बेचारी गोदी मीडिया को आज एक साथ दो-दो मोर्चे संभालने पड़ रहे हैं, एक तो नीतीश कुमार को पलटूराम और मौकापरस्त साबित करना है और दूसरे श्रीकांत त्यागी को छुटभैय्या नेता बता कर बीजेपी को डिफेंड भी करना है।
मजे की बात है कि बीजेपी वाले श्रीलंका-पाकिस्तान से बेहतर स्थिति होने की भी बात करेंगे फिर विश्वगुरु बनाने का सपना भी दिखाएंगे..उससे भी ज्यादा मजे की बात यह है कि अंधभक्त दोनो बातों पे तालियाँ बजायेंगे।
नज़रों के सामने लोग पैदल चले, ट्रेन से कटे, सड़कों पे मरे, अस्पताल मे दवा नहीं मिली
कोई रोया नहीं...
अब लोग फ़िल्म देख कर रो रहे हैं, ग़ज़ब की मानवता है