विंध्य क्षेत्र के सभी पर्टियों के नेता को साथ मिलकर इसके बारे में सोचना होगा जिससे रीवा भी एक दिन बड़े शहरों की तरफ़ कदम से कदम मिला कर चल सके और हमारे विंध्या वासियों को बड़े शहर पलायन ना करना पड़े । #rewa#vindhya#bagheli
जबकि उस समय तत्कालीन प्रशासन का वादा का रीवा का विकास इंदौर भोपाल जैसे होगा . अब रीवा को केवल एकमात्र सुदुर जिला के भाँति समझा जाता हैं जबकि सबसे ज़्यादा राजस्व विंध्य क्षेत्र से जाता है ।
जब विंध्य प्रदेश का विलय हुआ था मध्य प्रदेश में उस दौर में रीवा में हाई कोर्ट का ऑफ़िस था और बहुत बड़े बड़े विभाग के ऑफ़िस थे लेकिन बाद में धीरे धीरे सब स्थानातंरण कर दिया हाई इंदौर , भोपाल और दूसरे जगह . रीवा जो राजधानी थी विंध्य प्रदेश की उपेक्षा का शिकार बनी
सभी विंध्य वासियो से हाथ जोड़कर अनुरोध है कृपया इसका समर्थन करें चाहे जो भी पार्टी के समर्थक हो आप । जैसे की रीवा विंध्य की राजधानी थी लेकिन मध्य प्रदेश में विलय होने के बाद दूसरे शहरो को पप्राथमिकता दी गयी और हमार रेवा के उपेक्षा की गयी ।आगे माटी पीछे पार्टी। #हमाररीवा#विंध्य
मध्य प्रदेश के सबसे पुराने संस्थानों में से एक होने के नाते कॉलेज को क्षेत्र के एक 'हेरिटेज कॉलेज' के रूप में पहचाने जाने का पूरा श्रेय है।
#rewa#bagheli#vindhyakhestra
क्या आप जानते है TRS कालेज का इतिहास, ठाकुर रणमत सिंह कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले प्रतिष्ठित और सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। कॉलेज की स्थापना रीवा के महाराजा, राजा रघुराज सिंह ने 1869 में एक पब्लिक स्कूल के रूप में की थी।
कॉलेज 1956 में सागर विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया और 1968 से संबद्ध रहा। 1968 में कॉलेज अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा से संबद्ध हो गया, जो स्थापित हो गया था। 1968 में। कॉलेज में विंध्य क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करने की एक लंबी विरासत है।