Tumakuru, Karnataka - A schoolboy died on the spot after a pillar of a Nandini Dairy building collapsed and fell on him in Biligihalli village in Karnataka’s Tumakuru district. The deceased, identified as Dhanush, was a student of the Government Higher Primary School in the village. The incident occurred in Chikkanayakanahalli taluk when the boy was playing near the Nandini Dairy building, located close to the school. The pillar reportedly collapsed and struck Dhanush on the head, causing severe injuries. He died at the scene. Villagers expressed strong outrage over the tragedy and alleged that engineers associated with the dairy were responsible. They also claimed that poor-quality construction work had led to the collapse. The incident falls under the jurisdiction of Handanakere Police Station. Further details and official statements are awaited.
बिहार के फारबिसगंज में पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन सब्जी लेने मंडी गए.
यहां गाड़ी खड़ी करने को लेकर सत्तू बेचने वाले रवि चौहान से बहस हुई.
झगड़ा इतना बढ़ा कि रवि ने चाकू से नबी हुसैन का गला काटकर अलग कर दिया. फिर भीड़ ने रवि को पीट पीटकर मार डाल.
👇 तस्वीर में रवि चाकू लिए खड़ा है
इंदौर शहर हिल गया ..💔
लड़का अमेरिका में है।
जिसका सालाना पैकेज 90 लाख है।
जिसके पिता 30 दिन पहले ओर माँ 20 दिन पहले दुनिया से चले गए।
बंद घर में दोनों की लाशें सड़ गई थीं उनमें कीड़े पड़ गए ।
लड़के को इस बात का पता नहीं क्योंकि उसने पूछने को फोन भी नहीं किया ।
ऐसे बच्चों की नौकरी, पढ़ाई, ओर उनके कमाए हुए पैसे किस काम के ?
बच्चों को सिर्फ पैसा कमाना मत सिखाओ , उन्हें संस्कार भी सिखाओ --
विदेश में काम करने वाले कुछ बच्चों में दिख रही बेशर्मी यह जीता जगता उदाहरण है।
ऐसे पैसे का क्या मतलब है?
QUES 1: क्या शैक्षणिक संस्थानों में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से भेदभाव नहीं होता?
ANS: हाँ, भेदभाव होता है। लेकिन तर्क यह है कि भेदभाव का कोई तय चेहरा या जाति नहीं होती। यदि हम मान लें कि भेदभाव सिर्फ एक तरफा होता है, तो हम 'Universal Principle of Justice' (सबके लिए बराबर न्याय) के सिद्धांत को नकार देते हैं।
QUES 2: क्या यह भेदभाव असंवैधानिक नहीं है?
ANS: बिल्कुल है। संविधान का Article 15 जातिगत भेदभाव को रोकता है, लेकिन Article 14 सबको 'Equal Protection of Laws' (कानून का समान संरक्षण) देता है। सुरक्षा किसी वर्ग का 'Privilege' (विशेषाधिकार) नहीं, बल्कि हर नागरिक का 'Fundamental Right' (मौलिक अधिकार) है।
QUES 3: क्या इसके निदान के लिए, दोषियों की सज़ा के लिए कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं होनी चाहिए?
ANS: व्यवस्था ज़रूर हो, पर वह 'Biased' (पक्षपाती) न हो। बिना किसी 'Preliminary Inquiry' (शुरुआती जाँच) के सजा देना और झूठी शिकायत पर 'Accountability' (जवाबदेही) तय न करना न्याय नहीं, बल्कि कानून का दुरुपयोग है।
QUES 4: क्या ऐसे ही क़ानून की मांग अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों के लिए नहीं होनी चाहिए?
ANS: यह मांग पूरी तरह तर्कसंगत है। सुरक्षा 'Universal' होनी चाहिए, 'Selective' नहीं। जब कानून सिर्फ कुछ वर्गों को चुनता है, तो 'सबका साथ' का नारा कड़वी हकीकत बन जाता है और बाकी छात्र बेसहारा रह जाते हैं।
#UGCRegulations
यह बेहद दुखद है कि कुछ सांसद भी खुलेआम उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो हमारे खूबसूरत उत्तर-पूर्वी भारत को अलग करना चाहते हैं! ये लोग भारत के अस्तित्व के कारण ही इस स्वतंत्रता का आनंद ले पा रहे हैं! यहां तक कि सीमावर्ती इलाके के लोग, जिनके पास इन अभिजात वर्ग के जैसी कोई सुविधा नहीं है, वे भी भारत को एकजुट रखने के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं!
@DrSJaishankar ji Wishing you a beautiful day, happiness, and good health always! Happy Birthday! May all your wishes and aspirations come true! May you have a wonderful year ahead
🎉🎂
असदुद्दीन ओवैसी….
जब डोनाल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला पर हमला कर सकता है..
पूरे देश पर क़ब्ज़ा कर सकता है…
वहाँ के राष्ट्रपति को उठाकर अमेरिका ले जा सकता है..
जब साउदी अरब, यमन पर हमला करके अपने दुश्मनों को ख़त्म कर सकता है…
तो हम पाकिस्तान पर हमला करके…
लश्कर ए तौएबा, हिज़बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों को ख़त्म क्यों नहीं कर सकते…??
डूब मरो भाजपा वालों…. ओवैसी तुम्हें राष्ट्र भक्ति सिखा रहा है…