कुटूंबीय कमी शिकलेले चालतील पण बुद्धाचा धम्म व बाबासाहेबांचा संघर्ष दाखवणारा हवा म्हणजे आपण स्वतंत्र मताची व्यक्ती म्हणून घडू. लोक म्हणतात करून करून भागले अन देवपूजेला लागले. मी म्हणते जाऊ नये तेथे जावे पण विवेका सहित.
जो इस बात से खुश थे की मोदी सरकार बाबसाहब के नाम पर बड़े-बड़े संस्थान बना रही है, वो जरा दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की इस तस्वीर को देख ले। बाबसाहब की प्रतिमा के सामने ���िवलिंग बना हुआ है। इसका पुरज़ोर विरोध ज़रूरी है। @RamdasAthawale @PMOIndia ये ठीक नहीं।
कानपुर में बुलडोजर ने माँ-बेटी की जान ले ली
पहले अतिक्रमण बताकर पक्का मकान तोड़ा फिर झोपड़ी भी गिराने पहुंच गया प्रशासन
ग्रामीणों का आरोप है प्रशासन ने झोपड़ी में आग लगाई लेकिन प्रशासन ने इंकार कर दिया
इस आग में माँ-बेटी की मौत हो गई
कितनी भयावह खबर है लेकिन हरतरफ चुप्पी है
अपना सब कुछ देश के नाम न्योछावर कर जिन्होंने हमेशा त्याग और समर्पण की मिसाल पेश की, ऐसे नेता भारत की राजनीति में बहुत कम ही हुए।
साहस और समर्पण का पर्याय, हमारी नेता श्रीमती सोनिया गांधी जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं���
हमारे विधायक व गुजरात की दांता विधानसभा से आदिवासी प्रत्याशी, श्री कांतिभाई खराडी जी पर कल देर रात भाजपा के गुंडों द्वारा जानलेवा हमला किया गया।
मजबूरन उन्हें जान बचाने के लिये जंगलों में छिपना पड़ा।
क्या EC को इसपर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ?
हार के डर से भाजपा बौखला गई है।
Appasaheb Pawar died yesterday. You are not likely to know him.
But you should.
He had been fighting for his land rights in Maharashtra's Beed district for about 10 years.
He knocked on all concerned doors. Wrote multiple letters to multiple authorities.
This is his story:-
बाड़मेर में बकरिया चरा रही मूक-बधिर बच्ची को अराजक तत्वों ने अगवा कर उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया। फिर उसे बेहोश छोड़कर भाग गए।
भीम आर्मी के साथी 4 दिन से धरने पर है और आज 13 लोगो ने भूख हड़ताल शुरू की है।
@ashokgehlot51 जी, आपकी सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों?
म���ाराष्ट्र में #BharatJodaYatra की कवरेज के समय दो बुजुर्ग महिलाओं से हुई इस बातचीत को 10 लाख से ज्यादा लोगों ने यूट्यूब पर देखा।इस वीडियो में दोनों महिलाओं के साथ मराठी में की गई बातचीत का मैंने हिंदी अनुवाद किया ह���।
आप सभी का शुक्रिया,अगर नहीं देखा तो 👇
https://t.co/FcDYkbq73V
सावरकरांचा विषय आला की लोक "कोलू फिरवला आणि माफीनामा दिला" यांसारखे तेच तेच विषय चर्चेला आणतात आणि भावनिक होतात. इतिहास हा भावनिक होण्याचा विषय नाही, तो समजून घेण्याचा विषय आहे. त्याचा डोळसपणे अभ्यास व्हायला हवा. त्याची चिकित्सा व्हायला हवी.
बाबा साहब का संविधान और कानून, कमजोरों, वंचितों के अधिकारों को संरक्षित करता है। लेकिन उरई में रामस्वरूप वाल्मीकि की जमीन को भूमाफिया बुलडोजर लगाकर कब्जा रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इस अन्याय के खिलाफ, हम अपने परिवार के साथ खड़े है। यह अन्याय बर्दाश्त नही किया जाए��ा।