दुख कैसे सहेजा जाता है
किसी कवि से पूछो
स्याही के रंग में रंगे
शब्दों क�� चोला पहन
दुख जब कागज पर उतरते हैं
महकने लगते हैं
पीढ़ियों तक जाते हैं
ये महकते हुए दुख
तुम कहते हो कि तुम्हें
बारिश से प्यार है
लेकिन उसमें चलने के लिए
तुम छाता इस्तेमाल करते हो
तुम कहते हो तुम्हें हवा से प्यार है
लेकिन जब वो आती है तो
तुम खिड़कियां बंद कर देते है
इस लिए मैं डरता हूँ
जब तुम कहते हो
कि तुम मुझे प्यार करते हो।
- Qyazzirah syeikh ariffin ❤️
जीवन की दिव्य और उच्चतम उपलब्धियों का आधार अनुशासन है | नदी की यात्रा सागर होने के लिये है,और यह नदी के लिये तटों के अनुशासन के बिना संभव नहीं है ।जैसे किनारों का सहारा टूटने पर नदी का अस्तित्त्व ही नहीं रहता वैसे ही आत्म-अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है ।
घर बटा बर्तन बटे सारी ज़मीनें बाँ�� लीं
बाप के मरते ही बच्चों ने पतंगें छाँट लीं
इक तरीक़ा ये भी था फल बाँटते वो उम्र-भर
भाइयों ने पेड़ काटा और लकड़ी बाँट लीं
~ राघवेंद्र द्विवेदी