Ex. Student of Madras School of Economics-Chennai, University of Allahabad, Political & International Affairs Observer, SOCIALIST, GANDHIAN, AMBEDKARITE.
भारत को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए, लेकिन आज भी देश में घड़ा छू लेने, मूंछ रखने, मूर्ति छू लेने और घोड़े पर बारात निकालने पर दलित के अत्याचार किया जाता है।
यहां तक कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को दिल्ली के मंदिर में अंदर तक नहीं जाने दिया गया।
हाल ही में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया।
जब खरगे जी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और अगर ऐसा हुआ है तो हम कार्रवाई करेंग��।
लेकिन उन्हीं की पार्टी के नेता और उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण की इस घटना को जायज ठहराते हैं।
: @INCSCDept के चेयरमैन व यूपी कांग्रेस प्रभारी @AdvRajendraPal जी
📍 दिल्ली
पहले #भाटी थे अब #राठी 🔥🔥🔥🔥
तबियत से एक्सपोज कर रहे हैं
उनके पास अनपढ़ जाहिलों को फ़ौज है हमारे पास पढ़े लिखे समझदार की
वो सब व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी वाले हैं
हम सब यूनिवर्सिटी वाले
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
पूरे उत्तरप्रदेश के इतिहास में अगर किसी ने ‘Olympic-Sized World-Class All-Weather Heated Swimming Pool’ बनवाया था, तो वो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने JPNIC में बनवाया था।
अगर ये जनता के लिए होता तो फ्री या बहुत सस्ता होता, साथ ही बड़े इवेंट भी हो सकते थे।
लेकिन अब बीजेपी ने जनता के पैसों से बने हुए इस पूल सहित पूरे JPNIC को निजी संस्था को बेच दिया।
10 साल से तभी भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे, ताकि बेच सकें।
वरना सही में भ्रष्टाचार होता तो जांच में नहीं मिलता?
"अखिलेश को 2 बार धोखेबाजी से हरा दिया, मशीन ऐसी आती है कि वोट डालो अखिलेश के पड़ते हैं मोदी के..."
◆ रोडवेज बस में सफर कर रही कासगंज (यूपी) की महिला ने कहा
◆ देखिए माहौल क्या है, राजीव रंजन के साथ
@rajeevranjanMKH | #MKH | #MahaulKyaHai
नक्सलवाद से जितने लोगों की जान गई इस देश में, आतंकवाद से उतन��� लोगों की नहीं गई। कश्मीर से ज्यादा खून बस्तर में बहा है।
लेकिन बस्तर को लेकर के देश का खून उबाल इसलिए नहीं मारता,क्योंकि वहाँ दाढ़ी और टोपी नहीं है..!
—पत्रकार अभिनव पांडे
"Hum yahan aa gaye hain?..
Gandhi ke hatiyare ko Godse ji kaha jayega?"
On Priti Gandhi and Alok Bhatt's appointments in BJP IT cell this gem of a speech by Ravish Kumar comes to mind.
"भाजपाई होना, देशद्रोही होने का सर्टिफिकेट है"
सच में पिछले जनम में कोई पाप किया होगा हमने जो भाजपा के नए भारत में जन्म लिया। अगर इस देश में कोई टुकड़े टुकड़े गैंग है, देशद्रोही है तो वो @narendramodi@AmitShah@rajnathsingh पूरी @BJP4India है और यही देशद्रोही ये देश चला रहे हैं 😡
जो पार्टी देश के विकास के नाम पर सत्ता में आई थी उसने सिर्फ अपना विकास किया ।
देश के अनेकों शहर और गाँव मे BJP के अलीशान दफ्तर देखते बनते है।
BJP पार्टि के आलीशान और आधुनिक दफ्तरों पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।
सवाल है, बच्चों के स्कूल बदहाल और पार्टियों के दफ्तर शानदार क्यों?
जिस गांव में लड़कियों को बुजुर्गों के सामने बोलने तक नही दिया जाता था, वहां की महिला ने उन्हें हॉकी की स्टिक पकड़ा दी.
राजस्थान में लांबी गांव की नीरू यादव पहले स्कूल में शिक्षिका थीं. उन्होंने देखा घरेलू हिंसा झेलने वाली महिलाएं गांव के पुरषों के सामने अपनी बात नही रख पाती हैं.
तभी उन्हें महसूस हुआ, सरपंच काम केवल व���कास कराना नही, महिलाओं की आवाज उठाना भी है. 2020 में नीरू यादव सरपंच बनीं. चुनाव के दौरान कुछ लोगों ने उनके ज्यादा पढ़े लिखे होने पर सवाल उठाया. लेकिन ��न्होंने हार नही मानी.
गांव की लड़कियों को हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित किया. सामाजिक विरोध के बावजूद लड़कियों को खेल से जोड़ा. सरपंच के तौर पर मिलने वाला मानदेय भी लड़कियों की ट्रेनिंग पर देती हैं.
नीरू यादव ने गांव में "बर्तन बैंक" भी बनाया है. जहां 8000 से ज्यादा बर्तन जमा हैं, जिसे शादी ब्याह या सामुहिक भोज में मुफ्त में ले जाया जा सकता है. नीरू यादव ने अपने काम से मिसाल पेश की है की सरपंच केव��� पंचायत चलाने वाला नही, सामाजिक सोच बदलने वाला भी हो सकता है.
ये व्यक्तव्य है 70, 80 और 90 के दशक में कांग्रेस के घोर विरोध एवं बेवाक राय के लिए जाने जाने वाले स्व. चंद्रशेखर सिंह जी का है,
जो बाद में कांग्रेस के स���योग से प्रधानमंत्री भी बने।
पहले तमाम विरोधों के बाद भी एक शिष्टता बची रहती थी।
अंधभक्तो ने भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा नुकसान इस शिष्टाचार को खत्म करके क��या है।
SCST Special Component Plan से बने UP में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन आरक्षण खत्म कर दिया BJP सरकार, high court ने।
Please take action urgently otherwise #SCST students would left to get admission in this colleges.
@UPGovt@asim_arun@Mayawati@ramjigautambsp@AnandAkash_BSP
भगवा नक्सलियों को शिक्षित, तर्कशील, कर्मशील, विवेकशील और चिंतनशील लोग हमेशा ही से नक्सल लगते है।
कभी किसानों को खालिस्तानी और आंदोलनजीवी कहते है, सरकार की नीतियों का विरोध करने वालों को Urban Naxal कहते है और अब Gen-Z के छात्र-छात्राओं व युवाओं “दिमागी नक्सल” बताना प्रधानमंत्री जी की वैचारिक दरिद्रता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री जी को भाषा ही नहीं बल्कि पद की गरिमा का भी ख्याल रखना चाहिए।