जब 1 जून से गर्मी छुट्टी हो रही है और 31 को रविवार ही है तो फिर यह कौन से शिक्षक हैं जिनको चुल मची हुई है 29 और 30 को छुट्टी लेने की? 2 दिन पहले भाग कर इनको कहां जाना है? जहां जाना है 30 के दोपहर के बाद आप जा ही सकते हैं। फिर यह जल्दबाजी किस बात की।
यह रवैया शिक्षकों की मर्यादा के बिल्कुल विपरीत है। कुछ लोगों के कारण पूरा शिक्षक समाज बदनाम होता है।
@CensusIndia2027@DcoBihar@bepcslo जिला पदाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, नालन्दा के आदेशानुसार सभी विद्यालय के हेड ध्यान दें कल (दिनांक-13.05.2026) से जनगणना कार्य में संलग्न सभी शिक्षक MARK ON DUTY बनाकर जनगणना का कार्य तत्परता एवं त्वरित गति से करेंगे। किसी भी स्तर से जनगणना कार्य को बाधित नहीं किया जायेगा।
बिहार शिक्षक ट्रांसफर का 'सॉफ्टवेयर' तैयार, पर नियमावली 'लापता': सक्षमता पास शिक्षकों के साथ बड़ा खेल?
अखबार की ताजा सुर्खी है— "ट्रांसफर-पोस्टिंग को पारदर्शी बनाएं।" इसे पढ़कर कलेजा ठंडा हुआ या नहीं, पर शिक्षकों का खून जरूर खौल उठा है! विभाग 'सॉफ्टवेयर मैकेनिज्म' की बात कर रहा है, पर सवाल यह है कि साहब, जब नियमावली ही 'मिस्टर इंडिया' होकर गायब है, तो उस सॉफ्टवेयर में क्या 'लूडो' खेलेंगे?
पारदर्शिता का चश्मा: प्रक्रिया इतनी पारदर्शी हो गई है कि शिक्षकों को नियमावली ही दिखना बंद हो गई! आर-पार सब दिख रहा है, बस वो सरकारी कागज नहीं दिख रहा जिस पर ट्रांसफर की मुहर लगनी थी।
सक्षमता का 'गाजर': सक्षमता परीक्षा की 'अग्निपरीक्षा' तो ले ली, विशिष्ट शिक्षक का टैग भी दे दिया, पर पोस्टिंग की बात आई तो फाइल को 'विशिष्ट' तरीके से दबा दिया गया। ऐसा लगता है सक्षमता परीक्षा सिर्फ शिक्षकों की 'गिनती' करने के लिए थी, 'सुविधा' देने के लिए नहीं।
सॉफ्टवेयर vs 'हार्ड' रियलिटी: 43°C की भीषण गर्मी में शिक्षक जनगणना के रजिस्टर और 'ऐप' के बीच 'हार्डवेयर' की तरह पिस रहे हैं, और विभाग डिजिटल इंडिया का हसीन सपना बेच रहा है। कहीं सॉफ्टवेयर में 'ट्रांसफर' वाला बटन ही तो डिलीट नहीं हो गया?
तवे पर आइसक्रीम: लू के थपेड़ों के बीच 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' की बात करना वैसा ही है जैसे जलते हुए तवे पर बैठकर 'आइसक्रीम' की रेसिपी डिस्कस करना।
अंतिम लक्ष्य—बच्चे या 'डेटा'?: मंत्री जी कहते हैं लक्ष्य "बेहतर शिक्षा" है, पर हकीकत में लक्ष्य केवल 'ई-शिक्षाकोष' पर हाजिरी और जनगणना का डेटा भरना रह गया है।
"बिहार में ट्रांसफर के लिए आएगा 'पारदर्शी सॉफ्टवेयर', बस इसे चलाने के लिए 'लापता नियमावली' की टॉर्च चाहिए!"
बड़ा सवाल: "सक्षमता पास शिक्षकों का धैर्य तप रहा है, और विभाग फाइलों के साथ 'लुका-छिपी' खेल रहा है!"
मौसम अलर्ट: "बाहर लू का तांडव है, और विभाग के एसी कमरों में 'समीक्षा' की ठंडी हवा चल रही है।"
निष्कर्ष:
जैसे ही 'निजाम' बदला, पुरानी नियमावली सॉफ्टवेयर के किसी 'करप्ट फोल्डर' में डाल दी गई। सक्षमता पास शिक्षकों के लिए तबादला अब वो 'डिजिटल सपना' बन गया है, जिसका पासवर्ड सिर्फ जनगणना खत्म होने के बाद ही मिलने की उम्मीद है!
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शिक्षकों का मनचाहा ट्रांसफर होगा, उसके बाद भी पढ़ाने में लापरवाही की तो कार्रवाई
समय-समय पर प्रशिक्षण मिलेगा, अपडेट रहेंगे टीचर
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कार्रवाई तो हेडमास्टर पर भी होना चाहिए की किस कारण टीचर पढ़ाने मे लापरवाह है, सही ना?
प्रशिक्षण केंद्र का rating भी होना चाहिए प्रशिक्षु द्वारा
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर...
15 अप्रैल को नई सरकार का होगा शपथ ग्रहण
पटना के लोकभवन में होगा शपथ ग्रहण समारोह.
मुख्यमंत्री के अलावा कुछ चेहरे 15 अप्रैल को ले सकते हैं शपथ... शपथ ग्रहण में बीजेपी और JDU के कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल.
ईमानदारी से शिक्षकों के लिए संघर्ष करने का फल ये मिलता है कि फर्जी मुकदमे में बेल कराने के लिए पैसे कर्ज लेने पड़ते हैं। एक अच्छे वकील की फीस देने लायक भी पैसे नहीं होते हैं पास में। किसी तरह से कर्ज लेकर पैसा जुटाना पड़ता है। ऊपर से DEO लिखित में आरोप लगाता है कि मैं शिक्षकों की दलाली करता हूं और अनुचित काम करने के लिए दवाब बनाता हूं।
वहीं जो चाटुकार हैं वो मौज काट रहे हैं। पैसे की कोई कमी नहीं और हर तरह से समाज में इज्जत है सो अलग! यही हकीकत है समाज की। ईमानदार आदमी में जेल में सड़ता है और भ्रष्ट-बेईमान मौज मनाता है!!
क्या होगा इस शिक्षा विभाग @BiharEducation_ के कामों का मंत्री @sunilkbv जी। हद हों गया शिक्षा विभाग में आपके दिशा निर्देश का। सचिवालय में बैठे अधिकारी और कर्मी मौज में है और शिक्षा विभाग की रीढ़ शिक्षक परेशान हैं अपने ट्रांसफर को लेकर।
Cc @NitishKumar@officecmbihar@Team_BRVAS
महत्वपूर्ण सूचना
HRMS पोर्टल वर्तमान में मेंटेनेंस के कारण अस्थायी रूप से बंद* है। साथ ही, *सरकार के आवंटन निर्देश की प्रतीक्षा के कारण* वेतन भुगतान में लगभग *एक सप्ताह का विलंब* संभावित है।
अतः सभी शिक्षक बंधुओं से अनुरोध है कि वे इस अवधि में अपने व्यय का सावधानीपूर्वक प्रबंधन सुनिश्चित करें।
कंप्यूटर शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ाने जा रही है। वो अपने हाई स्कूल के अलावा अपने पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी मध्य विद्यालयों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रैश कोर्स करवाएंगे। जिन कंप्यूटर शिक्षकों को अब तक अपने विद्यालय में भी क्लास नहीं मिल रहा था अब उनको पूरे पंचायत के सभी मध्य विद्यालय में क्लास लेना पड़ेगा।
अब तो संज्ञान लीजिये महोदय @BiharEducation_ , शिक्षकों के लिए वर्तमान में Mutual के ऑप्शन को खोल दीजिये। इससे विभाग को तो कोई परेशानी नहीं है, फिर शिक्षकों के लिए ये ऑप्शन को क्यों बंद किये हुए हैं। बहुत स्थिति गंभीर हैं शिक्षा विभाग में मंत्री @sunilkbv sir.
शिक्षा पर 60000 करोड़ खर्च करने के बाद भी कई विद्यालयों में शौचालय तक नहीं है! वहां पढ़ने वाली छात्राएं और पढ़ने वाली शिक्षिकाएं दोनों को बिना शौचालय का इस्तेमाल किए ही दिनभर रहना पड़ता है! सोचिए क्या त्रासदी है!!
शिक्षा मंत्री का PA रोज 2-3 शिक्षकों का ट्रांसफर करवा रहा है। कारण बताया जा रहा है प्रशासनिक दृष्टिकोण! अंदरूनी कारण है मोटी रकम की वसूली! यहां जरूरतमंद शिक्षक ट्रांसफर के लिए तरस रहे हैं और मंत्रीजी का PA प्रशासनिक दृष्टिकोण के नाम पर मोटी कमाई कर रहा है!
सुविधा रहते सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा ठप
उच्च तकनीकी योग्यता वाले कम्प्यूटर विज्ञान शिक्षक कम्प्यूटर ऑपरेटर बनकर रह गए
इन्हें डाटा इंट्री से हटाकर उन्हें केवल शिक्षण कार्य में लगाया जाए, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा में दक्ष बन सकें
#Justice_for_CS_Teacher
बक्सर जिला में कंप्यूटर साइंस शिक्षक के साथ हुई बदतमीजी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। माननीय शिक्षा मंत्री जी से आग्रह है कि इस मामले को संज्ञान में लेकर दोषी पर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा शिक्षकों की गरिमा की रक्षा करें। @sunilkbv@Ashwini_TET@amitkvikram@BiharEducation_
महोदय @BiharEducation_ , कृपया अब तो संज्ञान ले । आखिर शिक्षकों को परेशान करके आपको क्या मिलेगा । म्यूच्यूअल से तो आपको किसी प्रकार की परेशानी नहीं हैं, तो फिर म्यूच्यूअल के ऑप्शन को क्यों नहीं खोला जा रहा है।
गांवों के सरकारी स्कूल कराह रहे हैं। शिक्षकों की इतनी ज्यादा कमी है जिसका कोई वर्णन नहीं है। ACS ने 2 सप्ताह पहले आदेश जारी किया है rationalisation करने का। इसके बावजूद कोई SOP जारी नहीं हो रहा है। आखिर बिहार के गरीब बच्चों से उनका मौलिक अधिकार क्यों छीना जा रहा है?
इस होली के अवसर पर अपने-अपने जिले के उस भ्रष्ट कर्मी/कर्मियों का नाम कमेंट में लिखिए जो शिक्षकों के छोटे-मोटे काम के लिए कमीशन वसूलता है।
बहुत हिम्मत का काम है अगर आप कर सकते हैं तो जरूर कीजिए।