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हमारी पौराणिक कथाएँ केवल कथाएँ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सीख भी देती हैं। 🙏
प्रभु श्रीराम के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि रिश्तों में सम्मान और साथ सबसे महत्वपूर्ण है। पत्नी को अपने साथ बराबरी का सम्मान देना चाहिए, उसकी सुविधा और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए—सिर्फ खुद आगे बढ़ने की नहीं, बल्कि साथ चलने की भावना होनी चाहिए। ❤️
रिश्ता वही सुंदर है, जहाँ प्रेम के साथ सम्मान भी हो।
जय श्रीराम 🚩
#श्रीराम #सीता_राम #सनातन_संस्कृति #जीवन_की_सीख
हार्ट अटैक को लेकर बुनियादी जानकारी
प्राथमिक लक्षण है
सीने में दर्द होना।
यह एक pressure, heaviness या tightness जैसे भी महसूस हो सकता है।
यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है।
सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना।
कुछ लोगो को गैस होने की फीलिंग आती है।
हार्ट अटैक आने पर क्या करें?
सबसे पहले मदद के लिए एम्बुलेंस को कॉल करें या आपके पास अपना साधन है जिससे आप अस्पताल पहुँच सकते हैं तो उसे तैयार करने को कहें।
नज़दीक में जो भी व्यक्ति या मित्र है उसे भी तुरंत आने को कहें।
जब तक गाड़ी तैयार होगी या एम्बुलेंस आएगा तब तक प्राथमिक तौर पर Aspirin की गोली मरीज़ को दें और चबाने को कहें।
Aspirin रक्त की धमनियों में Clotting को रोकती है।
मरीज़ को तब तक उचित जगह बैठने या लेटने को कहें जहाँ उन्हें आराम हो।
अगर घर में sorbitrate की 5mg की टेबलेट हो तो उसे जीभ के नीचे रखनी है।
अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कुछ भी पिलाने की कोशिश ना करें। मरीज़ अगर साँस नहीं ले रहा, पल्स नहीं मिल रहा वैसी परिस्तिथि में तुरंत CPR शुरू करें।
एम्बुलेंस आते ही या गाड़ी तैयार होते ही अस्पताल के लिए निकल जायें।
अगर नज़दीकी अस्पताल का नंबर है तो उन्हें रास्ते से ही सूचित कर दें कि आप ऐसे किसी मरीज़ को ले कर अस्पताल पहुँच रहे हैं ताकि वो भी तैयार रहें।
दो साल पहले कानपुर के LPS Cardiology Hospital के डॉक्टरों ने एक दवाइयों की एक किट रखने की सलाह दी थी जो हार्ट अटैक के मामलों में अस्पताल पहुँचने से पहले मरीज़ को आप घर पर दे सकते।
उन्होंने इस किट को राम किट का नाम दिया है।
इस किट में तीन दवाई है
1) Ecospirin 75 mg के 2 टेबलेट
2) Rosuvastatin 20 mg का 1 टेबलेट
इन दोनों दवाइयों को पानी के साथ खा लेना है।
3) Sorbitrate 5 mg
इस दवाई को जीभ के नीचे रखना है।
ये दवाइयाँ आपके हृदय कि नली में बने खून के थक्के को हटाने में मदद करती है।
लेकिन याद रखें की:
१) ये किट पूरा इलाज नहीं है इसीलिए ये दवाई ले कर घर पर ना रुकें। हार्ट अटैक के लक्षण होने पर अस्पताल जायें।
२) हमेशा बेहतर है की लेने से पहले एक बार अपने फिजिशियन से बात कर लें और उन्हें जानकारी दे दें।
३) ये दवाई तभी दें जब मरीज़ होश में हो। अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कभी भी कुछ खिलाने या पिलाने की कोशिश ना करें।
When a label lies, the consumer pays the price.
An expiry date is not just ink on a package.A nutrition label is not just information.They are promises made to the consumer.
When those promises are deliberately manipulated, it is not merely a violation of regulations, it is a breach of public trust.
Effective regulation is not about creating fear in the industry. It is about creating an ecosystem where honest businesses are protected, violations are detected, and citizens are not deceived
#TukaramMundhe #FoodSafety #Leadership #Inspairation #FDA #GenZ
https://t.co/fb7eSZZpPC
Welcoming 1,746 newly appointed Constables to the Punjab Police family.
With 9,245 promotions in the last four years, 1,600 posts upgraded last year, and nearly ₹1,100 crore invested in modernising the force, #PunjabPolice is stronger and better equipped to serve the people.
Together, we serve. Together, we protect.
#PunjabPoliceRecruitment #ForceIsFamily
पंजाब के हरप्रीत भाई ने ये 2 फोटो भेजी है उसमें वो बता रहे है पंजाब के स्कूल में पहले और अब क्या अंतर आ गया है
पहले की बिल्डिंग बिल्कुल बेकार लग रही है…अब की शानदार लग रही है चमक भी रही है…
ऐसे बिल्डिंग अमेरिका ब्रिटेन में होती थी अब पंजाब में है…
पंजाब के सरकारी स्कूलों पर सवाल उठाने वालों से सिर्फ़ इतना कहना है- अगर सच में निष्पक्ष बात या निष्पक्ष पत्रकारिता करनी है तो एक बार पुरानी तस्वीर और आज का हिसाब साथ रखकर बताइए।
2022 में जब भगवंत मान CM बने थे तो ज़्यादातर स्कूलों में toilets नहीं थे, 4 लाख बच्चे फर्श पर बैठते थे और हज़ारों स्कूलों में पीने का पानी तक नहीं था।
मात्र 4.5 साल में पंजाब के लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बदलाव की इतनी बड़ी यात्रा हुई है-
▪️ 9,000 से अधिक नए classrooms और labs
▪️ 13,920 नए toilets
▪️ 2 लाख नए डेस्क
▪️ 10,000 से अधिक interactive panels
▪️ 5,012 स्कूलों में advanced computer labs
▪️ हर स्कूल में Wi-Fi
▪️ 99% स्कूलों में boundary wall
दो विनाशकारी बाढ़ों से 7,000 से अधिक स्कूल प्रभावित हुए। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त 500 स्कूलों का restoration अभी जारी है।
काम अभी और भी बहुत से जारी हैं - लेकिन दिशा, रफ़्तार और नीयत बिल्कुल साफ़ है।
बाक़ी बीजेपी या कांग्रेस का स्कोर बनाने के लिए गोदी मीडिया या पप्पू मीडिया की बातों का तो मैं जवाब ही क्या दूँ। वो तो उसी एंगल से तस्वीर दिखाने की कोशिश करेंगे जहाँ से AAP के बारे में नेगेटिव माहौल फैलाया जा सके।
और कुछ निष्पक्ष पत्रकारों की, जिनकी मैं व्यक्तिगत कद्र भी करता हूँ, उनसे निवेदन है कि अगर हो सके तो पूरा सच दिखायें कि 4.5 साल में पंजाब में इतना काम हुआ है और इतना नहीं हुआ है। और कांग्रेस बीजेपी के 15-20 साल के काम से हमारे 4.5 साल के काम की ईमानदारी से तुलना भी अपने फॉलोअर्स के सामने रखें। दोनों बातें करें।
किसी गोदी या पप्पू मीडिया के एंगल से की जा रही कवरेज को आधार बनाकर, उस अधूरे सच को अपना या पूरा सच बतायेंगे तो उसको correct करने का काम तो हम भी करेंगे। भले ही फिर आप उसे “बौखलाना” या अपने ऊपर “व्यक्तिगत हमलावर” होने संज्ञा दें। यह आपके अपने विवेक पर है।
और स्कूल केवल नई इमारतों से अच्छे नहीं होते- उनकी असली पहचान बच्चों के नतीजों और माता-पिता के भरोसे से होती है।
▪️ 3.64 लाख बच्चे private स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में आए
▪️ NEET qualifiers 80 से बढ़कर 882 हुए
▪️ चार वर्षों में 2,166 बच्चों ने NEET और 786 ने JEE qualify किया। ये पहले कभी हुआ ही नहीं।
▪️ 2.30 लाख बच्चों ने Business Blasters में अपना business चलाना सीखा
▪️ कक्षा 1 से 12 तक AI पढ़ाने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बना
▪️ 40 Skill Education Schools शुरू हुए
पंजाब में शिक्षा का काम पूरा होने का दावा नहीं है- लेकिन दशकों की बदहाली को चार साल में बदल देने का प्रमाण ज़रूर है।
सरकारी स्कूल बजट से सुधरते हैं, लेकिन उनमें जनता का भरोसा केवल ईमानदार मेहनत से लौटता है।
@BhagwantMann सरकार ने वह भरोसा लौटाकर दिखाया है।
'ये पंजाब के एक सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी है। अगली बार कोई कहे कि सरकारी स्कूल अच्छे नहीं हो सकते, तो उन्हें ये वीडियो दिखा दीजिए। बात सिर्फ नीयत की है'-अरविंद केजरीवाल
#Punjab
पंजाब में शिक्षा क्रांति जारी है 🔥
ये संगरूर के गांव का शानदार स्कूल है,
#AAP और पंजाब के लोग अपने अपने
गांव शहरों से वीडियो बनाकर, सरकारी स्कूलों की बदलती हूईं शानदार तस्वीरें दिखा रहे हैं,
जबकि दूसरे राज्यों में स्कूलों को दिखाना जुर्म है 🤷
I know you will not believe it, but yes — this is a boys’ washroom of Government School of Eminence, Bhadson, Patiala in Punjab.
Possible only under AAP gov
This is a library at a government school in Punjab. The next time someone tells you that government schools can’t be good, show them this video. It is all about "neeyat".