@yadavtejashwi लोकतंत्र मे एक मजबूत विपक्ष होना आवश्यक है , गत सत्र मे भी आपका विपक्ष के तोर पे अच्छा कार्य काल रहे , एसे ही मजबूती के साथ बने र��े ।
शुभकामनाएं 🙏
चुनाव समाप्त हो चुका है। परिणाम जो भी हो, लेकिन इस दौरान विधानसभा नंबर 01 वाल्मीकिनगर से लेकर विधानसभा नंबर 243 चकाई तक की चुनावी यात्रा के अनुभव के बाद मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा — संभ��तः यह नीतीश कुमार का आखिरी चुनाव होगा।
2030 के अगले चुनाव में जब मैं फिर चुनावी यात्रा पर निकलूंगा, तब बिहार एक नए विकल्प और नए चेहरे की तलाश में होगा। शायद उस समय नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में न हों, न मुख्यमंत्री के रूप में, न ही जदयू के नेतृत्व में। उस समय बिहार की राजनीति का केंद्रबिंदु कोई और होगा।
लेकिन मैं आज यह विश्वास के साथ कहता हूं — बिहार में दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो पाएगा।
नीतीश कुमार हमारे बीच हैं, इसलिए शायद हम अभी उनकी अहमियत को पूरी तरह महसूस नहीं कर पा रहे हैं। पर जिस दिन वे हमारे बीच नहीं रहेंगे, उस दिन पूरे बिहार की आंखों में आंसू होंगे, और हर किसी की जुबां पर एक ही बात होगी —
“आज बिहार का बेटा चला गया… आधुनिक बिहार का भाग्य-विधाता, उसका शिल्पकार चला गया।”
आज बिहार का कोई ऐसा कोना नहीं है, जहां नीतीश कुमार की छाप न हो। पश्चिमी चंपारण से लेकर किशनगंज तक, कैमूर-रोहतास से लेकर भागलपुर तक — चारों ओर विकास दिखाई देता है।
अब बिहार के किसी भी छोर से राजधानी पटना पहुंचने में तीन से चार घंटे से अधिक नहीं लगते। गांवों में बिजल�� की स्थिति शहर जैसी हो चुकी है, हर घर में नल का पानी उपलब्ध है।
हाईवे और पुलों के जाल ने राज्य को जोड़ा है, हर पंचायत में अब उच्च विद्यालय, अस्पताल और सुदृढ़ कानून व्यवस्था मौजूद है।
नीतीश कुमार का साइकिल वितरण मॉडल आज भी प्रेरणा देता है। कभी जो लड़कियां स्कूल नहीं जाती थीं, आज सड़कों पर साइकिल चलाकर पढ़ने जाती हैं। हर जगह पुलिस गश्त करती दिखती है, अपराध दर में भारी कमी आई है।
आज कोई व्यापारी, डॉक्टर या आम नागरिक यह डर लेकर नहीं जीता कि उससे रंगदारी मांगी जाएगी। हर व्यक्ति अब चैन की नींद सोता है, सुकून से दो रोटी खाता है, यह भरोसा लेकर कि उसका घर-संसार सुरक्षित है।
छात्रों को अब यह चिंता नहीं सताती कि अगर माता-पिता फीस न दे पाए ��ो वे पढ़ नहीं पाएंगे — नीतीश कुमार ने ऐसी कई योजनाएं दीं, जिन्होंने गरीबों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ा।
मैंने इस यात्रा के दौरान देखा और महसूस किया — लोगों के मन में नीतीश कुमार के प्रति एक सच्चा सम्मान है, जो उनके काम और नीतियों से पैदा हुआ है।
आखिर में मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा —
नीतीश कुमार ने बिहार में विकास की जो लकीर खींची है, आने वाले किसी भी मुख्यमंत्री को बस उसी लकीर को ईमानदारी से आगे बढ़ाना है। अगर वे इसे समय-समय पर दुरुस्त करते रहें, तो उन्हें नया कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी — क्योंकि नीतीश कुमार ने पहले ही बिहार की बुनियाद को मजबूत बना दिया है।
बाकी गिनाने के लिए हजारों काम हैं जो उन्होंने किए हैं।
नमन है ऐसे विकास पुरुष को।
और उस मां को भी नमन है, जिसने बिहार की धरती पर नीतीश कुमार जैसे बेटे को जन्म दिया।
असल में नीतीश कुमार भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं।
��न्हें यह सम्मान ��िलना चाहिए — यह केवल उनका नहीं, बल्कि नए बिहार के हर विकासप्रिय बिहारी का सम्मान होगा।