@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@officecmbihar@GovernorBihar
"रणभेरी बज उठी वीरवर,
पहनो केसरिया बाना।"
बिहार के शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले अपने हक के लिए, वेतनमान के लिए सर में कफ़न बांध कर सत्याग्रह अनिश्चितकालीन भूख हडताल के लिए तैयार हो जाओ
आज भुख हडताल के कारण पूर्व से नियुक्त शारीरिक शिक्षक हो या अन्य विषय के शिक्षक के 7th वेतनमान की मांग माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री जी के पास पहुॅच गई है
हम उम्मीद करते हैं कि सभी शिक्षक संघ , सभी मीडिया , MLA,MLC , MP शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की मांग को माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री जी को अवगत करवाएंगे
अब एक बात समझ में आ रही है कोई भी नियम कानून सरकार जब चाहे बना सकती है तभी तो
1. सामान्य शिक्षक की नियुक्ति 11 महीने के लिए हुई थी
2. पुन: 60 साल के लिए परमानेंट हुआ है
3. वेतनमान मिला
4. 2023 में राज्यकर्मी बना
5. शायद अब केंद्रीय वेतनमान भी मिलेगी
@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@officecmbihar@GovernorBihar
"रणभेरी बज उठी वीरवर,
पहनो केसरिया बाना।"
बिहार के शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले अपने हक के लिए, वेतनमान के लिए सर में कफ़न बांध कर सत्याग्रह अनिश्चितकालीन भूख हडताल के लिए तैयार हो जाओ
आज भुख हडताल के कारण पूर्व से नियुक्त शारीरिक शिक्षक हो या अन्य विषय के शिक्षक के 7th वेतनमान की मांग माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री जी के पास पहुॅच गई है
हम उम्मीद करते हैं कि सभी शिक्षक संघ , सभी मीडिया , MLA,MLC , MP शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की मांग को माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री जी को अवगत करवाएंगे
अब एक बात समझ में आ रही है कोई भी नियम कानून सरकार जब चाहे बना सकती है तभी तो
1. सामान्य शिक्षक की नियुक्ति 11 महीने के लिए हुई थी
2. पुन: 60 साल के लिए परमानेंट हुआ है
3. वेतनमान मिला
4. 2023 में राज्यकर्मी बना
5. शायद अब केंद्रीय वेतनमान भी मिलेगी
निचले पंक्ति की भावनाओं को जितना आप समझ सकते हैं नहीं लगता की कोई और शिक्षा मंत्री समझ पाएगा
आप संघर्ष से इस मुकाम पर पहुंचे
बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ बक्सर धाम की कृपा से और आगे सफर करना बाकी है
₹16000 पर कैसे जीवन यापन करते होंगे शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक
@mkrtiwari_bjp
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी
माननीय ACS @BiharEducation_ जी सुने है अब बिहार में AI की पढ़ाई होगी और @Google पढ़ाएगा आज उसी google के AI से शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले के बारे में सवाल किया
जबाब स्पष्ट है
🪔 अंशकालिक के रूप में खेल गतिविधि असंभव है
🪔विशाल छात्र संख्या एवं नियंत्रण असंभव
🪔सुरक्षा का बड़ा जोखिम
🪔संसाधनो और जगह का अभाव
पता नहीं क्यों शिक्षा मंत्री जी
🙏छात्रों का नहीं सुनते हैं
🙏अभिभावक का नहीं सुनते है
🙏शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक का नहीं सुनते है
🙏 सबसे बड़ी बात जिस AI को लेकर सभी लोग उत्साहित हैं उस Google AI का भी नहीं सुन रहे हैं
ये है अभय मिश्रा भागलपुर के शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले के जिला अध्यक्ष इनको लग रहा है स्कूल में जितना ज्यादा खेलें के क्षेत्र में अच्छा काम करेंगे
सरकार उतना जल्दी सुन लेगी और पूर्णकालिक कर देगी
शायद मिश्रा जी भूल गए कि किसकी सरकार है बिहार में योग्यता की नहीं वोट की पूजा होती है
आपके पास वोट बैंक है योग्यता शून्य भी है
सरकार आपकी सुनेगी
अगर वोट बैंक कम है फिर सरकार भगवान का भी नहीं सुनेगी तभी तो सिर्फ मैट्रिक पास टोला सेवक की सैलरी 25000 नौकरी अपने पंचायत में लेकिन MATRIC+INTER+BA+BPED+STET उत्तीर्ण शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की सैलरी सिर्फ 16000 और नौकरी घर से 300-400 किमी दूर
हमें लगता है माननीय मुख्यमंत्री जी एवं शिक्षा मंत्री जी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लगातार भुख हडताल पर बैठना होगा
ये है अभय मिश्रा भागलपुर के शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले के जिला अध्यक्ष इनको लग रहा है स्कूल में जितना ज्यादा खेलें के क्षेत्र में अच्छा काम करेंगे
सरकार उतना जल्दी सुन लेगी और पूर्णकालिक कर देगी
शायद मिश्रा जी भूल गए कि किसकी सरकार है बिहार में योग्यता की नहीं वोट की पूजा होती है
आपके पास वोट बैंक है योग्यता शून्य भी है
सरकार आपकी सुनेगी
अगर वोट बैंक कम है फिर सरकार भगवान का भी नहीं सुनेगी तभी तो सिर्फ मैट्रिक पास टोला सेवक की सैलरी 25000 नौकरी अपने पंचायत में लेकिन MATRIC+INTER+BA+BPED+STET उत्तीर्ण शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की सैलरी सिर्फ 16000 और नौकरी घर से 300-400 किमी दूर
हमें लगता है माननीय मुख्यमंत्री जी एवं शिक्षा मंत्री जी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लगातार भुख हडताल पर बैठना होगा
टोक्यो, जापान को अध्ययन के लिए बिहार आना चाहिए
यहां रोज-रोज नया-नया नवाचार होता है
बिहार में सिर्फ दो दिन की ट्रेनिंग के बाद बिना खेल डिग्रीधारी टीचर मशाल में होने वाले सभी खेल में एक्सपर्ट हो जाते हैं
जबकी खेल डिग्रीधारी शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 के कारण सिर्फ चेतना सत्र के लायक है
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी आज आपका दो काम शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय है
@officecmbihar@BiharEducation_
1. आप खुद PTM मे शामिल हुए
2. आप मुख्यमंत्री होते हुए भी HM कि कुर्सी पर नहीं बैठे
लेकिन अफसोस कहे या बिहार का दुर्भाग्य जिस स्कूल में मुख्यमंत्री खुद समस्या को सुने लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से समस्या समाधान के लिए पत्र जारी नहीं होना काफी दुखद है
मुख्यमंत्री जी आपकी भी अपनी मजबूरी है आप इतना ज्यादा प्रोटोकॉल के घेरे में रहते हैं की अधिकारी असली समस्या को आप तक पहुँचने ही नहीं देते है
आखिर आज एक अभिभावक द्वारा बच्चों के लिए खेल का महत्व बता दी गई
लेकिन सरकार में बैठे IAS/IPS रैंक के अधिकारी को खेल का महत्व पता नहीं है
माननीय मुख्यमंत्री जी हकीकत ये है कि
40% स्कूल में शारीरिक शिक्षक नियुक्त ही नहीं है
लगभग 3000 स्कूल में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक नियुक्त है जो सिर्फ चेतना सत्र करवा कर घर चले जाते हैं क्योकी उनकी सैलरी सिर्फ 16000 है जबकी आपके द्वारा करोडो का खेल सामग्री स्कूल में उपलब्ध करा दी गई है
एक आम आदमी भी सोच सकता है कैसे कोई शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक सिर्फ एक घंटे में PT भी करवा देगा और खेल भी सिखा देगा
क्या धरातल पर संभव है नहीं ये सिर्फ कागज़ पर ही संभव है
माननीय मुख्यमंत्री जी वैसे भी आप शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को सिर्फ चेतना सत्र करवाने का 16000 दे ही रहे हैं सिर्फ वेतनमान देकर पूरे दिन स्कूल में काम लिया जाए
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भी खुश और विद्यार्थी भी खुश
लगभग माध्यमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक का पद खाली है लेकिन TRE4.0 में शारीरिक शिक्षक की रिक्ति सिर्फ 47
अत: माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है जब आप खेल गतिविधि को लेकर समस्या खुद सुने है
तो समस्या समाधान के लिए यथा शीघ्र पत्र जारी करने की कृपा करेंगे
अन्यथा एक मुख्यमंत्री जी का विद्यालय निरीक्षण
और एक वार्ड सदस्य के स्कूल निरीक्षण में क्या अंतर होगा ?
🙏🙏🙏🙏
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी आज आपका दो काम शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय है
@officecmbihar@BiharEducation_
1. आप खुद PTM मे शामिल हुए
2. आप मुख्यमंत्री होते हुए भी HM कि कुर्सी पर नहीं बैठे
लेकिन अफसोस कहे या बिहार का दुर्भाग्य जिस स्कूल में मुख्यमंत्री खुद समस्या को सुने लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से समस्या समाधान के लिए पत्र जारी नहीं होना काफी दुखद है
मुख्यमंत्री जी आपकी भी अपनी मजबूरी है आप इतना ज्यादा प्रोटोकॉल के घेरे में रहते हैं की अधिकारी असली समस्या को आप तक पहुँचने ही नहीं देते है
आखिर आज एक अभिभावक द्वारा बच्चों के लिए खेल का महत्व बता दी गई
लेकिन सरकार में बैठे IAS/IPS रैंक के अधिकारी को खेल का महत्व पता नहीं है
माननीय मुख्यमंत्री जी हकीकत ये है कि
40% स्कूल में शारीरिक शिक्षक नियुक्त ही नहीं है
लगभग 3000 स्कूल में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक नियुक्त है जो सिर्फ चेतना सत्र करवा कर घर चले जाते हैं क्योकी उनकी सैलरी सिर्फ 16000 है जबकी आपके द्वारा करोडो का खेल सामग्री स्कूल में उपलब्ध करा दी गई है
एक आम आदमी भी सोच सकता है कैसे कोई शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक सिर्फ एक घंटे में PT भी करवा देगा और खेल भी सिखा देगा
क्या धरातल पर संभव है नहीं ये सिर्फ कागज़ पर ही संभव है
माननीय मुख्यमंत्री जी वैसे भी आप शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को सिर्फ चेतना सत्र करवाने का 16000 दे ही रहे हैं सिर्फ वेतनमान देकर पूरे दिन स्कूल में काम लिया जाए
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भी खुश और विद्यार्थी भी खुश
लगभग माध्यमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक का पद खाली है लेकिन TRE4.0 में शारीरिक शिक्षक की रिक्ति सिर्फ 47
अत: माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है जब आप खेल गतिविधि को लेकर समस्या खुद सुने है
तो समस्या समाधान के लिए यथा शीघ्र पत्र जारी करने की कृपा करेंगे
अन्यथा एक मुख्यमंत्री जी का विद्यालय निरीक्षण
और एक वार्ड सदस्य के स्कूल निरीक्षण में क्या अंतर होगा ?
🙏🙏🙏🙏
बिहार में माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी का ड्रीम प्रोजेक्ट
#मशाल खेल होना है अभी अलग-अलग लेवल पर PT शिक्षको को प्रशिक्षण दिया जा रहा है
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp , शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp , खेल मंत्री @Office_Shreyasi , @DGBSSA , @officecmbihar@BiharEducation_
से विनम्र निवेदन है कि जिस स्कूल में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक सैलरी सिर्फ 16000 वाले नियुक्त है और सिर्फ चेतना सत्र करवा कर घर चले जाते हैं
जिस स्कूल में फिजिकल टीचर ही नहीं है वाले स्कूल में ऐसा ट्रेनिंग दिलवाने की कृपा करेंगे की
बच्चे बिना किसी ट्रेनिंग के सभी खेल में
स्कुल स्तर, जिला स्तर , राज्य स्तर और ओलंपिक तक बच्चे गोल्ड मेडल ले आये
@samrat4bjp माननीय @smarat@mithilesh जी, भारत सरकार ने EPFO वेतन सीमा ₹15k से ₹25k कर दी, ताकि हर कर्मचारी को PF, पेंशन, बीमा मिले। हम बिहार के शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक ₹16,000 पर बिना PE, बिना DA, बिना किसी सुविधा के 4 साल से सेवा कर रहे हैं। हमें भी #समान_काम _समान वेतन और..
@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@AbhishekJhaNITP@neerajkumarmlc@MLCDilip@savedemocracyI@jansuraajonline@jansuraaj_fc@yadavtejashwi@RahulGandhi
बिहार के सभी शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले एवं शारीरिक शिक्षक बनने के इंतजार में बैठे STET उत्तीर्ण अभ्यर्थी कृपया ध्यान देंगे
स्नातक श्रेणी का एमएलसी चुनाव होने वाला है
हजारो लोग शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक और हजारो STET पास कर शारीरिक शिक्षक बनने के इंतजार में है लेकिन शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की वेतन बंधुआ मजदूर से भी कम सिर्फ 16000
जबकी TRE4.0 इन सिर्फ 47 रिक्ती है
शारीरिक शिक्षा के लिए कोई आवाज उठाने वाला नहीं है
आप लोग भी हजारों में वोटर है, आपके दोस्त, रिश्तेदार वोटर हैं
जो कोई शारीरिक शिक्षा की भलाई चाहेगा उनका आकालन कर आप सभी सोच समझ कर अपने विवेक का इस्तमाल करेंगे
🙏🙏🙏