https://t.co/KhTQcqQxeeविभाजन-की-विभीषिका-हिन्द/
लेख -
विभाजन की विभीषिका, हिन्दी –उर्दू उपन्यास साहित्य एवं भारतीय अँग्रेजी कथा साहित्य में उदास-नस्ले का स्थान
लेखक -
तेज प्रताप टंडन
पी-एच. डी. शोधार्थी
म. गाँ. अं. हिं. वि, वर्धा, महाराष्ट्र
जेल के अँधेरों के लिए भी ज़रूरी हैं रोशनी की चंद किरणें
चन्द्रकला, सामजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता
देहरादून [उत्तराखंड]
#HumanRights
https://t.co/5eYsFp7yK1
अन्याय के खिलाफ निष्पक्ष लेखन के लिए वॉललेस प्रिजन आपका हमेशा से स्वागत करता है।
बतौर लेखक आप वॉललेस प्रिजन से जुड़ सकते है।
आप हमें कविता, लेख, कथा, समीक्षा, अनुभव आदि किसी भी भाषा में [email protected] में भेज सकते है।
अधिक जानकारी के लिए https://t.co/vItqu4Lu2g
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कविता - शव वाहिनी गंगा
गुजराती लेखिका पारुल खक्कर की वह कविता जो लेखिका ने उत्तरप्रदेश से गंगा नदी में तैरते शवो के ऊपर लिखी थी जिसके बाद *गुजरात साहित्य परिषद ने उन पर नक्सली साहित्यिक होने का लगाया आरोप।
#parulkhakkar
सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रस्तुतकर्ता - तुषार पुष्पदिप सूर्यवंशी
(सत्यशोधक विद्यार्थी संघटन महाराष्ट्र,
सदस्य वॉललेस प्रिजन वैब पोर्टल)
दिनांक - 09 जून 2021
समय - शाम 7 बजे
फेसबुक लाइव
https://t.co/WZYntDQks3
#BirsaMunda
वॉललेस प्रिजन वेब पोर्टल आयोजित व्याख्यान/सांस्कृतिक कार्यक्रम
विषय - : शिवराय - कष्टकरी, शेतकरी आणि स्री जातीचा सन्मान
वेळ - सायंकाळी 6.15
दिनांक - 6 जून 2021
फेसबुक लाईव्ह
https://t.co/WZYntDQks3
https://t.co/zzRseupKQU
#savebastar
साथियों वॉललेस प्रिजन वैब पोर्टल प्रस्तुत बस्तर में चल रहे आंदोलन पर खास बातचीत में आज -
#वक्ता - अमित कुमार चौहान
#विषय - बस्तर हिंसा के नैपथ्य में आदिवासी समाज
#walllessprison
https://t.co/HQaR54SjO2 @amitchauhanktu
विषय - बस्तर हिंसा के नैपथ्य में आदिवासी समाज
वक्ता - अमित कुमार चौहान, (पीएचडी स्कॉलर) ICSSR SOJNMS, IGNOU New Delhi
कार्यक्रम - walllessprison के फ़ेसबुक पेज
https://t.co/WZYntDQks3
@wallless_prison#SaveBastar
एक ऐसी अनकही प्रेम कहानी, जिसे समाज कभी स्वीकार नही कर सकता।
पर
प्रेम_तो_आखिर_प्रेम_है_हमारा_आपका_सेम_है
#PrideMonth2021#PRIDE https://t.co/c1b3Rdwg2w via @wallless_prison
महिला अक्सर हर उत्पीड़न के बाद भी रिश्ते बचाने की कोशिश करती ही है चाहे वो एक आम महिला हो या कोई सेलिब्रिटी, पर सब्र का बांध एक दिन टूट जाता है और ये टूटना जरूरी भी है।
#NishaRawal#womenharassment#say_to_no_women_harassment