फुले की गुलामगिरी में भगवान ब्रह्मा को लिखा गया बेटी**
लकीर के फ़कीर में ब्राह्मणों को बताया होलिका का बलात्कारी
दलित साहित्य के नाम कैसे विश्वविद्यालयों में परोसा जा रहा हिंदू विरोधी कंटेंट? देखिए @jayeshmatiyal की यह पड़ताल
Its not protest against CEC, Its regime change operation - Here is the Proof (Thread)
Yesterday Neha Bora came in red color tshirt with a 'One Piece Pirates' logo
This logo has been used in regime change operations by CIA in various countries
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.......चार देश....फ्रांस...बेल्जियम...स्पेन और चिली...जहां पिछले 1 हफ्ते से अराजकता फैलाई जा रही है....
* फ्रांस ने ईरान के मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं दिया...अमेरिकी हमले का विरोध किया...जिसके बाद वहां स्कूल ठीक करने के नाम पर एक आंदोलन शुरू हुआ और आज पूरे फ्रांस मे आग लगी हुई है.
* बेल्जियम की कहानी भी वही है....इसने भी ईरान युद्ध मे अमेरिका का विरोध किया...वहां भी शिक्षा व्यवस्था के नाम पर आंदोलन शुरू हुआ और आज पूरा बेल्जियम जल रहा है.
* चिली ने वेनेजुएला में तख्तापलट के मुद्दे पर अमेरिका का विरोध किया.....वहां भी वही सेम पैटर्न शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर आंदोलन शुरू हुआ...और पूरे चिली में आज अराजकता फैली हुई है.
* स्पेन ने भी ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ देने से इंकार कर दिया....नतीजा...वहाँ भी युवाओं के नाम पर मकान और हॉस्टल के किराए मे कमी के मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ....और पूरा स्पेन इसकी आग मे जल रहा है.
........भारत ने....
* अमेरिका के शर्तों पर ट्रेड डील करने से मना कर दिया.
* रूस से तेल खरीदने पर रोक को मना कर दिया.
* tariff का कोई असर नहीं हुआ.
* अमेरिका के कुसई भी दबाव को मानने से इंकार कर दिया.
.......नतीजा....भारत मे भी इसी तरह की आग लगाने की कोशिश हो रही है....
* पहले NEET के नाम पर....सरकार ने अपनी सूझबूझ से मामला संभाल लिया.
* स्कूल ठीक करो का आंदोलन जनता ने ही फेल कर दिया.
* अब ये जबर्दस्ती का वोट चोरी के नाम पर देश मे किसी तरह आग लगाने की कोशिश हो रही है.
..........मुद्दा एक ही है....किसी तरह भारत को झुकाया जाए...इसकी तरक्की को रोका जाए...
जय श्रीराम 🙏🚩
"दिल्ली में वोटर लिस्ट में 8 लाख फर्जी वोटर हैं, तो फ्री और फेयर चुनाव कैसे हो सकता है?
यहां 3.96 लाख वोटरों के 11.50 लाख वोटर कार्ड बने हैं। एक-एक आदमी के दो, तीन, तीन-चार वोटर कार्ड बने हैं।"
ये हैं 2015 के अरविन्द केजरीवाल, जो दिल्ली में '8 लाख डुप्लीकेट वोटरों' का सबूत चुनाव आयोग को देते थे।
अब SIR में फर्जी वोटरों को हटाते ही यही केजरीवाल फिर पलटी खा गए!
⚡BEFORE S.I.R - There are Crore of fake voters, this is why BJP is winning. Election Commission must delete them ~ @INCIndia@RahulGandhi
AFTER S.I.R - BJP and Elections Commission has deleted voters, this is why BJP won. They must add back all the deleted Voters.
🤣😂😜🤣😂
फेक न्यूज़ : 13 करोड़ वोटर वोटर लिस्ट से हटा दिए गए।
फैक्ट :
1) 2.80 करोड़ मरे हुए वोटर
2) 3 करोड़ गैर-मौजूद
3) 6.3 करोड़ परमानेंट शिफ्ट हुए
4) 1 करोड़ डुप्लीकेट वोटर
13 करोड़ नाम हटाए नहीं गए, बल्कि मृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में सत्यापन के लिए चिन्हित किए गए थे।
अंतिम कार्रवाई दावे, आपत्तियों और अपील की प्रक्रिया के बाद होती है।
तथ्यों को समझिए, भ्रम से बचिए
This is former CEC Navin Chawla
He was one of the main enforcers of Indira Gandhi's Emergency.
After Emergency, the Shah Commission said he is
"unfit to hold any public office which demands an attitude of fair play"
This man was made Chief Election Commissioner in UPA era
The Bible says in Deuteronomy 22:20-21 that a young woman must be stoned to death if she is accused of not being a virgin when she marries, and the charge is proven true.
तीस्ता शीतलवाड़ में ऐसी क्या खास बात थी, जिसे जमानत देने के लिए छुट्टी के दिन दो बार बेंच गठित कर दिया गया था।
दो न्यायाधीश की बेंच ने अलग-अलग फैसला दिया और जमानत नहीं हो पाई।
तुरंत 3 जजों की बेंच गठित की गई।
रात को 10:00 बजे तीस्ता शीतलवाड़ को जमानत दे दी गई।
हाई कोर्ट में नियमित मुकदमा कब शुरू होगा? भगवान ही जाने।
कौन कहता है कानून की नजर में सब बराबर है?
CJP कभी भी अभिजीत दीपके के बेडरूम में नहीं बना था।
CJP के पीछे की असली ताकत 'ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन' (Human Rights Foundation) है...
...और यह पूरा खेल ओस्लो फ्रीडम फोरम (Oslo Freedom Forum) में रचा गया था, जिसका आयोजन ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने किया था।
और अंदाजा लगाइए कि भारत से वहां कौन-कौन से बड़े प्रतिभागी (attendees) पहुंचे थे?
सौरभ दास और सुप्रिया शर्मा।
और वहां की प्रमुख वक्ताओं (featured speakers) में से एक थीं हेलेन स्वैनसन — वही पत्रकार जिन्होंने मोदी जी के ओस्लो दौरे के समय (18 से 20 मई के दौरान) उनके सामने हंगामा (heckling) किया था।
इसकी पटकथा काफी समय पहले ही तैयार कर ली गई थी।
और इस पूरे तंत्र (ecosystem) को सौरभ दास और ठाकुर फाउंडेशन (Thakur Foundation) के ज़रिए भारत में लाया गया।
ठाकुर फाउंडेशन ने सौरभ दास को शुरुआती स्टार्टअप फंड के तौर पर लगभग 11 लाख रुपये दिए थे।
उन्होंने एक किताब भी लिखी है — दरअसल वे एक किताब लिख रहे हैं जिसके लिए उन्हें अग्रिम राशि (advance) मिली है। ठीक वैसे ही जैसे न्यूट गिंगरिच (Newt Gingrich) ने तब किया था जब वे अमेरिका में 'फॉक्स न्यूज़' (Fox News) लाने की कोशिश कर रहे थे। सौरभ दास के लिए भी वही तरीका अपनाया जा रहा है।
तो, ये सारी चीजें बहुत पहले से ही तय थीं।
दीपके को 'ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन' और 'जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन' द्वारा अमेरिका में पूरे एक साल तक ट्रेनिंग दी गई थी।
दूसरे साल उनके बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
अब एक भारी भरकम डोनेशन की बातें सामने आ रही हैं, ताकि वहां से उनकी डिग्री पक्की की जा सके।
सुप्रिया शर्मा 'ओस्लो फ्रीडम फोरम' में दूसरी प्रमुख वक्ता थीं। और उन्होंने उमर खालिद पर खुलकर बात की — कि कैसे भारत में अन्य धर्मों का उत्पीड़न हो रहा है और हिंदू लोग हिटलर और मुसोलिनी जैसे हैं।
यही उनकी सोच और विचारधारा थी, और उनके मुताबिक मोदी तानाशाह हैं...
हां, सुप्रिया शर्मा ने 'लव जिहाद' पर एक किताब भी सह-लिखी (co-authored) है और बताया है कि यह एक काल्पनिक (fictional) कहानी है।
वे भारत में भारी मात्रा में पैसा झोंक रहे हैं, इसीलिए FCRA इतना महत्वपूर्ण है और यही वजह है कि अन्य राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं।
अधिकांश आंदोलनों की शुरुआत वामपंथी (Left) विचारधाराओं से हुई है, जहाँ छात्रों का माइंडवॉश करके आंदोलन खड़े किए जाते हैं।
यह नेपाल में हुआ, बांग्लादेश में हुआ और बहुत पहले क्यूबा में भी ऐसा ही हुआ था।
इस देश की Gen Z और Gen Alpha से मेरी यही अपील है — सरकार से जितने चाहें सवाल पूछें, उनसे वे काम करवाएं जो आप चाहते हैं, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में।
लेकिन कृपया करके CJP, AAP, ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन और ओस्लो फोरम जैसी विचारधाराओं के बहकावे में न आएं।
वे भारत को अस्थिर कर देंगे और इसे वापस अंधकार युग (Dark Ages) में धकेल देंगे।
How many of you know that Rashid Aboobaker is the owner and founder of Live Law?
They push some statements in a way that propagates a different meaning.
Live Law had received funds from IPSMF.
Guru Gobind Singh Ji writes in Ugardanthi, asking Devi to bless Him with the strength to:
ਗਾਊ ਘਾਤ ਕਾ ਦੋਖ ਜਗ ਸਿਉਂ ਮਿਟਾਊ । (May I) eliminate the great sin of cow butchering in the world.
— Ugardanthi, Chakka 5
अगर किसी पुस्तक के लेखक रोमिला थापर और रामचन्द्र गुहा है, तो समझ लीजिए उसमें लिखीं 100% बाते झूठी है...मगर क्या आपको मालूम है कि रोमिला थापर, नेहरू खानदान की ही एक कड़ी है..?? अरे कांग्रेस की वही अद्भुत विद्वान इतिहास कार जिन्होंने अपने एक लेख में लिखा है की "सम्राट अशोक से प्रेरित होकर सिंहासन त्यागना चाहते थे युधिष्ठिर !" इनका चचेरा भाई करण थापर है..वही मशहूर पत्रकार जिसके बयान को आधार बना के पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को रॉ का एजेंट बताया था अपने खानदान के कैसे कैसे लोगों को कांग्रेस ने थोपा था हमारे ऊपर!
ये दोनों भाई बहन खुशवन्त सिंह के खानदान (शोभा सिंह )से जुड़े है जो भगत सिंह की फांशी के मुख्य गवाह थे...और इनके दादा ने पजांब के गवर्नर सर मैकल ओ-ड्वायर के फंड में 1.75 लाख रुपये चंदा दिया था..ड्वायर वही व्यक्ति था जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान ब्रिगेडियर जनरल रेनॉल्ट डायर पर कार्रवाई का बचाव किया ब्रिटिश सरकार के प्रति अपनी वफादारी के लिए कुंज बिहारी थापर 1920 में ब्रिटिश साम्राज्य से पुरस्कृत हुए थे...!!
और करण थापर के पिता जनरल प्राण नाथ थापर भारत के एकमात्र ऐसे सेना प्रमुख थे जिन्होंने युद्ध हारा था..1962 में चीन से लड़ाई हारने के कारण ही उन्हें 19 नवंबर 1962 को अपमानित होकर जबरन इस्तीफा देना पड़ा था, 1936 में प्राण नाथ थापर ने गौतम सहगल की बहन बिमला बशिराम सहगल से शादी की थी 1944 में गौतम सहगल की नयनतारा सहगल से शादी हुई, नयनतारा सहगल अंग्रेजी लेखिका हैं। नयनतारा सहगल जवाहरलाल नेहरू की बहन विजया लक्ष्मी की तीन बेटियों में से दूसरी बेटी थी...!!
अब समझ मे आया कि भारत का वामपंथी इतिहास किसके इशारों पर रचित हुआ ??
DATA NEVER LIES, CONgress ALWAYS DOES!
Major wins of CONgress in LS Elections BEFORE EVM: (seats)
1984— 414
1957— 371
1951— 364
1962— 361
1980— 353
CONgress' performance AFTER EVM: (seats)
2004— 145
2009— 206
2014— 44
2019— 52
2024— 99
No wonder CONgress wants to scrap EVMs & go back to Paper Ballots!