नजीब हमारे बदायूं जिले का एक होनहार छात्र था उनके दरवाजे पर कोई दस्तक देता है तो नजीब की मां भाग कर दरवाज़े पर जाती हैं और सोचती है काश कि मेरा बेटा नजीब हो उसके वालिद जबसे नजीब गायब है उसके कुछ दिनों के बाद एक चारपाई पर अपनी जगह बना लेते हैं और आज तक वह बीमार है
#नजीब_कहां_है