पर्वत-गिरि और वृहद हिमालय की हिमाच्छादित पर्वत शिखरों कुछ अलग ही नज़ारा प्रस्तुत करते हैं। मदमहेश्वर-गंगा और उसकी सहायक नदी की उपत्यकाओं के बीच से चढ़ाई चढ़ते हुए, दृश्य बेहद रोमांचक होते हैं। यात्रा मार्ग गौंधर गांव से लगभग 11 किलोमीटर है और रास्ते में पानी, खाने पीने की (2/न)
अभी कुछ दिन पूर्व ही मदमहेश्वर पैदल यात्रा से लौटा हूं। पैदल यात्रा की लम्बाई 1990 के दशक से छोटी है पर है मध्यम कठिन से कठिन। पैदल यात्रा मार्ग आपको गाड-गदेरो, झरनों एवं घने वनों के बीच से दुर्गम सांस फुला देनेवाली चढ़ाई आपको गंतव्य तक ले जाती है। प्राकृतिक छटा, विशालकाय (1/न)
बात करने की रस्म अदायगी से क्या हासिल होगा, मुख्यमंत्री जी ?
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार किये गए शेफ केशव नेगी को लेकर उत्तराखंड में व्यापक प्रतिक्रिया हुई है. आम धारणा है कि केशव नेगी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है.
इस मामले में लगभग एक घंटे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फेसबुक और एक्स पर पोस्ट किया है कि केशव नेगी के मामले में उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की है !
आपकी दिल्ली की मुख्यमंत्री से की गयी इस बातचीत से केशव नेगी को न्याय कैसे मिलेगा मुख्यमंत्री जी ? क्या आपने सिर्फ दिखावे के लिए यह बातचीत की है ?
यह प्रश्न इसलिए क्यूंकि केशव नेगी को गिरफ्तार किया है- दिल्ली पुलिस ने और जिन दिल्ली की मुख्यमंत्री से बात करके केशव नेगी को न्याय दिलाने की बात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कर रहे हैं, उन दिल्ली की मुख्यमंत्री के अधीन तो दिल्ली पुलिस आती ही नहीं है ! जब दिल्ली पुलिस, दिल्ली के मुख्यमंत्री के अधीन हैं ही नहीं तो वे दिल्ली पुलिस को कोई निर्देश दे सकने की स्थिति में नहीं हैं तो वे केशव नेगी के प्रकरण में भी कैसे कुछ कहेंगी ?
दिल्ली पुलिस तो गृह मंत्रालय के अधीन है, धामी जी ! तो गृह मंत्री अमित शाह से बात क्यों नहीं करते आप ? उनसे बात करने में कोई हिचक है या फिर वन वे कम्युनिकेशन है वहां, जिसमें आपको सिर्फ यस सर बोलने की ही अनुमति है ?
दिल्ली पुलिस जिस गृह मंत्रालय के अधीन है या तो उसके सर्वेसर्वा गृह मंत्री से बात कीजिये मुख्यमंत्री जी, अन्यथा दिल्ली की मुख्यमंत्री से की गयी बात, कदमताल से ज्यादा कुछ नहीं है ! इससे आपको सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट मिल सकते हैं, आपका पाला- पोसा मीडिया आपकी जयजयकार कर सकता है पर इस बातचीत से केशव नेगी को न्याय नहीं मिल सकता !
ये वो प्रदेश है जहां गांव की महिलाओं को जंगल से घास लाने पर गिरफ्तार कर लिया जाता है पर हुड़दंगी, दारुबाज, अशिष्ट एवं असभ्य छिछोरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
#उत्तराखण्ड_वन_विभाग_मुर्दाबाद
भारत में जब तक किसी बड़े घटनाक्रम में किसी कमजोर आदमी की गर्दन न दबोची जाए तब तक लगता नहीं कि पुलिस ने अपना काम ठीक से पूरा किया.
दिल्ली में तीन दिन पहले हुए मालवीय नगर अग्निकांड में भी दिल्ली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए, इस सारे कांड का ठीकरा, सबसे कमजोर कड़ी पर फोड़ दिया है. दिल्ली पुलिस ने फ़्लरिश स्टे में लगी आग, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई, के मामले में इस होटल के शेफ केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है और अब सारा ठीकरा केशव नेगी के सिर फोड़ने की कोशिश की जा रही.
बकौल पुलिस केशव नेगी ने बयान दिया है कि उसने जैसे ही इलेक्ट्रिक स्टोव ऑन किया, उसमें विस्फोट हो गया और आग लग गयी. चूंकि आग इलेक्ट्रिक स्टोव से लगी तो केशव नेगी ने मेन पॉवर सप्लाई का स्विच बंद कर दिया. पुलिस को आशंका है कि इससे बिजली से संचालित दरवाजे नहीं खुले होंगे. यह आशंका वाजिब भी हो सकती है, लेकिन यदि आग बिजली से चलने वाले किसी उपकरण में विस्फोट से लगी हो तो आग फैलने से रोकने के मामले में आदमी के दिमाग में जो पहली बात आएगी, वो तो यही होगी कि बिजली सप्लाई बंद कर दी जाए. केशव नेगी ने यही किया और इसके लिए वो गुनहगार ठहराए जा रहे हैं.
मूल सवाल अभी भी अपनी जगह है कि बिना अग्निशमन विभाग की अनुमति के यह होटल चल कैसे रहा था ? होटल को छह कमरों की अनुमति थी तो उसमें 28 कमरे कैसे संचालित हो रहे थे ? अग्नि सुरक्षा और वेंटिलेशन की सुरक्षा में गंभीर खामियां थी. इस होटल में चूंकि विदेशी इलाज कराने वाले लोग आ कर रहते थे और यह उनके लिए बेड एंड ब्रेकफास्ट व्यवस्था के तहत संचालित होता था तो ऐसा मुमकिन ही नहीं था कि पुलिस की इस पर नियमित नज़र नहीं रहती हो. द प्रिंट में छपी रिपोर्ट तो बता रही है कि इसका मालिक इसी नाम से 200 मीटर की दूरी पर एक और होटल चला रहा था, जिसे इस होटल में आग लगने पर खाली करवाया गया.
इस तरह देखें तो उक्त होटल के मालिक ने खूब गड़बड़ियां की और ये प्रशासन और पुलिस के साथ बिना मिलीभगत के संभव ही नहीं है. जांच तो इस एंगल से होनी चाहिए. लेकिन इन सारे सवालों को एक शेफ केशव नेगी को बलि का बकरा बना कर ढकने की कोशिश की जा रही है. केशव नेगी को बलि का बकरा बनाने की यह कोशिश कतई स्वीकार्य नहीं है.
रुड़की तहसील (आज का हरिद्वार ज़िला) की सबसे बड़ी हिंदू जातियां 1931 जनगणना 👇
चमार= 60,017
गुर्जर= 12,029
राजपूत= 10,996
ब्राह्मण= 10,260
कश्यप= 10,214
सैनी= 9,821
जाट= 7,000
हरिद्वार जिला पश्चिम यूपी का था और हमेशा पश्चिम यूपी का रहेगा।
वीडियो आदि कैलाश मार्ग (धारचूला-गुंजी) का है। खड़ी पहाड़ियों से सड़क पर गिरती विशाल चट्टानें साफ़ दिख रही हैं। गनीमत रही, कोई हताहत नहीं हुआ।
पहाड़ों में तेजी से बदलता मौसम और बढ़ती भू-स्खलन की घटनाएँ चेतावनी हैं कि जलवायु परिवर्तन अब दूर की बात नहीं, बल्कि हमारे सामने खड़ी चुनौती है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। #AdiKailash #Uttarakhand #Landslide #ClimateChange
@Shauka74 Please don't get me wrong but apart from the condition of the roads, driver's skills and time of the day are equally responsible. A lot of accidents have happened due to driver's negligence Driving in the dead of the night and falling asleep is always almost fatal.
उत्तराखंड- उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक पर दो मित्रों के साथ आयी बबीता पांडेय रात में लापता हो गयी है. बबीता रात में अपने टेंट से निकली और फिर नही लौटी. आशंका है कि वह किसी जंगली जानवर का शिकार बन गयी या भीषण ठंड की वजह से उनकी मौत हो गयी. मनेरी कोतवाली में उनके गुमशुदगी दर्ज की गयी है.
बबीता MBA की छात्रा है और एक निजी कंपनी में कार्यरत है. वह नैनीताल के रामनगर की निवासी है.
बबीता के साथ आये उनके दोनों मित्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पंकज कुशावल की रिपोर्ट के अनुसार- रात में बेतहाशा शराब पी गयी थी. मुमकिन है कि शराब के नशे में बबीता टेंट से निकली और रास्ता भटक गयी हो.
SDRF, NDRF, खोजी कुत्ते और पुलिस की टीमें उनकी ट्रैक और जंगल में तलाश कर रही है.
@Guldaar_1 Uttarakhand aint impressed inly an arsehole would think so. The effer would have been a serious contender had he not effed up Uttarakhand state movement. For whatever he did, he will forever remain a villain.