शहरी नक्सलवाद, शहरी आतंकवादियों और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होना चाहिए।
जब तक सरकारी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेंगी......
तब तक हमारा देश महाशक्ति नहीं बन सकता।
अगर आप सहमत हैं तो मेरी मांग को कॉपी-पेस्ट करें या सीधे रीपोस्ट करें। @narendramodi@myogiadityanath@AshwiniUpadhyay
“देश के नेताओं से आज गुस्से में एक सवाल पूछना चाहता हूँ 🇮🇳
क्या इस देश में गरीब राज्यों के युवाओं का भविष्य सिर्फ़ मजदूरी करने के लिए बचा है?
अगर केंद्र सरकार की ज़्यादातर आरक्षित नौकरियाँ बार-बार कुछ ही राज्यों — हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और केरल — के उम्मीदवारों के पास जाती रहें,
तो बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा जैसे गरीब राज्यों के लाखों मेहनती युवाओं को आखिर मिलेगा क्या?
यहाँ के बच्चे भी रात-रात भर पढ़ते हैं…
माँ-बाप जमीन बेचकर तैयारी करवाते हैं…
कई युवा गरीबी में रहकर भी देश सेवा का सपना देखते हैं…
लेकिन सिस्टम में regional balance की बात आते ही सब चुप क्यों हो जाते हैं?
जब category-wise reservation हो सकता है,
तो state-wise representation की बात करना गलत कैसे हो गया?
क्या ‘समान अवसर’ का मतलब सिर्फ़ विकसित राज्यों के लिए है?
देश तभी मजबूत बनेगा जब हर राज्य का युवा आगे बढ़ेगा…
वरना कुछ राज्यों को अवसर और बाकी राज्यों को सिर्फ़ संघर्ष देना कभी न्याय नहीं कहलाएगा।” 🇮🇳🔥
नाम: जयंत सिंह (Bokaro)
कसूर: गरीब होना, ठेका मज़दूर होना, और “गलत” सिस्टम में जीना।
जयंत सिंह की हत्या हो चुकी है।
अब सिस्टम की बारी है —
उसे धीरे-धीरे भुलाने की।
👉 परिवार को मुआवज़ा?
शायद नहीं।
👉 स्थायी नौकरी / सहायता?
भूल जाइए।
👉 तेज़ न्याय?
फ़ाइलों में दम तोड़ देगा।
क्योंकि काग़ज़ों में जयंत सिंह
उस caste category से आता है
जिसे सिस्टम मानता है —
“इन्हें तो सब कुछ मिला हुआ है”
हक़ीक़त?
वो एक ठेका मज़दूर था,
जिसके घर की रोज़ी उसके साथ ही दफन हो गई।
___________
अब ज़रा असली सवाल —
❓ विनोद खोपड़ी जैसे अपराधी
इतने निडर कैसे हो जाते हैं?
❓ उन्हें किस बात का भरोसा होता है
कि हत्या के बाद भी
ज़िंदगी आराम से चलेगी?
कोई भी अपराधी
बिना संरक्षण,
बिना सपोर्ट सिस्टम,
बिना “ऊपर से इशारा”
इतना बेख़ौफ़ नहीं होता।
तो सवाल सीधा है —
👉 विनोद खोपड़ी जैसे अपराधियों का godfather कौन है?
👉 कौन है जो इन्हें भरोसा देता है कि सब संभाल लिया जाएगा?
⚖️ हमारी सीधी मांग
🔴 जयंत सिंह के परिवार को तुरंत आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए
🔴 पत्नी को स्थायी सरकारी सहायता / नौकरी दी जाए
🔴 मामले की fast-track सुनवाई हो
🔴 सिर्फ़ अपराधी नहीं, संरक्षण देने वालों की भी जांच हो
क्योंकि
अगर आज जयंत सिंह के परिवार को न्याय नहीं मिला,
तो कल कोई भी मज़दूर सुरक्षित नहीं है।
इंसाफ़ दया नहीं होता — अधिकार होता है।
सगा भाई भी मदद नहीं करता!
फिर आपको क्यों लगता है कि पंजाब और राजस्थान के SC ST OBC EWS हमारे हिस्से की सरकारी नौकरी लेकर हमारे झारखंड/छत्तीसगढ़ के गरीब की मदद करेंगे?
#State_Wise_Representstion in central job reserved for poor SC ST OBC EWS 🙏💪💪💪
जयंत सिंह (बोकारो) की निर्मम हत्या हुई।
रिपोर्ट्स के अनुसार उसके साथ अमानवीय क्रूरता की गई।
❓ क्या आरोपी विनोद खोपड़ी का Narco / scientific test नहीं होना चाहिए?
❓ या सिस्टम इसलिए चुप है क्योंकि ऐसे अपराधी आगे चलकर MLA/MP/मंत्री बन जाते हैं?
अगर आज ही relaxation मिल रही है,
तो इंसाफ़ किसके लिए है?
👉 जयंत सिंह के परिवार को तुरंत मुआवज़ा दो
👉 Fast-track सुनवाई करो
👉 संरक्षण देने वालों को बेनक़ाब करो
Justice delayed = Justice denied
✊ #JusticeForJayantSingh
#Bokaro #StopCriminalProtection #IndianJusticeSystem
✍️ JUSTICE FOR JAYANT SINGH | BOKARO
जयंत सिंह जी की निर्मम हत्या की गई।
मीडिया और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार,
उनके साथ अत्यंत क्रूरता बरती गई —
जिसे कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता।
अगर यह सच है कि
👉 शरीर को विकृत किया गया
👉 अमानवीय यातनाएँ दी गईं
तो सवाल बहुत सीधा है —
❓ क्या आरोपी विनोद खोपड़ी का Narco Test नहीं होना चाहिए?
❓ क्या यह जानना ज़रूरी नहीं कि उसने ये अपराध अकेले किया या किसी संरक्षण में?
Narco test कोई सज़ा नहीं है,
यह सच्चाई तक पहुँचने का एक ज़रिया है —
फिर डर किस बात का?
या फिर
👉 प्रशासनिक अधिकारी
👉 जांच एजेंसियाँ
👉 और न्यायपालिका
इस बात से डरती है कि
आज के अपराधी कल को MLA, MP या मंत्री बन जाते हैं?
क्या इसीलिए
👉 ऐसे अपराधियों को शुरू से ही relaxation दी जाती है?
👉 जांच को जानबूझकर कमज़ोर रखा जाता है?
👉 और केस को “routine process” बना दिया जाता है?
जयंत सिंह कोई VIP नहीं था।
वो एक ठेका मज़दूर था।
लेकिन उसका भी उतना ही हक़ है
जितना किसी नेता या अफ़सर का।
🔴 हमारी साफ़ माँग
✔️ विनोद खोपड़ी का Narco / scientific investigation हो
✔️ इस हत्याकांड की Fast Track Court में सुनवाई हो
✔️ जयंत सिंह के परिवार को तुरंत मुआवज़ा और सुरक्षा मिले
✔️ संरक्षण देने वालों की भी पहचान हो
क्योंकि अगर
आज जयंत सिंह को न्याय नहीं मिला,
तो कल कोई भी सुरक्षित नहीं है।
Justice delayed is justice denied.
✊ Justice for Jayant Singh of Bokaro