आज मेरे प्रिय गीतकार गुलज़ार साहब का जन्मदिन है। संयोग से आज ही @IndianExpress में मेरा लेख भी छपा है, जिसमें गुलज़ार साहब ने देशभक्ति गीतों से संबंधित जो सवाल पूछा है और नई पीढ़ी को जो चुनौती दी है, उसका ज़िक्र है। यह हमारे वक्त का बड़ा सवाल है।
सवाल क्या है, यह ख़ुद गुलज़ार साहब से सुनिए!
Happy Birthday, Gulzar Sahab!
#Gulzar #ReimaginingIndia
Gen Z इनको धोने में कोई क़सर नहीं छोड़ रही है 😂😂
“A very good morning, ladies and gentlemen, and I welcome you to Governance by Marketing.”
👍👍✊👍👍
#PROverProgress
#GovernanceByMarketing
एक बार जर्मनी में हिटलर ने एक कवि को, उसके द्वारा लिखी गई कविता के कारण गिरफ्तार कर लिया.
उसकी पाँच साल की बेटी ने अपनी माँ से पूछा, “पापा को क्यों गिरफ्तार किया गया?” माँ ने कहा, “उन्होंने हिटलर के खिलाफ कविता लिखी थी.” बेटी मासूमियत से बोली, “तो हिटलर भी पापा के खिलाफ एक कविता लिख देता.”
माँ ने जवाब दिया, “अगर हिटलर को लिखना आता, तो वह लिख देता.”
हिटलर जर्मनी का तानाशाह था.
पोस्ट स्क्रिप्ट - हमारे यहाँ मान्यवर के पास जर्मन मोंट ब्लांक के पेन के कई सेट हैं, लेकिन उनसे लिखा नहीं जाता है, कैमरे के सामने सिर्फ पेन हिलाकर लिखने की नौटंकी होती है.
लिखना ✍️ आता भी है, ये तय नहीं
😂😂😂
छात्रों की समस्या का समाधान मिल गया है।
शिव खेड़ा ने कहा था- जीतने वाले कोई नया काम नही करते, वे वही काम नए तरीके से करते हैं। प्रधानसेवक ने भी अपनी गलती समझ ली। व्हाट्सप से बात नही बनेगी। प्रचार वे नए तरीके से करेंगे।
पार्टी को इंस्टा पर जाना होगा।
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वैज्ञानिक हर समस्या का वैज्ञानिक समाधान खोजता है। समाजशास्त्री, समाज के विभिन्न वर्गों की डायनामिक्स में समाजशास्त्रीय विश्लेषण करता है।
एक बार तो हमारे यहां इकॉनमिस्ट प्रधानमंत्री भी हुआ। मुंडी झुकाए खटता रहा, यह सोचकर, कि इकॉनमी सुधर जाए, तो देश तर जाएगा। गलत था। जेब मे पैसे हों न हो, प्रचार भरपूर होना चाहिए।
तो देश ने उसकी जगह प्रचारक चुना। अब जाहिर है, प्रचारक हर संकट में यही सोचेगा कि उसके प्रचार में कहां कमी रह गयी। सो पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हुआ, तो निष्णात प्रचारक ने तुरंत पकड़ लिया- मंत्रीगण इंस्टा पर पिछड़ गए हैं।
चलो इंस्टा!!
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ठीक वैसे ही जैसे सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिंद फौज के सेनानियों को कहा था- चलो दिल्ली।
सोचता हूँ, अगर वे आज भाजपा सरकार में मंत्री होते, तो क्या कहते। शायद रात तक उनका ट्वीट आता- तुम मुझे लाइक दो, मैं तुम्हे रील दूंगा। उधर लोकमान्य तिलक कहते- स्वरील मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं वायरल होकर रहूंगा।
लालबहादुर शास्त्री, जय जवान, जय किसान नही कहते। इनका स्टेटस होता- जय रील , जय इंस्टाग्राम!! स्वामी विवेकानंद, हालांकि इनके साथ मंत्री न बनते, लेकिन जबरन कल्पना कर ही लें, तो उनका नारा होता-
उठो, जागो, रील बनाओ,
और वायरल होने तक मत रुको।
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दरअसल, फेसबुक, ट्विटर, थ्रेड्स, कू, इंस्टा-इतने सारे सोशल मीडिया प्लेटफार्म हो गए हैं, की सरकार के लोग करे तो क्या क्या करे?वन नेशन, वन प्लेटफार्म की नीति लाने का यही वक्त है।
सरदार पटेल ने जिस तरह देशी रियासतों का एकीकरण किया था, मोदी जी को चाहिए कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म का एकीकरण कर दें।
वन लॉगिन, वन पासवर्ड।
ईज ऑफ बीइंग सोशल..
मोट्टो यही- भारत को एक इंस्टा अकाउंट में पिरोऊँगा।
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आठवीं सदी में शंकराचार्य ने भी कहा था- जगत मिथ्या है, इंस्टा ही सत्य है। सच्चा हिन्दू वही है, जिसने इंस्टा पर मोदी जी को फॉलो किया है।
दरअसल आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी सबके खारिज होने के बाद, इंडियन सिटिजनशिप का कोई प्रमाण होगा, तो वह इंस्टा पर आपकी प्रधानसेवक की प्रोफाइल की फॉलोइंग शिप होगी।
नागरिक को अपना आधार नम्बर, इंस्टा से लिंक करना होगा। जिसमें रोज हर पोस्ट लाइक करके, आप अपनी सिटिजनशिप रिन्यू करेंगे। फॉलो न करने वाले SIR में कट जाएंगे, फिर अपना और अपने बाप का इंस्टा आईडी लेकर BLO के चक्कर लगाते रहना।
लेकिन बेहतर समर्थन का ईनाम भी मिलेगा। पिछली बार एक देशभक्त मुस्लिम को, इसीलिए तो राष्ट्रपति बनाया गया था।
याद है? उन्होंने मशहूर बयान दिया था - रील्स वो नहीं जो फीड में आते हैं, सच्ची रील्स वो हैं जो स्क्रॉल करने नहीं देते।
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आदेश के बाद इंस्टा लोक में बंदनवार सजे हुए है। हर्ष का माहौल है। सकल कूचों में गीत गूंज रहा है- जो राम को लाये है..
वही रील को लायेंगे।
🙏❤️
“अगर मुल्क की रहनुमाई एक जाहिल करेगा, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह जाहिल, नाक़ाबिल, नासमझ और बेरहम बने।”
~ नसीरुद्दीन जी
सलाम उस हर युवा और छात्र को, जिन्होंने लड़ना नहीं छोड़ा, झुकना नहीं स्वीकारा, और लाठियाँ टूटीं, लेकिन वे नहीं टूटे।
सोचिए, आप मंच पर खड़े है।
लाइट्स चमक रही, कैमरे खटक रहे, माइक सामने लगा है। हॉल भरा है, लेकिन दिमाग खाली।
अरे, भूल गए जो बोलना था!!!
फुरफुर्स फुर, सुना रहा है??
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पर डरिये मत। समय बदल गया है, तकनीक भी। तो नेता बनना इतना आसान कभी न था। आपकी मदद के लिए "डेसव्यू TP300" आ चुका है!
दोस्तों, ये जादू है।
ये 19 इंच का हाई-ब्राइट मॉनिटर वाला टेलीप्रॉम्प्टर। आपके सामने शीशे की तरह लग जाता है।
आप किसी की लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ रहे है, मगर जनता को लगेगा, कि आप सीधे उनकी आँखों में देखकर- हृदय से हृदय की बात कर रहे है।
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इसकी ब्राइटनेस 1000 cd/m² है। याने मतलब दोपहर की धूप में भी स्क्रिप्ट पढ़ सकते है। याने पहले तो हम लोग धूप में स्क्रिप्ट पढ़ने के चक्कर में चश्मा लगाते थे, अब चश्मा लगाने की ज़रूरत नहीं।
ये टेलीप्रॉम्प्टर खुद ही सनशेड के साथ आता है।
और पोर्टेबल तो ऐसा कि एक ब्रीफकेस में समा जाए। इसका हॉर्ड केस आता है, जो खुद भी स्टैंड बन जाता है। मतलब आप बैग में रखकर, विदेश भी ले जा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया सेशेल्स, बुरुंडी, बुर्किना फासो .. जहां मर्जी!!
यह हर जगह सफाई से काम करता है।
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हाइट एडजस्टमेंट 1.5 फीट से 5.5 फीट तक। मतलब अगर नेता नाटा हो, बौना हो। या कि कुछ लाशो पर चढ़कर 6 फुटा बन गया हो, सबके काम आता है।
जी हां, TP300 की हाइट एडजस्टेबल है।
और इसका असली फीचर तो मैनें अभी बताया ही नही। इसमे है ब्लू टूथ रिमोट..!! स्क्रिप्ट तेज़ करनी है? रिमोट दबाओ। धीमी? फिर दबाओ।
गलती से आगे निकल गई?
पीछे करो।
ये रिमोट इतना स्मार्ट है कि आपको लगेगा कि आपका पर्सनल असिस्टेंट स्टेज पर खड़ा है। अगर स्क्रिप्ट में टाइपो हो गया तो? कोई बात नही। वह आपकी गलती नही, भाषण लेखकों और सलाहकारों की है।
उन्हें बदल दीजिये।
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TP 300 एक शानदार टूल है।
यदि किसी देश की जनता बेवकूफ हो, और लम्बी लम्बी फेंकने को सच्चे नेता की पहचान मानती हो, TP 300 आपको वहां पर राजा बना सकता है।
बस आपको आपको एक अच्छे गपोड़ी को नौकरी पर रखकर, बड़े विजन के भाषण लिखवाने हैं। जो विज्ञान के सिद्धांत, गणित के फार्मूले, इतिहास के दो चार नाम, सॉफ्टवेयर के कोड, थोड़ी लच्छेदार अंग्रेजी, थोड़े व्हाट्सप के पैराग्राफ मिलाकर भाषण तैयार कर दे।
एन्ड देन यू गो।
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दोस्तों, डेसव्यु TP 300 वो साथी है, जो आपका साथ सालोसाल निभाएगा। आपको कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। चाहे धूप हो, बारिश हो, या दिमाग काम न कर रहा हो — ये हमेशा तैयार।
अगर आप भी एस्पायरिंग लीडर हैं, तो इसका इस्तेमाल करें। अभी इस देश की जनता को अक्ल आने में थोड़ा वक्त और बचा है। इतने दिनों में फायदा उठा लें।
और बड़े नेता बने, एक छोटे इन्वेस्टमेंट में।
विशेष ऑफर, मानसून ऑफर का लाभ उठाएं।
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आह, कीमत??
दोस्तों, सरकारी खरीद में मैं इसे 41,81,090 में बेचता हूँ। लेकिन अभी स्टॉक क्लियरिंग सेल चल रही- मानसून ऑफर में यह मात्र 1,81,090 में होम डिलीवरी।
डिस्काउंट कोड, कमेंट में CHUTIA लिखे, और एडिशनल 10% डिस्काउंट पायें।
थैंक्यू फ़ॉर योर अटेंशन!!
☺️😊🙏❤️💐