गजब की सोच है, भीमराव जो मूर्तिपूजा कोना करता था, उसका ही पुतला बना कर पूजने लगे।
गजब की सोच है, 22 प्रतिज्ञा दिलवा कर देवताओं से फुर्सत दिलाई, और इनको मंदिर का पुजारी बनना है
गजब की सोच है, भीमराव की शादी ब्राह्मणी से हुई फिर भी आरक्षण नहीं खत्म हुआ, और इनको ब्राह्मण से शादी करके आरक्षण खत्म करना है।
गजब की सोच है, भीमराव बोला कि 10 साल में समीक्षा करो, और 70 साल समीक्षा का नाम लेते ही शरीर में हरारत, थरथराहट, मितली आने लगती है।
शर्म करो, कम से कम भीमराव के हो सगे हो जाओ।
@MeghUpdates Dedicated Fright Corridor.
While @INCIndia / UPA would've given this railway land for free to illegal Bangladeshis or to the Population jihadis.