शिक्षा मंत्री - वर्ग एक मिलन समारोह की घोषणा, ध्यानाकर्षण का नया तरीका
#MadhyaPradesh - पिछले महीने वर्ग 2 की उम्मीदवारों ने लोक शिक्षण संचालनालय की खिड़कियां दिला दी थी। अब मार्च के महीने में शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग एक क्यों उम्मीदवार स्कूल शिक्षा मंत्री के घर, होली मिलने के लिए आएंगे। यदि स्कूल शिक्षा मंत्री ने न्याय किया तो होली, नहीं तो हल्ला होगा।
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प्रदेश में स्कूली शिक्षा पूरी तरह चौपट होती जा रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख से अधिक पद ख़ाली पड़े हैं, वहीं 1895 स्कूल ऐसे हैं जहाँ पर कोई शिक्षक ही नहीं है। शिक्षकों की सबसे ज़्यादा कमी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में है।
यही नहीं 435 स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है।
यह सिर्फ़ आंकड़े नहीं है बल्कि इस बात की गवाही है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश के नौनिहालों का भविष्य चौपट करना चाहती है।
हर महीने 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने वाली भाजपा सरकार इवेंटबाज़ी और भ्रष्टाचार में पैसा ख़र्च कर रही है लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं।
मैं माँग करता हूँ कि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तत्काल अध्यापकों के सभी पद भरे जाएं और उसके बाद शिक्षकों के सभी पदों पर भर्ती की जाए। शिक्षा प्राप्त करना हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी स्थिति में है बच्चों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा को सुधारने की नहीं, सब्र की परीक्षा लेने की ठान ली है। वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में 8720 पद निकले, लेकिन चयन सिर्फ 2901 का—बाकी 5720 पद खाली, फिर भी योग्य अभ्यर्थी वेटिंग में सड़ते रहें। यही नहीं, कई विषयों में उम्मीदवार कम थे, पद ज्यादा—फिर भी नियुक्ति नहीं!
नतीजा यह कि शिक्षक बनने के सपने लिए युवा भोपाल की सड़कों पर अर्धनग्न होकर न्याय मांगने को मजबूर हुए। सरकार के लिए यह शायद प्रक्रियागत देरी हो, लेकिन युवाओं के लिए यह जीवन की बर्बादी है।
जो सरकार शिक्षकों को सड़क पर लिटा दे, वह शिक्षा सुधार की बात किस मुंह से करती है?
खाली पद, खाली वादे—और भरी हुई संवेदनहीनता।
मध्यप्रदेश में स्कूल, शिक्षक, वेटिंग शिक्षकों पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा
कहा, आज यह हालत हैं प्रदेश के, सुनिए क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री ने
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आज वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 की चयन परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से मुलाकात की, जो 16 विषयों में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पदों के लिए पूर्णतः योग्य हैं। अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या में सम्मानजनक वृद्धि, शीघ्र द्वितीय काउंसलिंग तथा नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग रखी। इस दौरान मेरे साथ विधायक सचिन यादव जी भी उपस्थित रहे ।
इन शिक्षकों की आशाएं और संघर्ष पूरी तरह जायज़ हैं। मैं इन सभी योग्य अभ्यर्थियों की माँगों को विधानसभा में पूरी मजबूती, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ सरकार के समक्ष रखूँगा।
शिक्षा का भविष्य इन शिक्षकों के हाथों में है इन्हें न्याय मिलना चाहिए।
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