लखनऊ
➡बीएसपी सुप्रीमो मायावती की प्रेसवार्ता
➡महिला आरक्षण पर बोल रहीं मायावती
➡कई चुनाव तक ये आरक्षण नहीं मिल पाएगा- माया
➡ये बिल तुरंत लागू नहीं हो सकता है- मायावती
➡बिना जनगणना, परिसीमन के बिल लागू नहीं हो सकता- माया
➡2011 के बाद आज तक जनगणना नहीं हुई- माया
➡जनगणना कराने में कई साल लग जाएंगे – मायावती
➡जनगणना के बाद परिसीमन का काम होगा – मायावती
➡BJP ने आरक्षण की सीमा 15 साल रखी है – मायावती
➡जबकि कई साल तो इसकी प्रक्रिया में लग जाएंगे- माया
➡महिला आरक्षण पर BJP की नीयत साफ नहीं- मायावती
#Lucknow @Mayawati@bspindia
जब भाजपाई संसद में शोर मचाते है तो सभापति की प्रतिक्रया देखो।
ऐसे रियेक्ट कर रहे है जैसे कुछ हुआ ही नही या कुछ सुनाई और दिखाई ही नही दे रहा।
इतनी बेशर्मी भाजपा बाले कौन से ग्रन्थ को पढकर लाते है
1. एनडीए व इण्डिया गठबंधन अधिकतर गरीब-विरोधी जातिवादी, साम्प्रदायिक, धन्नासेठ-समर्थक व पूंजीवादी नीतियों वाली पार्टियाँ हैं जिनकी नीतियों के विरुद्ध बीएसपी अनवरत संघर्षरत है और इसीलिए इनसे गठबंधन करके चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता। अतः मीडिया से अपील-नो फेक न्यूज प्लीज़।
2. बीएसपी, विरोधियों के जुगाड/जोड़तोड़ से ज्यादा समाज के टूटे/बिखरे हुए करोड़ों उपेक्षितों को आपसी भाईचारा के आधार पर जोड़कर उनकेे गठबंधन से सन 2007 की तरह अकेले आगामी लोकसभा तथा चार राज्यों में विधानसभा का आमचुनाव लडे़गी। मीडिया बार-बार भ्रान्तियाँ न फैलाए।
3. वैसे तो बीएसपी से गठबंधन के लिए यहाँ सभी आतुर, किन्तु ऐसा न करने पर विपक्षी द्वारा खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हैं। इनसे मिल जाएं तो सेक्युलर न मिलें तो भाजपाई। यह घोर अनुचित तथा अंगूर मिल जाए तो ठीक वरना अंगूर खट्टे हैं, की कहावत जैसी।
4. इसके अलावा, बीएसपी से निकाले जाने पर सहारनपुर के पूर्व विधायक कांग्रेस व उस पार्टी के शीर्ष नेताओं की प्रशंसा में व्यस्त हैं, जिससे लोगों में यह सवाल स्वाभाविक है कि उन्होंने पहले यह पार्टी छोड़ी क्यों और फिर दूसरी पार्टी में गए ही क्यों? ऐसे लोगों पर जनता कैसे भरोसा करे?
बिहार में तीन दशकों से ओबीसी समाज के तथाकथित नेता शासन में रहे हैं। लेकिन आज भी यहां पर ओबीसी समाज के साथ सर्व समाज की हालत बेहद खराब है। इनके राज में आज भी छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिये दूसरे राज्य में जाना पड़ता है। नौकरी के लिए युवा दूसरे राज्यों की राह देखते हैं। पिछले तीन दशकों से ये सरकार राज्य में रोजगार के मौके तक उपलब्ध नहीं करा सकी है।
बाबासाहब द्वारा बनाया गया भारतीय संविधान अमरीका के संविधान से इसलिए श्रेष्ट है क्योंकि की अमरीका के संविधान के बनने (1789 ) के लगभग 120 वर्षो के बाद महिलाओं को वोट डालने का अधिकार मिला, लेकिन भारतीय संविधान में महिलाओं का वोटिंग अधिकार संविधान बनते ही पुरुषों के साथ ही दिया गया।
#अपना_अपना_बूथ_करो_मजबूत
अपनो के साथ अपनो के बीच
आज दिनाँक 11-08-2023 को अयोध्या मंडल के बाराबंकी जिले में विभिन्न बूथों पर सम्मानित साथियों से सामाजिक,राजनैतिक मुद्दों पर चर्चा परिचर्चा करते हुए।
1.ओबीसी समाज की आर्थिक, शैक्षणिक व सामाजिक स्थिति का सही ऑकलन कर उसके हिसाब से विकास योजना बनाने के लिए बिहार सरकार द्वारा कराई जा रही जातीय जनगणना (caste census) को पटना हाईकोर्ट द्वारा पूर्णत वैध ठहराए जाने के बाद अब सबकी निगाहें यूपी पर टिकी हैं कि यहाँ यह जरूरी प्रक्रिया कब?
1. यूपी विधानसभा के कल से शुरू हो रहे सत्र में सरकार आमजनहित के जरूरी मुद्दों जैसे बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी तथा सड़क, बिजली, पानी, शान्ति-व्यवस्था व सुरक्षा आदि की बदहाल स्थिति के बारे में विशेष जिम्मेदारी का परिचय दे, क्योंकि इनको लेकर लोगों का जीवन त्रस्त व अस्त-व्यस्त।
2. साथ ही, यूपी की सरकार द्वारा जनहित, जनकल्याण व विकास के मामलों में इनके धाराप्रवाह वादों एवं दावों के प्रति सदन में उत्तरदायित्व बनाने तथा इन्हें इधर-उधर के बजाय तथ्यात्मक बातें ही सदन में रखने को मजबूर करने के लिए विपक्ष द्वारा नियमों के तहत इनको बाध्य करना ज्यादा जरूरी।
देश में भाजपा द्वारा हर सरकारी समारोह को पार्टी कार्यक्रम में बदलने की एक परेशान करने वाली प्रथा आरंभ हो चुकी है। मेरी कड़ी मेहनत से आज अमरोहा और गजरौला रेलवे स्टेशनों को अमृत योजना में शामिल किया गया लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के नारे लगाए जो प्रोटोकॉल के विरुद्ध है।
बहुजन समाज पार्टी मान्यवर कांशीराम जी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है जिसकी एक ही सोच है समतामूलक समाज की स्थापना करना।
आदरणीय @Mayawati जी के दिशा-निर्देश में बसपा को तीसरे विकल्प के तौर पर आम जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।
इससे हताश हमारे विरोधी
साम-दाम-दंड-भेद की नीति का इस्तेमाल कर भ्रामक खबरें फैला रहे हैं, हम सभी को इससे सावधान रहने की ज़रुरत है। गठबंधन को लेकर बीएसपी का स्टैंड एकदम साफ़ है।