संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता आज भी अंतिम पंक्ति में खड़े होकर खुश रहते है, क्योंकि उनके लिए संगठन सर्वोपरि है। मेरे लिए स्वयंसेवक से बड़ा कोई दायित्व नहीं
🌏🇮🇳 भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता सिर्फ इतिहास का नहीं, बल्कि साझा भविष्य का भी है।
🧘♂️ International Day of Yoga हो या 🌊 Tsunami जैसी आपदा—दोनों देश हर सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं।
यही है भारत की पहचान—विश्व को जोड़ने वाली, विश्वास को मजबूत करने वाली। 🤝
PM Shri @narendramodi 🇮🇳
#IndiaIndonesia #PMModi #ActEastPolicy #Yoga #VasudhaivaKutumbakam #NewIndia
🚩 जो श्री राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं! 🚩
श्रीराम केवल एक नाम नहीं,
वे भारत की आत्मा, आस्था और आदर्श हैं। 🙏
जो सनातन और श्रीराम का अपमान करते हैं,
उन्हें याद रखना चाहिए कि
करोड़ों रामभक्त अपनी आस्था के सम्मान के लिए हमेशा एकजुट खड़े हैं। 💪
लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है।
आस्था का सम्मान समाज को जोड़ता है,
जबकि उसका अपमान केवल विभाजन पैदा करता है।
राम भारत की पहचान हैं,
और जय श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था का उद्घोष है। 🚩
जय श्रीराम! 🚩🙏
#JaiShriRam #SanatanDharma #RamBhakt #HinduFaith #Bharat
Taj Mahal भारत की प्राचीन विरासत हैं, इसका मूल स्वरूप सनातन स्वरूप हैं।
बाद में जयपुर के हिन्दू राजा जयसिंह से ये आलिशान इमारत ली गई ।
जबतक हम अपने सभी मंदिरों को वापस नहीं ले लेते, लड़ाई जारी रहेगी।
जितने भी हमारे मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाया गया, हम उसे वापस लेंगे।
काशी, मथुरा, टीला वाली मस्जिद, ताजमहल, कुतुब मीनार हम वापस लेंगे @Vishnu_Jain1
The Taj Mahal was originally a Shivalaya, known as Tejo Mahalaya, built by Raja Jai Singh !!
#सनातन_धर्म_ही_सर्वश्रेष्ठ_है
#TajMahal #VishnuShankarJain
🚩 नेहरू का हिंदू विरोधी कृत्य...!!
1952 में Jawaharlal Nehru ने
भारत के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा कि
ईसाई मिशनरियों के कार्यों में कोई बाधा न डाली जाए।
अपने करीबी वेरियर एलविन को
पूर्वोत्तर में धर्मांतरण से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।
दावा किया जाता है कि
नागालैंड में न हिंदू साधु-संत रहेंगे,
न नए मंदिर बनने दिए जाएंगे।
यही कारण है कि
नेहरू पर हिंदू विरोधी नीतियों के आरोप आज भी लगाए जाते हैं।
आलोचकों का कहना है कि
आज भी कांग्रेस उसी राह पर चल रही है।
यह अत्यंत शर्मनाक बताया जाता है।
अब समय है बदलाव का।
भारत हिंदुओं की आस्था,
सभ्यता और सनातन संस्कृति की भूमि है।
Wake Up Hindus! 🚩
Must Unite. 🤝
@BJP4India@AmitShah@AshwiniUpadhyay
🚨 यह सिर्फ अपराध नहीं...
मानवता पर कलंक है। 😡
मासूम बेटियों का अपहरण...
फिर उन्हें देह व्यापार में धकेलना।
ऐसे दरिंदों पर दया नहीं,
सिर्फ़ कठोरतम सज़ा चाहिए। ⚖️
तेज़ न्याय ही
समाज में डर पैदा करेगा।
बेटियों की सुरक्षा पर
कोई समझौता नहीं। 🙏
#Justice#WomenSafety #ZeroTolerance #LawAndOrder
🚧 विकास रोकने की राजनीति कब तक?
हर जनहित परियोजना पर विरोध।
हर बड़े फैसले पर अड़ंगा।
देश को आगे बढ़ना है,
तो विकास विरोधी मानसिकता पर कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। 🇮🇳
जनहित से बड़ा कोई एजेंडा नहीं।
राष्ट्र पहले, राजनीति बाद में। 💯🙏
#Development#India #NationFirst
🔥 क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान में ISI चीफ आसिम मुनीर किस बात से परेशान हैं?
❌ किसी युद्ध से नहीं...
🎯 बल्कि एक ऐसे अनजान बंदूकधारी से,
जिसने पिछले 6 वर्षों से आतंकियों की नींद उड़ा रखी है।
💥 कभी बहावलपुर में जैश का कमांडर ढेर।
💥 कभी कराची में आतंकी कमांडर खत्म।
💥 और अब इस्लामाबाद में हिज्बुल का बड़ा कमांडर सज्जाद अहमद भी मारा गया।
😰 कहा जा रहा है कि ISI के भीतर बस एक ही चर्चा है...
"जनाज़ों में जाते-जाते थक गए हैं।
एक से लौटते हैं,
तो दूसरे की खबर आ जाती है।"
⚠️ आतंक फैलाने वालों के लिए साफ संदेश...
ISI के हज़ार लोग भी
तुम्हें नहीं बचा पाएँगे।
🇮🇳 जिसने भारत के खिलाफ साज़िश रची...
या देश को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की...
उसे उसके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।
🎥 और हाँ...
10–12 सेकंड के धमकी भरे वीडियो बनाना आसान है।
लेकिन जवाब...
ज़मीन पर दिखाई देने वाले नतीजे देते हैं।
🚨 श्री राम मंदिर ट्रस्ट चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष लगातार BJP को घेरने की कोशिश कर रहा है।
लेकिन...
जिस व्यक्ति पर ट्रस्ट की जिम्मेदारी है, उसी ने सामने आकर साफ कहा—👇
🗣️ "मैंने अपने आने-जाने तक का खर्च ट्रस्ट से नहीं लिया। ट्रस्ट से एक रुपया भी नहीं लिया है।"
यह बयान उन आरोपों पर सीधा जवाब माना जा रहा है, जिनके आधार पर राजनीतिक हमला किया जा रहा था।
अब सवाल यह है कि क्या बिना पूरी जांच और तथ्यों के केवल आरोपों के आधार पर माहौल बनाया जाना उचित है? 🤔
📹 वीडियो देखिए और पूरी बात स्वयं सुनिए।
🚩 जय श्री राम 🙏
#RamMandir #Ayodhya #JaiShriRam #BJP
श्री राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोपों का जवाब सामने आया।
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चंदा विवाद से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा—
🗣️ "मैंने अपने आने-जाने तक का खर्च ट्रस्ट से नहीं लिया। ट्रस्ट से एक रुपया भी नहीं लिया है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का कार्य पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। 🙏
📹 वीडियो देखें और पूरी बात सुनें।
#RamMandir
#JantaKeYogi
#JantaKeYogi
🚩 अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक, तो प्रयागराज से CM योगी आदित्यनाथ का प्रेरक संदेश! 🙏
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर भारत की आत्मा का मूल स्रोत है। उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया।
साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में पूजनीय अशोक सिंघल जी के अतुलनीय योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। 🌸
श्रीराम का मंदिर केवल एक धाम नहीं, बल्कि सनातन भारत की आत्मा का शाश्वत प्रतीक है। 🚩
@myogiadityanath #JaiShriRam #Ayodhya #RamMandir #SanatanDharma
🚩 अयोध्या राम मंदिर पर लगाए गए चोरी के आरोपों के बीच आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मीडिया के सामने सभी बहुमूल्य वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया।
✨ सोने की रामचरितमानस, चांदी के काकभुशुंडी, चरण पादुकाएं और बहुमूल्य हार दिखाते हुए श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने दावा किया कि सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
📹 अब इस पूरे प्रकरण पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना ही उचित होगा। आस्था भी महत्वपूर्ण है और सत्य भी। 🙏
#Ayodhya #RamMandir #JaiShriRam 🚩
🚨 क्या सचमुच सिर्फ ₹2000 में भारत की सीमा पार की जा सकती है?
अगर ऐसा है, तो यह किसी एक राज्य या एजेंसी का नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। 🇮🇳
अवैध घुसपैठ का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं रहता—यह राष्ट्रीय सुरक्षा, संसाधनों, कानून-व्यवस्था और पहचान से जुड़े अनेक प्रश्न खड़े करता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता @AshwiniUpadhyay जी ने इस पॉडकास्ट में इन मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी है और व्यवस्था से जुड़े कई अहम सवाल उठाए हैं।
#PODCAST #NationalSecurity #AshwiniUpadhyay #BorderSecurity #India
🎥 पूरा पॉडकास्ट: YouTube वीडियो
कारगिल युद्ध के अमर वीर 🇮🇳 परम वीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के अदम्य साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान की प्रेरक गाथा को नमन। 🙏🏻
"ये दिल माँगे मोर" केवल एक नारा नहीं, बल्कि मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का संकल्प था। 🇮🇳
सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा जी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि। 💐
जय हिंद की सेना!! 🙏🏻🇮🇳
कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🇮🇳
#कारगिल_विजय_दिवस #KargilVijayDiwas #OperationVijay #CaptainVikramBatra #कैप्टन_विक्रम_बत्रा #IndianArmy #जय_हिंद 🇮🇳
रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले,
मुजफ्फरनगर में दंगा कराने वाले,
समाजवादियों ‼️
मथुरा का जवाहर बाग याद तो होगा.....❓❓
यह केवल एक घटना नहीं थी, बल्कि सपा शासन के उस दौर की कानून-व्यवस्था और भ्रष्ट शासन की कार्यशैली का आईना भी थी‼️
साल 2014 में रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में एक समूह मथुरा के जवाहर बाग में प्रदर्शन की अनुमति लेकर पहुँचा।
अनुमति कुछ दिनों की थी, लेकिन प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी समूह ने पार्क खाली नहीं किया। देखते-ही-देखते सरकारी भूमि पर झोपड़ियाँ बन गईं, खेती होने लगी, रास्तों पर नियंत्रण होने लगा ‼️
और लगभग 280 एकड़ का सार्वजनिक पार्क एक समानांतर सपाई गुंडो के ठिकाने में बदल गया‼️
सबसे बड़ा प्रश्न यहीं से शुरू होता है।
आख़िर दो वर्षों तक यह सब कैसे चलता रहा❓
किसके संरक्षण में चलता रहा❓
क्यों प्रशासन उस सरकारी भूमि को खाली नहीं करा सका❓
विपक्ष ने उस समय तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन को निर्णायक कार्रवाई से रोका गया और अखिलेश यादव की सरकार पूरे मामले में ढुलमुल रवैया अपनाती रही‼️
सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन जनता के मन में प्रश्न बने रहे कि यदि कब्ज़ा अवैध था तो दो वर्ष तक उसे बढ़ने क्यों दिया गया❓
मामला अंततः इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुँचा। न्यायालय के आदेश के बाद 2 जून 2016 को पुलिस और प्रशासन जवाहर बाग खाली कराने पहुँचे‼️
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कार्रवाई शुरू होते ही हिंसक टकराव हुआ। पुलिस पर गोलीबारी हुई। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज़ अधिकारी एसपी (सिटी) मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी संतोष कुमार कर्तव्य निभाते हुए बलिदान हो गए‼️
कई पुलिसकर्मी घायल हुए और दोनों पक्षों के अनेक लोगों की जान गई।
कार्रवाई के बाद परिसर से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद होने की सूचना सामने आई।
पूरे देश ने टीवी स्क्रीन पर देखा कि सरकारी भूमि पर वर्षों से एक ऐसा ढांचा खड़ा हो चुका था, जिसे समय रहते रोका जा सकता था।
❓ यहीं सबसे बड़ा प्रश्न आज भी खड़ा है-
यदि 2014 में ही कानून का राज स्थापित कर दिया गया होता तो क्या 2016 में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की शहादत होती?
यदि प्रशासन को समय रहते कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली होती तो क्या जवाहर बाग युद्धभूमि बनता❓
यदि शासन ने अदालत के आदेश की प्रतीक्षा करने के बजाय अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन किया होता, तो क्या उत्तर प्रदेश को यह काला अध्याय देखना पड़ता❓
इतिहास इसलिए नहीं पढ़ा जाता कि पुराने घाव कुरेदे जाएँ।
इतिहास इसलिए पढ़ा जाता है ताकि जनता यह याद रख सके कि कानून का राज और जंगलराज केवल भाषणों से अलग नहीं होते, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता से अलग होते हैं।
जवाहर बाग की घटना आज भी यह याद दिलाती है कि शासन की सबसे बड़ी परीक्षा अपराध होने के बाद नहीं, अपराध को बढ़ने से पहले रोकने में होती है।
क्योंकि जब सरकार समय पर नहीं जागती, तब उसकी कीमत अक्सर पुलिस के जवान और निर्दोष नागरिक अपने प्राण देकर चुकाते हैं।
इतिहास भूलिए मत… क्योंकि लोकतंत्र की स्मृति ही उसकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
🔥 "गृहमंत्री अमित शाह कच्चा काम नहीं करते। वे केवल बयान नहीं देते, बल्कि रणनीति बनाकर और दूरदृष्टि के साथ कदम उठाते हैं।"
AIMIM सांसद Asaduddin Owaisi का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 🇮🇳
🎯 "हवाई फायरिंग नहीं, रणनीति के साथ कार्रवाई"
यही संदेश इस बयान से निकलकर सामने आता है।
#AmitShah #AsaduddinOwaisi #Politics #India 🇮🇳 @AmitShah@BJP4India
वाह! क्या सीन है! 😍🚄🌧️
मुंबई में मूसलाधार बारिश के बाद ट्रैक पर पानी भर गया, लेकिन उसके बीच भी वंदे भारत पूरी रफ्तार और आत्मविश्वास के साथ दौड़ती नजर आई। 🇮🇳
यह दृश्य आधुनिक भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग, तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की एक शानदार झलक पेश करता है। 💪🚆
वंदे भारत — रफ्तार भी, भरोसा भी। ✨
#VandeBharat #IndianRailways #MumbaiRains #NewIndia #Infrastructure
🚩 श्री राम मंदिर का मुकदमा 1950 से 2019 तक चला। इस दौरान कानून विकसित हुआ और न्यायिक व्याख्याएं भी बदलीं।
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मंदिर टूटने से देवता का अस्तित्व समाप्त नहीं होता। इसलिए यह कहना कि "पहले अदालत क्यों नहीं गए?" तथ्यात्मक और कानूनी दृष्टि से सही तर्क नहीं है।
तथ्यों के आधार पर चर्चा हो, भ्रम के आधार पर नहीं। 🙏🚩
आदरणीय @Vishnu_Jain1 Ji
🚨 आपको पता है कि देश की नेशनल सिक्योरिटी को दांव पर लगाकर अपनी जेबें कैसे भरी जाती हैं? 🤔
क्या आपने कभी सोचा है कि एक विदेशी बिजनेसमैन प्रधानमंत्री के घर में बिना किसी सिक्योरिटी चेक के कैसे घूम सकता है? 🇮🇳
आज हम बात करेंगे भारत के सबसे चर्चित रक्षा सौदों में से एक — बोफोर्स घोटाले 💰 और उन आरोपों की, जिनमें दावा किया गया कि सत्ता की छवि बचाने के लिए देशहित को पीछे छोड़ दिया गया।
📌 आरोप था कि इस डील में भारतीय नेताओं को भारी किकबैक (रिश्वत) 💵 दी गई। जांच शुरू हुई और उसकी आंच तत्कालीन प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi तक पहुंचने के दावे किए गए।
📄 CIA की एक कथित रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री को शर्मिंदगी से बचाने के लिए स्वीडिश जांच को बीच में ही रुकवा दिया गया। यानी, आरोपों के मुताबिक सच दबाओ और सिस्टम झुकाओ। ⚠️
👤 इस पूरे मामले में सबसे चर्चित नाम था Ottavio Quattrocchi। स्वीडन की जांच से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्वात्रोची को बचाने के लिए जांच को जानबूझकर भटकाया गया। 🕵️♂️
⚖️ अदालत में CBI ने भी यह कहा था कि क्वात्रोची और गांधी परिवार के बीच बेहद करीबी संबंध थे। आरोपों के अनुसार, उनकी गाड़ी तक को SPG द्वारा नहीं रोका जाता था, और विदेश यात्राओं के दौरान गांधी परिवार के बच्चे उनके घर ठहरते थे। 🚗
🤝 आरोप यह भी रहा कि इसी नजदीकी को निभाने के लिए पूरे सरकारी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
📚 1991 में एक स्विस पत्रिका ने दावा किया कि राजीव गांधी के गुप्त खातों में 2.2 बिलियन डॉलर जमा थे। वहीं खोजी पत्रकार Chitra Subramaniam के अनुसार, 1987 में एक गुप्त बैठक हुई, जिसमें भारतीय अधिकारियों ने बोफोर्स अधिकारियों को यह सलाह दी कि राजीव गांधी का नाम इस विवाद से कैसे दूर रखा जाए। 📰
🚨 यदि ये आरोप सही हों, तो यह केवल एक घोटाला नहीं बल्कि देश के साथ गंभीर विश्वासघात माना जाएगा।
❗ जांच रोकी गई, सबूतों पर सवाल उठे, और मुख्य आरोपी देश छोड़कर चला गया — ऐसे आरोप वर्षों तक राजनीतिक बहस का विषय बने रहे।
देश जानना चाहता है—रक्षा सौदों में पारदर्शिता और जवाबदेही कब सुनिश्चित होगी? 🇮🇳 #Bofors #India
अखिलेश यादव की हालत ऐसी हो गई है जैसे कोई व्यक्ति भूख से तड़प रहा हो। पेट पीठ से चिपक गया हो, सामने 56 भोग सजे हों, लेकिन वह एक निवाला तक न उठा सके।
हाथ आगे बढ़ता है, लेकिन अंदर का खौफ उसे वापस खींच लेता है। भारतीय राजनीति में शायद ही कभी किसी बड़े नेता के साथ ऐसी स्थिति देखने को मिली होगी।
पूरे नौ साल के लंबे इंतज़ार के बाद पहली बार उनके हाथ एक ऐसा मुद्दा लगा था, जो विपक्ष के लिए किसी सोने की खान से कम नहीं था।
ऐसा मुद्दा, जो सीधे जनता की भावनाओं, उनकी जेब और उनके भरोसे से जुड़ा है। लेकिन त्रासदी देखिए, अखिलेश यादव इस मुद्दे को देख सकते हैं, मन ही मन कुढ़ सकते हैं, परेशान हो सकते हैं, लेकिन खुलकर इसे उठाकर सरकार को घेरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
यह कोई सामान्य राजनीतिक लाचारी नहीं है। यह ऐसा चक्रव्यूह है, जिसे उन्होंने और उनकी पार्टी ने अपने ही अतीत के फैसलों से तैयार किया है।
जब सामने रखा हुआ सीधा राजनीतिक फायदा भी आपकी मजबूरी बन जाए, तो समझ लीजिए कि पूरी बिसात पलट चुकी है।
अब देखिए, यह पूरा मामला किसी राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित चूक का नहीं है। यदि ऐसा होता, तो अखिलेश यादव अब तक सड़कों पर उतर चुके होते और लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे होते।
यह मुद्दा सीधे जनता की आस्था से जुड़ा है। राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी और चोरी के जो आरोप सामने आए हैं, वे ऐसे आरोप हैं जिन पर स्वाभाविक रूप से लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा करते हैं।
लेकिन वीडियो में यह दावा किया गया है कि अखिलेश यादव इस विषय पर फ्रंट फुट पर आकर खुलकर राजनीति नहीं कर पा रहे हैं। उनके इस रुख को उनकी पार्टी के अतीत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पुराने राजनीतिक रुख से जोड़ा गया है।
वीडियो के अनुसार, यह मुद्दा समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीतिक एजेंडे के सामने एक नई चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
वक्ता का दावा है कि अब उत्तर प्रदेश की राजनीति जातीय समीकरणों से आगे बढ़कर सनातन, हिंदुत्व और भगवान राम जैसे विषयों पर केंद्रित होती दिखाई दे रही है।
आपकी क्या राय है? 🤔👇 #RamMandir #UttarPradesh #Politics 🇮🇳