जनसाधारण से अपील, सरकार से भी अपील
एक संवेदनशील पत्रकार, @IIMC_India के स्कॉलर और प्यारे शख्स प्रकाश आज जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रकाश को एक रेयर कैंसर है जो अब उनके लिवर तक फैल चुका है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के कई थका देने वाले दौर से गुजरने के बाद भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका में इसे टारगेट करने वाली दुनिया की पहली जीवनरक्षक दवा को मंजूरी मिली है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान बचाने के लिए अब यही एकमात्र रास्ता बचा है।
उनकी पत्नी रश्मि ने अब तक इस पूरी लड़ाई को अकेले लड़ा है और अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी है। लेकिन इस नई दवा को अमेरिका से मंगाने और पूरे इलाज का खर्च करीब 3 करोड़ रुपये आ रहा है। इसे इस परिवार के लिए अकेले जुटाना नामुमकिन है। आप सभी से अपील है कि नीचे दिए गए Ketto लिंक पर जाकर जितनी संभव हो उतनी आर्थिक मदद करें। इसमें बीमारी और इलाज से जुड़ी सारी प्रामाणिक जानकारी मौजूद है।
अगर आप डोनेट नहीं भी कर पा रहे हैं, तो इस पोस्ट को आगे जरूर शेयर करें ताकि यह सही लोगों तक पहुंच सके। आपका एक छोटा सा प्रयास भी प्रकाश को नया जीवन दे सकता है।
https://t.co/9pAzPAq9F7
यह सिर्फ़ एक धरना नहीं रहा!
हर आंदोलन की शुरुआत बूंद-बूंद से होती है। फिर एक दिन अचानक झड़ी लग जाती है। पिछले 48 घंटे बता रहे हैं कि जंतर-मंतर पर अब सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं, समाज की आत्मा जागने लगी है।
#StandWithSonamWangchuk#PaperLeak@Cockroachisback
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak
1 लाख 32 हजार करोड़ का कच्चा तेल विदेशों से आया, जिसमें से 52 हजार 876 करोड़ का तेल दूसरे देशों को बेच दिया गया 🤔😱
जनता से पेट्रोल डीजल कम उपयोग करने की अपील करने वाले ने, कंपनी से तेल निर्यात न करने की अपील क्यों नहीं की ?
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।
Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW.
"10 रुपये का बेबी डायपर लीक नहीं होता, NEET पेपर कैसे लीक हो जाता है?"
NEET पेपर लीक पर Khan Sir का बड़ा हमला
Khan Sir ने NTA को भंग करने की मांग की
बोले National Testing Agency नहीं, “Never Trustable Agency” है
गंगा एक्सप्रेस वे
मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 कि.मी. की यात्रा का टोल प्रधानमंत्री ने आपको नहीं बताया होगा!
एक तरफ से जाने का टोल ₹1800/- और वापसी करते हैं तो मिलाकर ₹3600/- टोल का देना होगा….दुपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए ₹905/- टोल रखा गया है!
भारत में एजुकेशन माफिया किस तरह लूटता है, उसका बड़ा उदाहरण
9000 रुपए का बिल
लेकिन, बिल में कौनसी बुक कितने रुपए की है, वो नहीं बताया जाएगा। आप बहस करेंगे तो बच्चे का एडमिशन रद्द कर देंगे।
आज लोकसभा में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाई।
कई स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के लिए एक ही दुकानदार तय कर अभिभावकों को महंगी खरीदारी के लिए मजबूर करना गलत है।
इस समस्या के समाधान के लिए शिकायत दर्ज करने हेतु एक समर्पित पोर्टल की मांग की।
पिछले साल मैंने बच्चों के लिए 18 हजार की पुस्तकें खरीदा था अब इस वर्ष देखते हैं कितना खर्च होगा।स्कूलों द्वारा अभिभावकों के जेब में डकैती डाला जाता है।
इस मुद्दे पर सबको अनिल यादव के साथ खड़ा होना चाहिए जनता के हित से जुड़ा प्रश्न है।
City Montessori school Lucknow
की कक्षा 5 की सिर्फ सात किताबें लाया हूं,
दाम है 4439 रूपये,
अभी कई किताबें, कॉपी और कलम, पेन्सिल समेत कई दूसरी चीजें बाक़ी हैँ,
कहने का मतलब ये है कि सरकारों ने हमारा एजुकेशन, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर सब बर्बाद कर दिया है,
और मूर्ख जनता राजनीतिक दलों के साजिश और उनकी गैर जरूरी मुद्दों में उलझकर आपस में लड़ रही है,
नेताओं के बच्चे विलायत में पढ़ रहे हैँ,
और तुम्हारे बच्चों को अनपढ़ बनाने की तैयारी है,
मीडिया ने पिछले 10 साल में इस तरह की बातें बताना बंद कर दिया है...लेकिन संदीप चौधरी ने हिम्मत की है ये बताने कि किस नेता के बच्चे विदेश में कहां पढ़ते हैं....ध्यान से देखिए