People like him are the exact reason why opposition says ...
cockroaches are not acceptable
Look at how this cockroach Abhijeet Dipike is openly mocking your emotions...
Utterly shameless...
ईमानदार रातें जागकर तुमने पसीना बहाया है,
चंद रुपयों के लालच में इस तंत्र ने तुम्हें आजमाया है।।।
NEET परीक्षा देने जा रहे देश के भावी डॉक्टरों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।।।
आप सिर्फ एक परीक्षा नहीं लिख रहे, बल्कि इस देश की सबसे लाचार, लापरवाह और लीक-प्रूफ दावों वाली खोखली व्यवस्था से भी लड़ रहे हैं।।।
ईश्वर करे इस बार आपकी सच्ची मेहनत पर काले धन, पेपर लीक और कृपा अंकों ( Grace Mark) का साया न पड़े।।।
धर्मेंद्र प्रधान जी और प्रशासन से बस इतनी गुजारिश है....
पेपर और भविष्य सुरक्षित रखने की फुर्ती भी चुनाव जीतने जैसी ही रखिए।।। छात्रों की बददुआएं बहुत भारी पड़ती हैं।।।
बेखौफ होकर अपना बेस्ट दीजिए, आपकी जीत तय है।।।
फोटोशूट ( ये तो लेने के देने पड़ गए) 🤣🤣
दरोगा जी का Singham मोमेंट तब तक पूरा कैसे होगा जब तक आरोपी हाथ में सबूत पकड़कर पोज़ न दे???
कानपुर पुलिस फ़ोटो सेशन के लिए मोबाइल का डिब्बा थमा रही थी, पर लड़के ने कैमरे के सामने ही स्क्रिप्ट खराब कर दी🤣🤣
जब चोरी नहीं की, तो डिब्बा क्यों पकड़ें।।।
गज़ब बेइज़्ज़ती है भाई 😂
ज़िद के मामले में बच्चे और बूढ़े एक समान होते हैं और हमारे महामानव बच्चे तो हैं नहीं ये तो सबको पता ही है ।।।
कुछ बच्चे और बुज़ुर्ग बहुत जिद्दी होते हैं अंतर बस इतना है कि बच्चा अगर ज़िद्द करे तो उसकी कंबल कुटाई करके उसे समझाया जा सकता है।।।
और बुजुर्गों या यूं कहें कि महामानव को समझाना बहुत मुश्किल है।।।
महामानव की ज़िद पर तो पूरा देश कभी ताली-थाली बजाने लगता है कभी रील बाज़ी को रोजगार मानने लगता है और उनकी हर हरकत को मास्टरस्ट्रोक बताते हैं।।।
आज Internation yoga Day (योग दिवस) पर ऐसे वैसे जाने कैसे कैसे लोगों को अलोम विलोम करा दिया 🤣🤣
इस शाही ज़िद्दीपन को सुधारने का कोई लोकतांत्रिक इलाज़ है आपके पास???
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आज NEET एग्जाम सेंटर के बाहर जो देखा, उसने अंदर तक झकझोर दिया। एक बच्ची अपने पिता के गले लगकर फूट-फूट कर रो रही थी। वजह? पेपर खराब होना नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम की वो असंवेदनशीलता थी जो आधी आबादी की बुनियादी ज़रूरतों को आज भी Granted लेती है।।।
परीक्षा के बीच में उस बच्ची को पीरियड्स आ गए। घबराहट और झिझक के बीच जब उसने हिम्मत जुटाकर इनविजिलेटर को बताया, तो एक सैनिटरी पैड अरेंज करने में सिस्टम को आधा घंटा लग गया।।। इस बदइंतज़ामी में उस बच्ची का पूरा एक घंटा बर्बाद हो गया और साल भर की मेहनत पानी में मिल गई।।।
अब सवाल यह है कि इस बर्बादी का जिम्मेदार कौन है?
1) वो इनविजिलेटर, जिसे इस इमरजेंसी से निपटने की न ट्रेनिंग थी न तत्परता?
2) हमारा वो पूरा परीक्षा सिस्टम, जो लाखों लड़कियों की परीक्षा लेते वक्त यह भूल जाता है कि पीरियड्स कोई ऐच्छिक चीज़ नहीं, एक प्राकृतिक प्रक्रिया है?
हर सेंटर पर फर्स्ट-एड बॉक्स की तरह सैनिटरी पैड का होना अनिवार्य क्यों नहीं है? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और प्रशासन को जवाब देना होगा। हम डिग्रियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन बुनियादी संवेदनशीलता में आज भी ज़ीरो हैं। उस बच्ची के आंसुओं का हिसाब कौन देगा?
Image ; AI Generated
"सुना है नए मंत्री बने हैं, नए मंत्री आते ही बिजली गायब हो गई। समाजवादियों ने तो फकीरेंपुरवा में भी बिजली लगा दी थी, यह एक भी नए गांव में बिजली लगा कर दिखाएं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, कन्नौज
"कन्नौज का इतिहास, कन्नौज का नाम बड़ा है। यहां ऐसा मेडिकल कॉलेज समाजवादी सरकार बनाएगी कि गरीबों का फ्री इलाज होगा, दवाई फ्री होगी।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, तिर्वा, कन्नौज
मुगलों के दरबार से लेकर आज के सोशल मीडिया तक...
इनका काम सिर्फ मुजरा करना ही रहा है।।।
इसलिए घबराइये नहीं परफार्मेंस पसंद आए तो कुछ
चिल्लर दे दीजिए इनको ये खुश हो जाएंगे।।।🤣🤣
अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी। यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा।
अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहाँ आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है। लोगों की आस्थाएँ खंडित हुई हैं। इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है। सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते।
अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है। इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं। अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जाँच के नाम पर फँसा न दिया जाए। श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है। जाँच कहाँ तक पहुँची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है।
मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जाँच हो।
समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः19.06.2026
अमरोहा जनपद में विधानसभा हसनपुर के नगर स्थित कमाल पैलेस में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मानित समाजवादी पार्टी पूर्व नगर अध्यक्ष श्री बाबू कुरैशी ने की।
सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में उपस्थित होकर संगठन की मजबूती और एकजुटता का परिचय दिया। कार्यकर्ता सम्मेलन के उपरांत कमाल पैलेस से तहसील परिसर तक पैदल मार्च निकालकर प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल बेरोजगारी, खाद एवं यूरिया की बढ़ती कीमतों के विरोध में एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
समाजवादी पार्टी हमेशा आम जनता की आवाज बनकर उनके हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
इस शुभ अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीमती निर्वेश देवी श्री शमशेर मुखिया चंदनपुर वाले, श्री राजकुमार प्रधान, श्री चरन सिंह प्रधान, श्री अजय पाल सिंह यादव प्रधान, भूरे सिंह खड़कवंशी प्रकाश सिंह खड़कवंशी नरेश खड़कवंशी श्री चंद्रपाल खड़कवंशी श्री नंदू सिंह खडकवास की श्री भोजराम सिंह खड़कवंशी पूर्व प्रधान श्री टिंकू गुर्जर, मुनशरीफ सैफी, श्री अंसार प्रधान, श्री इमरान प्रधान, श्री रमेश प्रधान, राष्ट्रीय सदस्य मेहताब चौधरी, श्री राजपाल सिंह चौहान, श्री जाकिर प्रधान, पूर्व प्रधान श्री रईस अहमद श्री दुष्यंत कुमार, प्रधान पति श्री भूप सिंह, श्री अमित कुमार यादव, श्री पप्पू यादव, पूर्व प्रधान श्री रईस अहमद, श्री अल्ताफ सैफी, श्री कामिल सैफी, श्री राहुल सैफी, डॉक्टर रहीम सैफी, डॉक्टर रिहान चौधरी, शारिक अंसारी, श्री अजमान, श्रीमती रूबी कौशल सपा नेता, श्री अमित गुर्जर, डॉक्टर नाजिम अलवी, चौधरी इंशाल्लाह, जाकिर चौधरी, श्री इकबाल सैफी, कविंद्र गुर्जर एवं समस्त समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः19.06.2026
साढ़े चार सौ वर्षों तक पुर्तगाल के क्रूर दमनचक्र में पिस रहे गोवा की मुक्ति का पहला आवाह्न 18 जून 1946 में समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया ने किया था। अंततः 19 दिसम्बर 1961 को गोवा आजाद हुआ। पूरा देश 18 जून को गोवा मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करता है। समाजवादी नेतृत्व का गोवा से पुराना रिश्ता भी रहा है। समाजवादी भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी अग्रणी भूमिका में रहे हैं। आज हम गोवा मुक्ति दिवस के साथ स्वतंत्रता सेनानियों का भी नमन करते हैं।
वर्ष 2023 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी ने गोवा लिबरेशन डे पर 18 से 22 दिसम्बर तक पांच दिवसीय गोवा यात्रा वहां के गांधीवादी संस्थान पीसफुल सोसायटी के संस्थापक श्री कुमार कलानंद मणि के निमंत्रण पर की थी। गोवा आंदोलन से सम्बन्धित पवित्र स्थलों पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करने का यहां सौभाग्य मिला।
राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि समाजवादी आंदोलन के महानायक डॉ. राम मनोहर लोहिया को गोवा आंदोलन के दौरान अगोड़ा सेंट्रल जेल में जिस बैरक में गिरफ्तार कर रखा गया था वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित है। दक्षिण गोवा में मड़गांव सेंट्रल स्क्वायर से 18 जून 1946 को गिरफ्तार कर उन्हें अगोड़ा जेल में बंदी बनाकर रखा गया था। यहां जेल हेरिटेज ब्लाक में बंदी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में लोहिया जी का नाम भी अंकित है। इन स्थानों पर जाकर राजेन्द्र चौधरी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला। जहां आज मडगांव के लोहिया मैदान में डॉ. लोहिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। यहा से बड़ी जनसभा को सम्बोधित करते हुए डॉ. लोहिया को 18 जून 1946 को गिरफ्तार किया गया था। यहां प्रतिमा के समीप भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखनीय शिलापट्ट तथा मनोहर राय सरदेसाई की डॉ. लोहिया पर 18 जून से सम्बन्धित मार्मिक कविता पढ़कर मन अतीत के गौरवशाली दिनों की याद करने लगता है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव गोवा मुक्ति संग्राम के इस रोमांचक वृत्तांत से पूरी तरह परिचित है। उनका कहना है कि समाजवादियों ने तनी हुई बन्दूक के सामने अपने हक की लड़ाई लड़ने का सबक श्रद्धेय डॉ. लोहिया जी से सीखा, जिन्होंने 18 जून 1946 के दिन गोवा में सविनय अवज्ञा के माध्यम से आजादी की अलख जगाई थी।
श्री अखिलेश यादव डॉ. राममनोहर लोहिया के इसी रास्ते पर चल रहे हैं जो अन्याय के प्रतिकार, लोकतंत्र को बचाने तथा वंचितों को अधिकार दिलाने का रास्ता है। समाजवादी पार्टी लोहिया जी की विरासत को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध है।
स्मरणीय है, वर्ष 1498 में वास्को डि गामा केरल के कालीकट तट पर पहुंचने वाले प्रथम पुर्तमाली नाविक थे वर्ष 1570 में अल्बुकर्क ने पुर्तगाली सेना के साथ गोवा पर कब्जा कर लिया। 450 वर्षों तक पुर्तगाली गोवा पर अपना दमनकारी शासन चलाते रहे। अपने एक गोवा के मित्र के घर विश्राम के लिए गए लोहिया जी ने जब गोवा में नागरिक अधिकारों का हनन देखा तो उन्हांेने बगावत का बिगुल बजा दिया। उनकी गिरफ्तारी से जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। समाजवादी नेता श्री मधु लिमये को भी इस मुक्ति आंदोलन में भारी यातनाएं सहनी पड़ी थी। 15 अगस्त 1955 को कोच्चि से 5 हजार लोगों ने गोवा कूच किया तो निहत्थे लोगों पर पुलिस की गोलियों से 30 लोग शहीद हो गए। अंततः 19 दिसम्बर 1961 को भारतीय सेना की पहल पर पुर्तगाली कुशासन का अंत हुआ, गोवा को सदियों की दासता से मुक्ति और स्वतंत्रता की हवा में श्वांस लेने का ऐतिहासिक अवसर मिला था, जिसका श्रेय डॉ. लोहिया की पहल से ही सम्भव हो सका।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
बिहार में शिक्षा में क्रांति की शुरुआत आनंद कुमार सर ने की थी।।।
गणित विषय के महाज्ञानी आनंद सर ने देखा अमीर घरों ने बच्चे महंगी कोचिंग हासिल कर IIT में पहुंच रहे हैं।।।
बिहार में ऑफलाइन कोचिंग माफिया का वर्चस्व था जो IIT और UPSC के नाम पर लाखों रुपए छात्रों से लूट रहे थे।।।
आनंद सर ने 2002 में गरीब बच्चों के लिए सुपर-30 क्लास की शुरुआत की. 2018 तक 510 में से 422 छात्र IIT में पहुंचे।।।
KHAN SIR ने आनंद सर की तरह 200, 500, 1000 और 2000 रुपए में गरीब घरों के बच्चे को पढ़कर दरोगा और अफसर बनाने का काम किया है. इन दोनों के शिक्षकों के कारण देश के शिक्षा माफिया की कमर टूट गयी।।।
सरकार और सरकार द्वारा पालतू मीडिया को यह बिल्कुल नही अच्छा लगा सरकार ने अपने पालतू स्वान छोड़ दिये जो आज गोदी मीडिया के नाम से विश्व विख्यात है ।।।
मैं सीरियसली आप सबसे अपील करता हूं कि अब बहुत हो गया हमें बचाने कोई मसीहा कोई विपक्ष नहीं आएगा अब आप सब को जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी सवाल पूछना होगा क्योंकि मीडिया सत्ता की d लाली में देश बिकवा देगा।।।
इसलिए अब आपको कठिन सवाल करने होंगे।।। इस देश के वोटर आप हैं आप नागरिक है इसलिए अपना फर्ज निभाएं।।।
गाड़ी को हुआ Diabetes 🤣
E20 Fuel का पहला साइड-इफेक्ट सामने आ गया है।।।हमारी प्यारी Renault Duster (2013 मॉडल) ने आखिरकार घुटने टेक दिए हैं।।।
इंजीनियर राजा (हमारे मैकेनिक) की दो टूक सलाह है कि भैया अब हाथी पालने का कोई फायदा नहीं समय रहते इसे विदा कर दो।।।
बात भी सच है अब पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल कम और गन्ने का रस (Ethanol) ज्यादा मिल रहा है और हमारी इन पुरानी दमदार गाड़ियों को इस नए ईंधन से डायबिटीज (Corrosion & Fuel system failure) होने लगी है।।।🤣🤣
पर दिल है कि मानता नहीं यह सिर्फ एक गाड़ी नहीं मेरी पहली कमाई की निशानी है।।। इसके साथ जिंदगी के कई पहले सफर और ढेरों भावनाएं जुड़ी हैं।।। इसे कौड़ियों के दाम बेचने का दिल गवाही नहीं दे रहा।।।
एक तरफ मैकेनिक की कड़वी प्रैक्टिकल सलाह है, दूसरी तरफ पहली गाड़ी का बेइंतहा मोह।।।
आप सब ज्ञानी लोग बताइए
क्या दिल की सुनूं और इसे रीस्टोर करवाकर सिर्फ वीकेंड ड्राइव की शोपीस बना दूं? या दिमाग की सुनकर भारी मन से राजा मैकेनिक की बात मान लूं???
इतिहास सिर्फ पन्नों में नहीं, किरदारों में भी लौटता है
प्रियंका जी के हाव भाव, बातचीत का तरीका और जनता से जुड़ने की कला में इंदिरा जी की साफ परछाई दिखती है।।।
वही कड़क अंदाज़ और वही बेबाकी।।।
लेकिन बड़ा सवाल यह है
क्या अब प्रियंका जी को पूरी तरह एक्टिव फ्रंट-फुट पॉलिटिक्स में आ जाना चाहिए?
क्या वो कांग्रेस के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती हैं?
आपकी क्या राय है?