“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
Congress President & Leader of Opposition Rajya Sabha Mr @kharge ji :
ऐसे में, प्रधानमंत्री चढ़ावा चोरी समेत अन्य गंभीर आरोपों पर जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्हें सदन में बताना चाहिए कि ED, CBI, इनकम टैक्स समेत बाकी जांच एजेंसियां कहां हैं?
प्रभु राम के नाम पर लूट करने वालों को पूरे देश से माफी माँगनी चाहिए और देश को गुमराह करने का काम बंद होना चाहिए।
In Kota, we exposed the extortion machine feeding on students’ dreams.
In Dehradun, we exposed the rigged system behind paper leaks that destroy countless lives.
In Prayagraj, we will expose the reality of the job crisis.
The students of our country have stood up against this oppressive regime, they will no longer accept empty promises and hate-filled propaganda.
We will ensure their voice is heard across the country.
Join us in Prayagraj on 8th August, 5pm for #ChhatronKiGoonj
https://t.co/g6mbw7X5XC
माफ़ी तो मोदी जी को माँगनी चाहिए,
युवाओं पर लाठी-pellet gun चलाने के लिए,
…पर वो संसद में आने के बजाय,
बच्चों को डरा-धमका रहे हैं।
सदन में आते नहीं, उत्तर नहीं देते,
न श्री राम मंदिर के चंदा-चढ़ावा चोरी पर बोलते हैं,
ना ही छात्रों के दमन पर कुछ कहते हैं।
मासूम बच्चें देशद्रोही नहीं हैं,
उनको ये संज्ञा मत दीजिये,
असली देशद्रोही तो भाजपा वाले हैं !
..जो लोकतंत्र को कुचल रहे हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, जमीन खरीद और प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
ये करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सदन में की थी।
केंद्र सरकार ने 70 एकड़ से अधिक भूमि ट्रस्ट को सौंपी है और प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण अवसर में शामिल रहे।
ऐसे में, प्रधानमंत्री चढ़ावा चोरी समेत अन्य गंभीर आरोपों पर जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्हें सदन में बताना चाहिए कि ED, CBI, इनकम टैक्स समेत बाकी जांच एजेंसियां कहां हैं?
प्रभु राम के नाम पर लूट करने वालों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और देश को गुमराह करने का काम बंद होना चाहिए।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
इस वीडियो में देखिए, भारत के बच्चे किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचते हैं।
जो डॉक्टर और इंजीनियर बनने की उम्र तक ज़िंदा बच जाते हैं, उन्हें परीक्षा व्यवस्था आत्महत्या करने पर मजबूर करती है।
जो उससे भी बच निकलते हैं, उन पर आँसू गैस, पैलेट और AK-47 चला दी जाती है।
फिर मोदी "जी" कहते हैं, "पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया।"
अरे भाई, कैसे?
आपने तो बच्चों के रास्ते में ही बारूद बिछा रखा है।
Let's shift the perspective for @DelhiPolice
Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi and the guidance of Union Home Minister Shri Amit Shah, individuals who have defrauded Indian banks for about ₹40,000 crore fled India and remain beyond the reach of Indian law.
Aap chronology samajhiye:
2016: Vijay Mallya left India after defaulting on bank loans worth ₹9,000 crore.
2016: The promoters of Ram Dev International Limited fled India after defrauding a consortium of banks led by SBI of ₹414 crore.
2017: The Sandesara Group fled India after defrauding Indian banks of ₹15,000 crore.
2018: Nirav Modi fled India in connection with the ₹6,500 crore Punjab National Bank fraud.
2018: Mehul Choksi fled India and is accused in a fraud involving ₹7,100 crore.
2018: Manjit Singh Makhni left India and is accused in fraud involving ₹351 crore.
Mo-Sha ji, you've managed to bring back pickpockets. When will you bring back those who emptied India's bank vaults?
Also while you're at it, why not bring back your favourite – Jatin Mehta, whom you didn’t even file a case against for years?
यह गौर करने की बात है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से झारखंड स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने पहुँचते हैं। इतनी विशाल भीड़ के बावजूद वे भयावह दृश्य विरले ही देखने को मिलते हैं, जो अक्सर नोएडा या गाजियाबाद जैसी जगहों से सामने आते हैं। इसका उत्तर केवल कानून-व्यवस्था में नहीं, बल्कि समाजशास्त्र में भी खोजा जाना चाहिए। आस्था जब तप, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व का रूप लेती है, तब वह समाज को जोड़ती है; लेकिन जब वही आस्था पहचान के प्रदर्शन या शक्ति-प्रदर्शन का माध्यम बनने लगती है, तब उसके सामाजिक परिणाम भी बदल जाते हैं। इसलिए प्रश्न किसी एक समुदाय, क्षेत्र या आयोजन का नहीं, बल्कि उस सामाजिक-राजनीतिक संस्कृति का है जिसमें धार्मिक आचरण आकार लेता है।
राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं।
राहुल गांधी उन पीड़ित बच्चों के परिवारों से मिल रहे है, जिनके घरों के चिराग बुझ गए।
राहुल गांधी उन माता-पिता की आवाज़ बनकर खड़े है, जिनके बच्चों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
राहुल गांधी उनकी पीड़ा को सुन रहे हैं, समझ रहे है, और उस दर्द को देश की जनता तक पहुंचा रहे है।
लेकिन मेरा सवाल है— भाजपाई क्या कर रहे थे?
22 बच्चों ने आत्महत्या की, लेकिन भाजपा के एक भी नेता में इतनी संवेदनशीलता नहीं थी कि उनके घर जाकर परिवारों को सांत्वना दे सके।
किसी ने उनके माता-पिता के आंसू पोंछने की हिम्मत नहीं की। किसी ने उनके दर्द को सुनने की कोशिश नहीं की।
क्यों?
क्योंकि जब सत्ता के अहंकार में इंसान इतना डूब जाता है, तो उसे जनता का दर्द दिखाई देना बंद हो जाता है। आपके मन में तब भी अहंकार था और आज भी वही अहंकार दिखाई देता है।
मेरी विनती है कि सदन को चलने देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं।
हम चर्चा करना चाहते हैं।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
His simple act of kneeling down to greet this man, tells you who @RahulGandhi is.
It’s a response rooted in his respect for human dignity and belief in equality.
Such a well brought up man - so proud to call him my leader - always ❤️
Gen-Z को छेड़ना BJP को भारी पड़ रहा है,
अब लड़कियां मैदान में उतर चुकी हैं,
अभी भी भाजपाई चुप हो जाएँ और इनके खिलाफ बोलना बंद कर दें तो शायद ये लोग रुक जाएँ !
अगर भाजपा के लोग और भक्त इनके खिलाफ बोलते रहे तो ये सरकार को जड़ से ख़त्म कर देंगे इतना याद रखना !
अजित डोभाल के कुछ कार्य जिसका प्रचार नहीं होता :
1) डोभाल ने मसुद अजहर को छोड़ा
2) डोभाल का बेटा विदेशी नागरिक
3) डोभाल ने "अन्ना आंदोलन" में सक्रिय भुमिका निभाई जिसका इनाम उसे बाद में मिला
4) डोभाल की निगरानी में पठानकोट, उरी, पुलवामा और पहलगाम हमलें हुए।
5) डोभाल ने "पाकिस्तान में 7 साल undercover agent" रहने की झूठी खबर फैलाई।
जब श्री राम मंदिर ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नरेंद्र मोदी ने किया, तो घोटाले की जवाबदेही कौन देगा ?
मेरा मानना है कि जवाबदेही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होती है।
अगर सब ठीक है तो चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने इस्तीफा क्यों दिया?
: @pramodtiwari700 जी
देश का कानून कहता है
नाबालिक का चेहरा छोड़िए
नाम तक नहीं बता सकते
निर्भया के नाबालिक बलात्कारी का नाम बताया चेहरा दिखाया कभी
लेकिन मोदी को खुश करने के लिए
गोदी मीडिया 15 वर्षीय नाबालिक लड़की
से माफीनामा वीडियो बनवा के
प्राइम टाइम में दिखा रहा है
शाबाशी पाने के लिए
संविधान की धज्जियां उड़ा रहे है
कुछ तो शर्म कर लो
जब राम मंदिर बनाने के लिए आंदोलन चल रहा था, तो उसका नारा था- ''राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे''
फिर जब यूपी में BJP की सरकार बनी तो मैंने पूछा कि मंदिर का निर्माण कब होगा। जवाब मिला- जब केंद्र में भी BJP की सरकार आ जाएगी।
जब केंद्र में अटल जी की सरकार बनी, मैंने फिर यही सवाल पूछा। जवाब मिला- अभी रुक जाइए।
सच्चाई ये है-
BJP कभी नहीं चाहती थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, वो सिर्फ राम मंदिर का मुद्दा चाहती थी।
: @pramodtiwari700 जी