तो क्या आप पेपर लीक खत्म करने आए थे या उसका नया रिकॉर्ड बनाने?
बीते कल की गलतियां गिनाने से आज की नाकामी छोटी नहीं हो जाती ।।
छात्र पूछ रहा है कि 12 साल बाद भी व्यवस्था सुधरी क्यों नहीं - पेपर लीक रुके क्यों नहीं?
आप आज भी वही बहाना बनाकर ताली बजवा रहे है कि ‘पहले भी होता था’, तो फिर बदलाव किस बात का?
काहे के अच्छे दिन ??