मेरी गाड़ी आज के बाद रुकवा दी ना तो मैं सीधा उड़ा के चला जाऊँगा,
मैनें भी मां का दुध पिया है, किसी को नहीं बकसुंगा मैं,
एक हताश हुये ड्राइवर की आईटीओ को सीधे तौर पर धमकी 👇
This is the situation of all of India and none of us can do anything about it. The only beneficiaries of this are chaebols who multiplied their wealth by 100x under this govt.
🚨Racism Shocker : Why Target Tourists Based on Region? Paid customer assaulted, why Does this Regional Racism keep happening?
A shocking incident went viral from d'atlantic resort in virar.
A family from up used paid bottled water for their toddler, leading to a brutal physical assault by the resort staff.
Where is civic sense and common sense? If you treat paying customers with such absolute negligence, who will ever visit your resort again? This regional bias is becoming a dangerous trend.
Just a few days ago, a marathi family faced a similar terrifying ordeal at a mahindra resort in uttarakhand.
Why does this toxic regional racism keep happening across states? Tourists should never be targeted based on where they come from.
This discrimination must stop immediately. Resorts need to learn hospitality, not thuggery
Make India Unite not divide 🙏
BREAKING NEWS 🔥
दिल्ली के नामी अस्पताल में IVF का बड़ा फर्जीवाड़ा...
बच्चे नहीं हो रहे थे, तो IVF कराया, लेकिन DNA जाँच में पता चला कि बच्चों के माता-पिता कोई और हैं।
भारतीय अस्पतालों पर जरा भी भरोसा करने की गलती न करें। ये ज्यादातर दुकाने हैं, जहां मिलावट और कमीशन का खेल चलता है।
दिल्ली के द्वारका का एक दंपत्ति पिछले 5 महीने से धक्के खा रहा है। वे उस दंपत्ति को भी ढूंढ़ रहे हैं, जिसके ये बच्चे हैं।
यह मामला मैक्स हॉस्पिटल से जुड़ा है और सारा काम डॉ. ऋतु गर्ग की देखरेख में हुआ था। IVF, SCI हॉस्पिटल में हुआ था।
दंपत्ति अभी कोर्ट में है, जहां SCI फर्जी डॉक्यूमेंट्स जमा कर रहा है। हॉस्पिटल अब दंपत्ति को तरह-तरह के लालच दे रहा है।
मामला बहुत गंभीर है और बड़े अस्पतालों के दबाव के कारण पुलिस चुप बैठी है।
#IVF #Justice #Delhi
🚨 TERI MAA KA ****** - This Policeman language
Ek complainant thane pahuncha report likhwane aur dekho kya haal kiya
Hum sb keede hai ,Tum me sbhi keede hai in jaise police walo ke saamne #aryak
ఏడు వేల కోట్లు బ్లాక్ మనీ...
చర్చ్ పేరు : బెలోరియన్ ఈస్టర్న్ చర్చ్
రాష్ట్రం : కేరళ
చర్చ్ బిషప్ పేరు : జోహానా వాగ్యారా
బ్లాక్ మనీ ఎంత పట్టుకున్నారు : ఏడు వేల కోట్లు సీజ్ చేశారు
ఇది ఏ న్యూస్ పేపర్లో రాదు,ఛానెల్ లో కూడా రాదు
7000 crores black money is seized from Belorian Eastern church, KERALA!!!
Church was Ron by Bishop Johanna Vaagyara!!!
If such thing had happened in any Hindu Temple, it would have been a major crisis to all the So called social medias!!!! Why are they quiet?!
यूपी में चौथा स्तंभ भी प्रशासन से पीड़ित..पत्रकार शिवा पटेल के आरोप सुनिए..👇👇
कन्नौज के शिवा पटेल कहते हैं बटाईदार ने बिना बताए सारी फसल काट कर घर रख ली..हमने रुपया पैसा लगाया हमें कुछ मिला ही नहीं..!
अब शिवा शिकायत लेकर स्थानीय थाने गए वहां सुनवाई नहीं की गई...!
पीड़ित शिवा न्याय की उम्मीद लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे.. अपर पुलिस अधीक्षक मैडम से शिकायत की तो मैडम बोली...तो क्या हो गया अगर उसने फसल काट ली...!
सोचिए कितनी जिम्मेदारी भरा और संतुष्ट करने वाला जवाब दिया मैडम ने..!
पीड़ित पत्रकार को जब न्याय न मिला तो उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रायस किया है...!
सोचिए ये सब एक पत्रकार के साथ हो रहा है..आम आदमी न्याय पाने के लिए क्या क्या करता होगा..?
"ए भाग जा यहां से वर्ना मुकदमा टैक दूँगा तेरे पर.." यह शब्द एक तहसीलदार के हैं।
राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी जनता पर इतनी हावी हैं?
नाम = हंनवत सिंह
पद = तहसीलदार
पदस्थापन = रानीवाड़ा (जालोर) राजस्थान
एक प्रार्थी जब अपना प्रार्थना पत्र अपने वकील के साथ तहसीलदार को देने पहुचा तो नौकरशाही का रौब रवैय्या सातवें आसमान पर था। प्रार्थना पत्र लेने कि बजाय मुकदमा ठोकने जैसी बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया और पत्र लेने से मना कर दिया। साथ में वकील को भी धमकाया गया और पानी ऊँची राजनीतिक पहुच बताकर रौब झाड़ा। अब सोचिए इस विभाग में व्यवस्था किस तरह राम भरोसे चल रही होगी? आम आदमी जो नागरिक, मालिक हैं उसको इस तरह धमकाया जा रहा है। बहुत ही निंदनीय हैं।
बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी पिछले लंबे समय से प्रशासनिक नियमों के विरुद्ध राजनीतिक रसूख के चलते ग्रह जिले में पदस्थापित हैं जो गंभीर बात है। लोगों का कहना है कि इस कार्यालय में भ्रष्टाचार और दलाली चरम सीमा पर हैं?
क्या राजस्थान की भजनलाल सरकार इस गलत व्यवहार और आचरण को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्यवाही कर पाएंगी? या इसी तरह नौकरीशाही का रौब जनता को झेलना पडेगा।
इस गठजोड़ के पीछे किस राजनीतिक आदमी का संरक्षण हैं उनके चेहरे जनता के सामने आने चाहिए वर्ना राजस्थान की कहीं जाने वालीं संवेदनशील सरकार को बदनामी झेलनी पड़ेगी।
अब देखने वालीं बात यह कि सरकार किस तरह नकेल कसती जो प्रशासनिक व्यवस्था में उदाहरण बने। @Anandsharma4bjp@8PMnoCM@arvindchotia@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc@Rajsthanikaka@umashankarsingh@khurpenchh@DrPremBairwa@Viveksbarmeri@RajCMO@DmJalore@dineshbohrabmr@1K_Nazar
पन्ना में कुछ गरीब लोग मरीज को सरकारी अस्पताल लेके पहुँच गए और फिर कह रहे मरीज को 3 घंटे तक इलाज नहीं मिला,
फिर क्या मर गया बेचारा!
खैर मुझे क्या करना गरीब जाने उनका काम जाने!!
प्लेटफॉर्म टिकट = 10 रूपये का
टिकट एक्सपायर होता है =2 घंटे बाद
ट्रैन लेट हुई = 5 घण्टे
जुर्माना लगा =500 रूपये का
ये है भारतीय रेलवे... ट्रैन लेट होने पर रिफंड नहीं देंगे.. लेकिन जुर्माना पूरा वसूलेंगे
मोदी राज मे जुर्माने की करने भी देशहित मे योगदान ही समझो..
Hyderabad Police !
High Courts have ruled that challans which are issued through photos from personal phones are invalid
Despite this Hyderabad Traffic Police Personnels regularly issue challans through their personal phones
They even have illegal WhatsApp Groups where they circulate these photos.
पुलिस वालों के पास बहुत सीमित अधिकार होते है,
मुझे लगता है नागरिकों को लाठी डंडे से पीटने के बजाय, सीधा गोली मारने का आदेश होना चाहिए।
क्योंकि मंत्रियों के सामने तो यलोग चिरक देते हैं, कम से कम कहीं तो गुस्सा निकले।
Police officer aggressively questions a civilian: ‘Is this your office or home? How dare you sit like that!’
Common citizens deserve better treatment. Stop the arrogance!
>नाम शुभम अग्रवाल
>UPPSC से फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट से नायाब तहसीलदार
>2017 से फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट पर लगातार UPSC की परीक्षा दे रहे
>इनकी विकलांगता का प्रतिशत हर दिन बदलता है
>कभी 40 प्रतिशत कभी 1 प्रतिशत तो कभी 67 प्रतिशत
>2024 में इनका UPSC चयन हुआ
>लेकिन जब जब जांच के लिए बुलाया गया तब तब नहीं गए
>अगर पहुचें भी तो वहाँ से फरार हो गए
>जब खुरपेंच और शिकायतकर्ता इनके पीछे लग गए
>अब सुप्रीम कोर्ट ने अपनी जाँच कमेटी से जाँच करवाकर इनको विकलांग सर्टिफिकेट से जॉब लेने के लिए अयोग्य माना है
> @DoPTGoI से अनुरोध है कि तत्काल कार्यवाही हो और यूपी गवर्नमेंट से अनुरोध है कि इन्हें पदमुक्त किया जाये