ये जो ग्लोबल लीडर होते हैं, वे फ़ोटो खिंचाने के लिए कपड़ा सिलाते हैं, कपड़ा सिलाकर फ़ोटो खिंचाते हैं। दरअसल असली ग्लोबल लीडर इनका टेलर होता है, जो इन्हें डीलर से लीडर बना देता है। इन��े तो न निंदा होती है, न हक़ की बात होती है और न युद्ध रूकता है। अख़बारों में ख़ाली जगहों को भरने के लिए बीस लीडर मिलते हैं और फ़ोटो खिंचवाते हैं। दरअसल असली ग्लोबल लीडर तो फ़ोटो है, फोटो में दिख रहा आदमी नहीं। अगला G-50 कब है? टेलर पूछ रहा है।
अगर भारत को अमीर देश बनाना है,नम्बर वन बनाना है तो सबसे पहले सभी बच्चों के लिए शानदार और फ़्री शिक्षा और हर भारतीय के लिए अच्छे फ़्री इलाज का इंतज़ाम करना होगा। ये 5 साल में हो सकता है। बच्चे अच्छे पढ़ लिख गए तो एक पीढ़ी में ग़रीबी दूर हो जाएगी
इसका कोई शोर्ट्��ट नहीं है