यह इंकलाब नहीं रुकेगा।
जबतक सोरेन सरकार झारखंड के #CTET पास अभ्यर्थियों को नौकरी में बहाली का अवसर प्रदान नहीं करती, तब तक @BJYMinJH झारखंड के युवाओं के हक की आवाज उठाती रहेगी।
आज झमाझम बारिश में भी पूरे राज्य के मुख्यालयों में मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मजबूती से मशाल जुलूस के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी है।
@BJP4Jharkhand@BJYM@yourBabulal@bjpkarmveer
हेमंत सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से झारखंड के लाखों होनहार आदिवासी-मूलवासी युवाओं को शिक्षक नियुक्ति से बाहर किए जाने के खिलाफ में आज युवा मोर्चा के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया.
युवा विरोधी हेमंत सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से झारखंड के लाखों होनहार आदिवासी-मूलवासी युवाओं को शिक्षक नियुक्ति से बाहर किए जाने के खिलाफ में आज @BJYMinJH के अध्यक्ष श्री @kislay_official जी की गरिमामयी उपस्थिति में #BJYM रांची महानगर के अध्यक्ष श्री रोमित नारायण सिंह जी../12
झारखंड की युवा विरोधी हेमंत सोरेन सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से लाखों होनहार आदिवासी-मूलवासी युवाओं को शिक्षक नियुक्ति से बाहर किए जाने के खिलाफ में आज @BJYMinJH के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
@yourBabulal@kislay_official
भारी बारिश भी @BJYMinJH के कार्यकर्ताओं का उत्साह डिगा नहीं पाई।
आज भाजयुमो, रांची के द्वारा मशाल जुलूस में सम्मिलित हुआ।
राज्य के युवाओं के हक की इस लड़ाई में हम तबतक संघर्ष करते रहेंगे, जबतक यह अंधी और बहरी सरकार को दिखाई और सुनाई देना शुरू ना कर दे।
@BJP4Jharkhand@yourBabulal@bjpkarmveer@OfficialBJYM_RM
हेमंत सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से झारखंड के लाखों होनहार आदिवासी-मूलवासी युवाओं को शिक्षक नियुक्ति से बाहर किए जाने के खिलाफ में आज #BJYM दुमका के द्वारा मशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया इस मौके पर मुख्य रूप से @BJP4Jharkhand के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री बिनोद शर्मा जी
अगर 2016 के बाद झारखंड में TET की परीक्षा नहीं हुई है तो राज्य सरकार CTET के अंक को मान्यता दे दे...इसमें क्या परेशानी हो सकती है...झारखण्ड के बहुत सारे छात्र B. ed.की डिग्री होने के बावजूद शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिए गए हैं...नियुक्ति नियमावली स्पष्ट न होना के कारण ही मामला कोर्ट में जाता है और फिर हेमन्त जी भाजपा को कोसते हैं...मुझे तो नौकरी देने की नियत ही नहीं लगती, सिर्फ वैकेंसी निकालकर वाहवाही लूटने की राजनीति के कारण झारखण्डी युवा दर-दर की ठोकरें खा रहा है...भाजपा हर झारखण्डी छात्र-छात्राओं से वादा करती है कि हमारी सरकार आई कि स्पष्ट नियुक्ति नियमावली बनाएंगे...सिर्फ वैकेंसी नहीं निकलेगी, बल्कि नौकरी भी दी जाएगी...
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,
क्या JSSC या राज्य सरकार इन जैसे कई बिंदुओ पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की स्थिति मे है और क्या JSSC के अध्यक्ष इन विसंगतियो के साथ नियुक्ति विज्ञापन निकालने के पक्ष में थे?
1. झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2019 के अनुसार प्रत्येक वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा कराना अनिवार्य है। ऐसे में राज्य के चार लाख से अधिक प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अभ्यर्थी इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाएंगे।
2. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निरूपित मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार प्रत्येक वर्ष कम से कम एक टेट की परीक्षा होनी चाहिए।
3. दिए गए विज्ञापन के अनुसार झारखंड में शिक्षक वही लोग बन पाएंगे जो झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण है।
4. विज्ञापन में शिक्षकों का वेतन को 4200 ग्रेड पे से घटा कर आधा कर दिया गया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
5. सरकार अगर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने में सक्षम नहीं है तो कम से कम राज्य के खतियानी एवं मूलवासी सी टेट उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को बहाली प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दिया जाना चाहिए।
6. बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा,असम, दिल्ली समेत कई राज्यों में जहां प्रत्येक वर्ष टेट की परीक्षा आयोजित नहीं होती है वहां सीटेट को मान्यता दिया गया है।
7. 2016 में जब टेट की परीक्षा ली गई थी तो कक्षा 1 से 5 में B.ED शामिल नहीं किया गया था। परंतु दिए गए विज्ञापन में B.Ed किए हुए अभ्यर्थी भी कक्षा एक से पांचवीं में फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन B.Ed अभ्यर्थी को टेट 1 से 5 में बैठने का मौका ही नहीं दिया गया था तो वह मुख्य परीक्षा में कैसे शामिल हो पाएंगे।
8. क्षेत्रीय भाषा में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अंग्रेजी हिंदी और संस्कृत को जोड़ा गया है और क्षेत्रीय भाषा में काफी बदलाव किया गया है। पेपर वन में बांगला, उडीया जैसी भाषाओं का ऑपशन नही है।
सरकार का पक्ष जानने की उत्सुक्ता के साथः
आपका
कुणाल
Being a Mother is Nature’s way of providing women with the opportunity to experience another life as a part of themselves. If you can be a Mother to one, extend that willingness to be a Mother to the World. #MothersDay#SadhguruQuotes