A 13 year old girl was raped by 30 MEN in Sri Ganganagar .
ZERO prime-time debates.
NO media trials.
Absolute silence.
This country’s media has gone to the dogs.
गरीबी की परिभाषा भी अजब है।
₹8 लाख कमाने वाला OBC में "क्रीमी लेयर" हो जाता है, लेकिन वही ₹8 लाख EWS में "आर्थिक रूप से कमजोर" कहलाता है।
सवाल किसी उम्मीदवार की योग्यता पर नहीं है। सवाल यह है कि अगर IIT, MNC और महंगी कोचिंग तक पहुँच रखने वाले भी EWS हैं, तो फिर असली गरीब कहाँ है?
कहीं ऐसा तो नहीं कि हमने गरीबी की परिभाषा इतनी फैला दी कि गरीब ही उसमें गुम हो गया?
#EWS #UPSC #SocialJustice
Anjana Om Kashyap & TV Today Network have filed a massive defamation case against Khan Sir.
The suit claims that multiple digital platforms described Kashyap and Aaj Tak using terms such as “bikau patrakar,” “chatukar,” “dalli,” and accused them of engaging in “dalaali” and operating a “fake news ki dukaan.”
Why are imandar patrakars facing so much hate?
What action should be taken against Khan Sir & other online teachers??
I thought it was some fake news but then it cropped up everywhere and now it appears that CJI actually mentioned this hate for unemployed youth, activists and social media professionals. Someone please tell me - just how- how head of judiciary of a democracy be this prejudiced?
पेट्रोल डीजल और सोना कम खरीदने की अपील से पहले आपको ये सब करना था -
1- आप कोई भी रैली नहीं करते
2- सभी राज्यों के मुख्यमंत्री विधायक को रैली के लिए नहीं बुलाते
3- सांसदों के फ्री विदेश यात्रा में रोक लगा देते
4- गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन वर्चुअल करते, 3000 बसे नहीं बुलवाते
5- जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन वर्चुअल करते
6- विधायकों सांसदों को फ्री पानी बिजली सब बंद करते
7- सुधीर चौधरी का 14 करोड़ वाला पैकेज बंद करते
8- चुनाव में फ्रीबीज का वादा न करते
9-मुख्यमंत्रियों को हेलिकॉप्टर में उड़ने पर प्रतिबंध लगाते।
लेकिन नहीं, आप सोचते हैं कि बस जनता ही सारी कुर्बानी दे, नेता मौज काटें।
देखिये शायद पलकें नम हो जायें।
महाराष्ट्र सरकार का अतिक्रमण विरोधी बुलडोज़र विकलांग महिला ‘अर्चना पारखे’ की मिट्टी के बर्तन की दूकान पर चल रहा है।
अर्चना सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बेंचकर अपना घर चलाती हैं, धन्नासेठों को हज़ारों एकड़ ज़मीन कौड़ियों के भाव देने वाली सरकारों को इन ग़रीबों से इतनी नफ़रत है कि बुलडोज़र लेकर उसकी दूकान तोड़ने पँहुच गये।
सरकार का विकास अगर इतना क्रूर है तो लानत है एैसे विकास पर।
कल हमारे साथी इस बहन के यथासंभव मदद लेकर पँहुचेंगे।
@Dev_Fadnavis जी थोड़ी भी इंसानियत बची हो तो दोषियों पर कार्यवाही करिये और इस महिला को सरकारी नौकरी दीजिये।
Modi and BJP leaders in last 1-2 months :
> Completed election rallies in Kerala
> Completed election rallies in West Bengal
> Completed election rallies in Assam
> Completed election rallies in Tamil Nadu
> Completed 50+ election rallies
> Sent every BJP leader for rallies
> Used thousands of cars
> Used lakhs litres of petrol and diesel daily
> Did all this in just the last one month
> Now giving gyan on global crisis
> Telling the public to compromise on everything
Masterstroke by Prime Minister Narendra Modi
आपका नाम दुर्गा शक्ति नागपाल है।
आपने UPSC 2009 में AIR 20 हासिल की और 2010 बैच की IAS अधिकारी बनीं।
गौतम बुद्ध नगर में पोस्टिंग के दौरान आपने अवैध रेत खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
आपकी टीम ने कई FIR दर्ज कीं, गिरफ्तारियां कीं और वाहन/मशीनें जब्त कीं।
इसके बाद जुलाई 2013 में आपको सस्पेंड कर दिया गया।
सरकार ने कारण बताया एक निर्माणाधीन धार्मिक ढांचे की दीवार गिराने से सांप्रदायिक तनाव हो सकता था।
लेकिन सवाल उठा कि असली वजह अवैध खनन माफिया के खिलाफ आपकी कार्रवाई तो नहीं थी?
एक नेता ने दावा किया कि उन्होंने फोन कराकर 41 मिनट में सस्पेंशन करा दिया।
देशभर में आपके समर्थन में आवाज उठी।
करीब दो महीने बाद आपका सस्पेंशन वापस लिया गया।
दुर्गा शक्ति नागपाल की कहानी बताती है कि
UPSC पास करना मुश्किल है , लेकिन सत्ता और माफिया के दबाव में ईमानदार रहना उससे भी मुश्किल है।
आपका नाम संजुक्ता पराशर है।
आपने UPSC में Rank 85 हासिल की। आपके पास IAS बनने का विकल्प था, लेकिन आपने IPS चुना।
क्योंकि आपको कुर्सी के पीछे नहीं , जमीन पर काम करना था।
2006 में आप IPS में शामिल होने वाली पहली असमिया महिला बनीं।
2008 में आपकी पोस्टिंग असम के माकुम में हुई—पूर्वोत्तर के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक। उस दौर में बोडो उग्रवादी आम लोगों की हत्या कर रहे थे, गांव जला रहे थे और हथियारों का नेटवर्क चला रहे थे।
लेकिन आपने फाइलों से नहीं, मैदान से जवाब दिया।
सिर्फ 15 महीनों में आपने जंगलों में 16 counter-operations लीड किए।
64 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद जब्त किया।
आप कमांड सेंटर में बैठकर आदेश देने वाली अधिकारी नहीं थीं।
आप CRPF जवानों के साथ AK-47 लेकर जंगल में उतरने वाली अधिकारी थीं।
घर पर आपका चार साल का बच्चा था।
पति की पोस्टिंग अलग थी।
आप उनसे दो महीने में एक बार मिल पाती थीं।
JNU से International Relations में PhD करने वाली महिला कोई भी आरामदायक करियर चुन सकती थी।
लेकिन आपने सबसे कठिन रास्ता चुना।
आज आप National Investigation Agency में Inspector General हैं।
भारत के पास एक संजुक्ता पराशर है।
लेकिन इस देश को ऐसी हजारों संजुक्ता पराशर चाहिए।
सड़क हादसे में लहूलुहान पति… और अस्पताल पहुंचते ही पत्नी से 108 एंबुलेंस धुलवाई जाती है। दर्द, अपमान और लाचारी ...सब कैमरे में कैद। वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन जागा, पायलट और EMT बर्खास्त... तस्वीर कटनी की है
एक मज़दूर ने
लोहा खोद कर निकाला।
एक मजदूर ने
उसे पिघलाया।
एक मज़दूर ने साँचे में
डाल लोहे को-
बंदूक की गोली बनाई।
गोली पे पहला हक़
मजदूरों का था-
हक़ मांगते
एक मज़दूर ने
वो गोली खाई।।
(आर्ट: @Defiance_in_art)
#मज़दूर_दिवस#InternationalLabourDay#MayDay2026
पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है
जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है
आशिक़ सा तो सादा कोई और न होगा दुनिया में
जी के ज़ियाँ को इश्क़ में उस के अपना वारा जाने है
- मीर तक़ी मीर
जंगल, आदिवासियों के पूजास्थल हैं। ये उनके मंदिर हैं। उनके मंदिरों को, हर दिन कोई आक्रांता आ कर तोड़ देता है, कुचल देता है। उन्हें अपने मंदिर बचाने के लिए, जेल में डाल दिया जाता है।
He RAPED that girl and killed her .
He RAPED his friend’s wife in Alwar .
He is a RAPIST .
Not a teen , not a killer .
A RAPIST .
He called her didi and then raped her and killed her .
Your headlines are pretty misogynistic NDTV .
Why are you trying to portray a rapist as teen ?
एक आंगनवाड़ी सेविका की सैलरी 3500 होती है ,
इससे ज्यादा रुपए का तो अधिकारी चाय पी जाते है ,
आंगनवाड़ी सेविका बीमार थी लेकिन अधिकारी को यक़ीन न होने पर पति के सहारे कांपते हुए अधिकारी को बीमारी का सबूत देने पहुंची सेविका।
थू है तुम्हारे ऐसे अफसरशाही पर