#prashantkishor से मुझे कोई विशेष हमदर्दी नहीं है,परंतु सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जैसा ब्राह्मण के बारे में कहा गया और भरत तिवारी के साथ किया गया ,अब
#Bankipur में भाजपा का हारना आवश्यक है।
इन्हें भी पता चले की अपने कौन और पराए कौन होते हैं।
@masijeevi महोदय ईडब्ल्यूएस वाले लोगों के हक की बात बाबा साहब ने क्यों नहीं की ?
अब आप अपने स्टाइल में कहेंगे कि उसे समय उच्च जाति वाले सभी संपन्न लोग थे और उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं थी ।तो फिर इन पिछले 75 सालों में ऐसा क्या हुआ कि यह बीपीएल कैटेगरी में आ गए? कुछ लॉजिक है?
Jharkhand के बीजेपी नेताओं से डरने की जरूरत नहीं है।
वे सिर्फ विधानसभा और लोकसभा में तख्ती लेकर चिल्ला सकते हैं और सोशल मीडिया में हो हल्ला मचा सकते हैं,सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की उनकी औकात नहीं है।
यहां भाजपा भगवान भरोसे चल रही है।
10% छात्रों के बीच 90% ऐसे लोग बैठे हैं जिसे पिछले 12 साल में मोदी ने नीट एग्जाम देने नहीं दिया और वह इसी गम में क्रिमिनल बन गए ।
सर्वे के अनुसार 2500 से ज्यादा क्रिमिनल इस पर प्रोटेस्ट में शामिल हुए हैं...
#NEETExamProtest
मोदी की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह अपने सामने किसी और को नेता मान ही नही सकता,इसलिए बीजेपी मे बड़ा नेता होने के बाद भी कोई आगे बढ़ ना पाया।
जब पार्टी की फजीहत होने लगती है तो उनके मंत्री चाहे जितना भी बोले पर जनता सिर्फ मोदी के मुंह से ही सब कुछ सुनना चाहती है।
धर्मेंद्र प्रधान
एक नई हिजड़ा पार्टी जिसमे 90% हिजड़े मां-बाप के हिजड़े बच्चे जो ना औरत है ना मर्द है,के बीच #SonamWangchuck फंस गया।
वैसे भी इस आदमी का बैकग्राउंड बहुत साफ सुथरा नही है।
पर हां धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तो देना होगा।
पेपर लीक के लिए भले ना दे लेकिन यूजीसी के लिए तो देना पड़ेगा।
@dpradhanbjp@narendramodi@suryabanshibjp@tankadharbjp यह नौटंकी अब बंद कर दो,कोई ब्रह्मा जी आकाशवाणी नहीं कर रहे हैं जो ध्यान से सुन रहे हो ।
उनकी बकवास को बाद में भी सुन सकते हो।यह सब दिखावा सिर्फ मोदी को खुश करने के लिए ही होगा?
अपने काम पर ध्यान देते तो आज लुटिया ना डूबती।
सुनील कुमार शुक्ला की नौकरी चली गई।
दोष बस इतना थाकि उन्होने अपना धैर्य खो दिया और सोशल मीडिया पर अपने वरिष्ठ अधिकारियो के भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया।
यही नियम है,नियम से चलना पड़ेगा भले ही उसका भुगतान सरकार करती रहे और देश की जनता की गाढ़ी कमाई लुटती रहे।
आप चुप रहे,नियम से चले
@jitanrmanjhi इस व्यक्ति की बिहार मे क्या हैसियत है,बिहार में इसके जनादेश से पता चलता है।
हमेशा कथित ऊंची जाति और सनातन धर्म को गाली देने वाले व्यक्ति को मोदी पाल पोसकर गोदी मे बैठाकर रखता है।
नीतीश जी ने मुख्यमंत्री ना बनाया होता तो आज कही ये भूतपूर्व विधायक का पेंशन खाकर जीवन गुजार रहा होता।
फैजल खान अपने आप को इतना बड़ा तोप समझने लगा की वह सोच रहा था कि वह जो कहेगा सब उसे ही सच मानेंगे।
पर आज के तकनीकी युग में सभी कल पुरजे एक-एक कर खुल जाते हैं,अब झूठ पकड़ा गया तो मीमयाने लगा।
दूसरों को ज्ञान देने वाला खुद ही अज्ञानी निकला?
पढ़ाई के नाम पर नौटंकी करने वाला फैजल खान अपने कोचिंग की सफलता की गारंटी देता था।
2-4 सफल अभ्यर्थियो को सैकड़ो मे दिखाकर अपनी तारीफ खुद ही करता था।
पूरे सुचारू ढंग से इसने शिक्षा को व्यापार के तौर पर अपना हथियार बनाया।
पर कहते है झूठ का घड़ा ज्यादा दिन तक नही टिकता,फुटता ही है।
@KraantiKumar पिछड़ेपन की मूल भावना क्या है? इसका अर्थ क्या है?
एक IAS,IPS भी पिछड़ा हुआ ही है अगर वह जाति से एससी एसटी है? अरे चुटिये जो मन में आता है वह बक देता है?
भीख मांग कर ही खाना है जीवन भर? शरीर से भी कुछ काम कर ले। एक आईएएस आईपीएस के सामने भी एक स्वर्ण सेल्यूट ठोकता है,भूल गया क्या?
@Manoj_Yadav_ तो मतलब तुम्हारे और समाजवादी वाले यादवों के लिए दलित शब्द एक गाली है?तो फिर तुम दलितों का मसीहा बनने के लिए लाइन में क्यों खड़े हो?
वैसे भी दलितों का सबसे बड़ा भक्षण तो यादवों ने ही किया है, विश्वास नहीं तो कोर्ट केस की फाइलें खोलकर देख लो।
90% कैसे इन्हीं के खिलाफ है।
@DrLaxman_Yadav तुम्हारे बाप ने भी तुम्हें बचपन में कूटा होगा अब अगर तुम्हारा पड़ोसी भी तुम्हें लतिया दे तो तुम क्या उसे अपना मान कर चुप बैठोगे या जवाब दोगे?
बाप तुम्हारा है कुछ भी कर या बोल सकता है,पर दूसरो को कोई अधिकार नहीं।
राजकुमार भाटी तुम्हारा बाप हो सकता है,हमारा नहीं।
@BhimArmyChief बाबा साहब को मानते हो कि नहीं? उन्होंने ही कहा था भले 100 दोषी छूट जाए पर एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।
बंद कमरे में कोई भी झूठ बोलकर एससी एसटी एक्ट लगा देगा तो कोर्ट उसे मन लगा क्या?सिद्ध करो, कानून तो यही कहता है।
मतलब तुम जो कहे वही सही, न खाता ना बही?