इस नौजवान की बात केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की बेचैनी की आवाज़ है।
केवल "ट्रिलियन इकोनॉमी" के नारे लगाने से देश खुशहाल नहीं हो जाता। असली सवाल यह है कि विकास का लाभ किसे मिल रहा है? जब देश की बड़ी हिस्सेदारी की संपत्ति कुछ ही लोगों के हाथों में सिमट जाए और करोड़ों लोग शिक्षा, रोज़गार और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हों, तब चमकते आँकड़ों के पीछे छिपी सच्चाई को भी देखना होगा।
23 दिन तक भूख हड़ताल के बाद @neha_aisa
और उनके साथियों पर पुलिस ने हिंसा करके वहां से उठाया।
उसके बाद दोबारा प्रोटेस्ट शुरू हुआ है तो सुनें क्या जबरदस्त स्पीच दे रही हैं।
निष्कर्ष यही है : जो ज़ुल्म हुए हैं, ये सब याद रखा जाएगा ।
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दिल्ली पुलिस, मोदी-शाह की हुकूमत तो सुने ही, आम युवाओं! ये भाषण आपको ज़रूर सुनना चाहिए. इस आंदोलन में 23 दिन तक अनशन पर बैठी @neha_aisa का ये भाषण इस मोड़ पर बहुत ज़रूरी हस्तक्षेप है.
पुलिस पर वकीलों के झुंड का हमला अस्वीकार्य है। यह हिंसा कानून की अवमानना है। दोषियों पर बिना देर किए सख्त कार्रवाई सुनिश्चिति की जाए।
#Justice_for_Khaki
#justiceforkhaki * जो इन कायरो ने अकेला पाकर हमारे निहत्थे भाई के साथ किया है वह क्षमा योग्य नहीं है ये पुलिस ही है जे इतना कुछ सहने के बाद भी अपनी मर्यादा और कानून के दायरे में रह रही है। वरना गर्मी तो 2 मिनट में शांत हो जाए पूरी कचहरी की।*