नहीं, बल्कि सच्चाई दिखाने वाली पत्रकारिता को भी दबाना चाहती है।
छात्रों पर लाठीचार्ज कर सरकार ने साबित कर दिया है कि—
“उसे युवाओं की मेहनत और सपनों से कोई मतलब नहीं, वह सिर्फ़ छात्रों की आवाज़ को हिंसा से कुचलना जानती है।”
हम प्रधानमंत्री @narendramodi जी से पूछते हैं—
क्या अपने हक़ और भविष्य की लड़ाई लड़ना अब गुनाह है? क्या लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ का स्वागत लाठियों से किया जाएगा?
यह संघर्ष सिर्फ़ SSC अभ्यर्थियों का नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा का है, जिसका हक़ छीना जा रहा है। लाठियाँ आंदोलन की चिंगारी को बुझा नहीं सकतीं, बल्कि यह चिंगारी अब महाविस्फोट बनेगी!
#SSCVendorFailure #SSC_System_Sudharo
#SSCप्रोटेस्ट #StudentProtest #SSCStudents #RamleelaMaidan #StopLathicharge
रामलीला मैदान में छात्रो का महाआंदोलन. भारत भर से हज़ारों SCC अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने SSC के कथित कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं के विरोध में दिल्ली के रामलीला मैदान में छात्र महाआंदोलन शुरू किया है.
#ReporterDiary#SSC#Delhi#SSCProtest | @AnmolBali9
आप acting करती हो या विवेक शुन्य हो गया है या आपका दिमाग़ सत्ता कि गुलामी मै डूबा है?
Journlaism का काम सवाल करना नाकि सत्ता का गुणगान
लीडर coach बने ये emperor, पत्रकार का धर्म जनता के मुद्दे उठाना है नाकि मंच से ताली बजाना
देश को आत्मनिर्भर बनाने कि लिए पहले मीडिया और आप जैसे लोगो कि सोच को स्वंत्रत होना पड़ेगा!
खुद को to आज़ाद करिये मोहतरमा
@RubikaLiyaquat
कुछ दिमाग़ खुल पाए तो जवाब रखना
The SC’s directive to remove all stray dogs from Delhi-NCR is a step back from decades of humane, science-backed policy.
These voiceless souls are not “problems” to be erased.
Shelters, sterilisation, vaccination & community care can keep streets safe - without cruelty.
Blanket removals are cruel, shortsighted, and strip us of compassion.
We can ensure public safety and animal welfare go hand in hand.
SSC के चेयरमैन साहब इंटरव्यू में कह रहे हैं कि वेंडर का चुनाव टेंडर के नियमों के तहत हुआ है… लेकिन टेंडर डॉक्युमेंट में तो साफ लिखा है कि कोई भी ब्लैकलिस्टेड कंपनी बोली में हिस्सा ही नहीं ले सकती।
फिर सवाल ये है — जब नियम ही साफ था, तो उस कंपनी को टेंडर मिला कैसे? कौन ज़िम्मेदार है?
अगर सब कुछ पारदर्शी था तो इतना विरोध होने के बाद भी वेंडर क्यों नहीं बदला जा रहा है ?
क्या सच में ये सब यूं ही हो गया या फिर अंदर ही अंदर कुछ बड़ा खेल चल रहा है?
क्या वाकई में नियम सबके लिए बराबर हैं?
या फिर कुछ कंपनियों और कुछ अफसरों को कानून से भी ऊपर समझा जा रहा है?
आप क्या सोचते हैं — गलती हुई है या गलती को जानबूझकर अनदेखा किया गया है? 👇
#SSC_System_Sudharo
#SSC_VENDOR_FAILURE