तुम कहते हो कि तुम्हें
बारिशें बहोत पसंद हैं
लेकिन जब वो होती हैं
तो तुम छाता लगा लेते हो
तुम कहते हो तुम्हें हवाओं से बहोत प्यार है
लेकिन जब वो चलती हैं तो
तुम खिड़कियां बंद कर लेते हो
इसलिए मैं डरता हूँ
जब तुम कहते हो
कि तुम मुझसे प्यार करते हो।
~~बॉब मार्ले
बादल जम के बरसा, इतना कि
भर गई धरती की फटी बिवाइयां भी मगर सूखा पौधा फिर नहीं हो सका हरा,
किसी का लौट आना जरूरी तो होता है मगर उससे भी जरूरी होता है, शायद !
उसका समय से लौट आना।
रेत भरी है इन आँखों में आँसू से तुम धो लेना
कोई सूखा पेड़ मिले तो उस से लिपट के रो लेना
उस के बा'द बहुत तन्हा हो जैसे जंगल का रस्ता
जो भी तुम से प्यार से बोले साथ उसी के हो लेना
- बशीर बद्र