दिल्ली पुलिस के जिन वर्दीधारियों ने इस रिपोर्टर के साथ मारपीट की है , उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
रिपोर्टर की धार्मिक पहचान के आधार पर उसे और पीटा गया . इतना ज़हर अगर वर्दी वालों के भीतर भी आ गया तो ऐसे लोगों को वर्दी पहनने का हक नहीं है
@DelhiPolice
महिला सशक्तिकरण का ढिंढोरा पीटने वाले प्रधानमंत्री मोदी की अपनी ही चार इंजन सरकार की मुख्यमंत्री क्या कर रही हैं?
एक महिला पत्रकार को गृह मंत्री अमित शाह के अधीन आने वाली पुलिस ने सिर्फ इसलिए बुरी तरह पीट दिया, क्योंकि वह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछ रही थीं।
ऐसे में सवाल तो जायज़ है,
क्या मोदी सरकार में बेटियों की आवाज़ को इसी तरह हमेशा कुचला जाएगा?
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
#दिल्ली
4PM की पत्रकार शाहीन ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़कर मारपीट की और थाने ले गई।
अगर आरोप सही हैं, तो मामला बेहद गंभीर है। सवाल सिर्फ एक पत्रकार के साथ कथित व्यवहार का नहीं, बल्कि क्या किसी पत्रकार को सवाल पूछने से रोका जा सकता है और क्या नाम या पहचान के आधार पर उसके साथ अलग व्यवहार किया जा सकता है?
इन आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है #delhipolice @DelhiPolice@RahulGandhi
लगभग साढ़े सात घंटे बीत जाने के बाद और गृह मंत्री अमित शाह से अनुमति मिलने के बाद FIR दर्ज हुई। ये हालात तब बने, जब नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी ने साहिल और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाया और धरने पर बैठे।
साहिल के शरीर और आंख में छर्रे लगे हैं। एक आंख की रोशनी चली गई है। ऐसे मामले में साहिल और उसके परिवार की शिकायत को तुरंत दर्ज किया जाना चाहिए था। आज भारी दबाव में अनुमति मिली और FIR दर्ज हुई — यह सिस्टम की संवेदनहीनता है और गंभीर सवाल खड़े करती है।
राहुल जी ने बिल्कुल सही सवाल उठाया है—अगर राजधानी के बीचों-बीच FIR दर्ज कराने में इतना समय लगता है, तो गांवों और छोटे शहरों में आम नागरिक की स्थिति क्या होगी?
यह पहला कदम है। साहिल और छात्रों को जवाब मिलना चाहिए कि उन पर हुई इस बर्बरता के पीछे किसका हाथ था और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
@kcvenugopalmp@priyankagandhi@INCIndia
"राहुल गाँधी के मुंह से खून निकल रहा है"
राहुल गाँधी की गिरफ्तारी के समय पत्रकार को कहते सुना-
अगर ऐसा है तो सच में इससे ज्यादा काला दिन और कोई नही होगा
उन्हें ओल्ड विमेन बिल लाना चाहिए, जिसे सभी पार्टियों ने पास किया था, सोमवार को तुरंत लाना चाहिए। सोमवार को संसद बुलाओ, बिल लाओ और देखते हैं कि कौन एंटी-विमेन है। हम सब आपको वोट देंगे और सपोर्ट करेंगे
- प्रियंका गांधी
- मेरे कहने पर भारत ने रूस का तेल लेना बंद किया
- मैंने भारत पाकिस्तान का युद्ध रोका
- अमेरिका टैरिफ नहीं देगा , भारत टैरिफ देगा
ट्रम्प हमारे देश की भद्द पीटता रहेगा, और PM मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं फूटेगा।
ये है NATIONAL SHAME.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प खुद कह रहे हैं, “हम टैरिफ नहीं देंगे, भारत देगा।”
जब राहुल गांधी ने कहा था कि डील अमेरिका के पक्ष में है, तब पीयूष गोयल और शिवराज सिंह चौहान उन्हें झूठा बताते रहे।
अब ट्रम्प ने सच बोल दिया।
राहुल गांधी सही थे, मोदी ने देशहित गिरवी रख दिए।
डॉ मनमोहन सिंह:- 3% टैरिफ 🔥
नरेंद्र मोदी:- 18% टैरिफ 😭
तो फिर हम किस बात का जश्न मना रहे हैं जब हम पहले से ज्यादा टैरिफ चुका रहे हैं — ये तो पागलपन है।🤔
~ संदीप चौधरी, जर्नलिस्ट
संदीप चौधरी ने टैरिफ पर BJP के सभी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश कर दिया।🔥🔥
सिर्फ़ दो हफ़्ते पहले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा था “बीजेपी के भ्रष्टाचार की फ़ाइल मेरे पास है”, और आज उनका विमान हादसे में निधन हो गया।
रामराज में इस तरह के हादसों का शिकार हुए लोगों की लिस्ट बड़ी लंबी है।
भाई और बहनों.. नमस्कार
मुझे आज भी याद है, 20 साल पहले डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून आम राय से पास किया गया था। यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिला था। खासतौर पर वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।
रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोड़कर पलायन करने पर रोक लगी। रोजगार का कानूनी हक़ दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया।
पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ।
लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरुप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया।
अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी।
कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था। ये देशहित और जनहित से जुड़ी योजना थी। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है।
इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं। 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं।
मेरे जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता आपके साथ खड़े हैं।
जय हिंद 🇮🇳
: CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी
📍 दिल्ली