दृश्य -4
एक गंजा आदमी कमरे में टांग पे टांग चढ़ाकर अकड़ में बैठा है। ज्ञा*श नाम का एक आदमी डरा डरा सा सामने आकर लेट जाता है। गंजा गाली देकर कहता है कि ये 65 लाख लोगों की सूची है, इनका वोट नहीं पड़ना चाहिए किसी भी कीमत पर और ये 14 लाख हमारे हैं, इनका डलेगा ही डलेगा। कोर्ट वगैरह का लोड मत लेना। लेटा हुआ आदमी अपनी बेटियों और दामादों के बारे में सोचता है और जी हुजूर कहकर निकल जाता है।
दृश्य -5
एक दाढ़ी वाला बूढ़ा गंभीर मुद्रा में कमरे में बैठा है। फाइनेंस मिनिस्ट्री का एक अफसर सामने आकर लेट जाता है। बूढ़ा कड़क लहजे में आदेश देता है कि आज ही 2100 करोड़ जारी करो, मुझे 21 लाख वोट खरीदना है जल्दी से। नियम कानून के चक्कर में मत पड़ना। लेटा हुआ आदमी जी हुजूर बोलता है और लेटे लेटे ही कमरे से खिसक लेता है।
और भी कई इस तरह के दृश्य बनते हैं, चुनाव ऐसे लड़ा जाता है।
📍आचार संहिता से पहले नीतीश ने बुलाई कैबिनेट बैठकः मौजूदा कार्यकाल की हो सकती है अंतिम बड़ी बैठक, जनता से जुड़े कई अहम फैसले संभव
♦️बिहार में आचार संहिता लागू होने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक एक अहम कैबिनेट बैठक बुला ली है। माना जा रहा है कि यह उनके मौजूदा कार्यकाल की अंतिम बड़ी बैठक हो सकती है। इसलिए इसका राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खास महत्व है।
लद्दाख कि सरकारी टीचर ने खुलासा किया है कि सरकारी कर्मचारियों को धमकाया जाता है कि आवाज उठाओगे तो बॉर्डर क्षेत्र में भेज देंगे।
तो इस तरीके से सब कुछ चंगा बताया जाता है।
I need a promise from You @RahulGandhi, if you come in power, no deforestation will be done...
No loans of big bulls will be waved off and those waived off earlier will be taken back... Just make 2 promises. I know no one can... 😥
अगर सरकार ये सोच रही है कि मास्टर को 7 वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने से बेहतर महिला को 10,000 देकर एक अलग वोट बैंक तैयार कर लेते है तो सरकार कि ये सबसे बड़ी गलती होगी।
शिक्षक को साधारण समझने का भूल करना सरकार की सबसे बड़ा अज्ञानता है।
हम खुद चुनाव कराते है
हम गणना करते है
हम सारा BLO का कार्य करते है वो भी निष्पक्षता से फिर भी हमारी हैसियत को कम आंकना उचित नहीं है।
समय रहते हुए सरकार और सिस्टम चेत जाए अन्यथा 6 लाख शिक्षक डंके की चोट पर NDA का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे
अन्यथा सरकार के साथ जायेंगे
इस बात का निर्णय @NitishKumar बाबू आपको करना है।
एक लगभग पौने पांच फुट का गंजा आदमी है, अपने आप को बहुत ताकतवर कहता है, कोई थोड़ी सी आलोचना कर दे तो झट से FIR करवा देता है, मकान गिरवा देता है।
लगभग उसी कद काठी के गांधी जी थे, उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर हर प्रकार के मीम बनते हैं, गंदे से गंदी आलोचना होती है। लेकिन सब चलता है, किसी को रोका नहीं जाता।
ऐसा होना भी चाहिये, इसी आजादी के लिए तो उन्होंने संघर्ष किया था।
#GandhiJayanti
हम 6 लाख शिक्षक माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी से निवेदन करते है कि लाखों शिक्षकों के मांग 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान को आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले पूरा कर दिया जाए
अन्यथा कि स्थिति में संपूर्ण NDA सरकार को लाखों शिक्षक परिवार सहित बहिष्कार करेंगे एवं वर्तमान NDA सरकार का घोर विरोध भी करेंगे।
इसलिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले वेतनमान कि मांग को स्वीकार कर लिया जाए अन्यथा शिक्षक इस बार जाति एवं पार्टी से उठकर NDA को मतदान नहीं करके अपना शक्ति दिखा देंगे।
इस बात पूर्व की स्थिति समझने का भूल ना करे।
@samrat4bjp@SanjayJhaBihar@VijayKChy
Epic Meme on Sonam Wangchuk
देश का भला किया इसलिए जेल में भेज दिया।
अगर भाजपा के नेताओं की तरह हत्या और बलात्कार का मामला होता तो माला पहनाने का स्वागत होता।
प्रधानमंत्री जी, पहली बात तो एक क्रिकेट मैच की तुलना युद्ध के मैदान से करना ठीक नहीं है।
दूसरी बात, अगर आपने तुलना कर ही दी तो आपको भारतीय टीम से यह सीखने की ज़रूरत है कि जब जीत के करीब हों, तो किसी थर्ड अंपायर के कहने पर अच्छे कप्तान सीज़फायर नहीं करते।
It's been 3 days..
Sonam Wangchuk is untraceable. His wife has not even being given the opportunity to have a phone call with him. No copy of detention order has been given.
No one knows in what condition he is being kept.
आप ये वीडियो ज़रूर-ज़रूर देखें।
इस बच्ची की आँखों और आवाज़ में जो दर्द है, उसे सुनकर बेहद गुस्सा आता है। ये एक किसान की बेटी है। किसी तरह इसके पिताजी पैसे जोड़कर इसे शहर पढ़ने भेजते हैं। और पेपर लीक हो जाता है। अब ये बच्ची बेचारी क्या करे? कहाँ जाए?
यही दर्द आज देश के अधिकतर युवाओं का है जो किसी कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं।
ऐसा क्यों है कि जहाँ जहाँ इनकी सरकारें हैं, वहीं पेपर लीक हो रहे हैं?
पेपर ख़ुद अपने आप लीक थोड़ी हो जाते हैं। इनके नेता और मंत्री पेपर लीक करवाते हैं। कभी कोई पकड़ा नहीं जाता। कैसे पकड़ा जाएगा? जब माँझी नाँव डुबोए तो कौन बचाए…
जो सरकार पेपर ठीक से नहीं करवा सकती, ऐसी सरकार राज्य क्या संभालेगी?
रोने से काम नहीं चलेगा। देश का युवा बेबस नहीं हो सकता। ऐसी सरकार को या तो इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, या उसे उखाड़ फेंकना चाहिए।
Sonam Wangchuk praised Modi’s environmental efforts at a UN climate conference that was hosted in Pakistan. Today, the very fact that he attended that conference is being used as evidence of his ‘anti-nationalism’. Even his false praise of Modi wasn’t enough to shield him.