जब इंसाफ़ की आवाज़ उठाने के लिए किसी को हिरासत में ले लिया जाए, वही समय कलयुग है।
समाजवादी पार्टी की मा. सांसद का गुनाह क्या केवल इतना है कि वो उस माँ की मदद कर रही थीं, जिसने अपना बेटा खोया है, और जो संवेदनहीन-निर्मम भाजपा राज में न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है।
भाजपा के समर्थक भी इस बात से शर्मिंदा होंगे और इस जुल्म और ज़्यादती की निंदा करेंगे।
पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा!
संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत ख़ुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है।
NEET पेपर लीक ने 22 लाख छात्रों की मेहनत और माता-पिता की उम्मीदों को दांव पर लगा दिया।
लखीमपुर खीरी से NEET अभ्यर्थी रितिक मिश्रा व देश में अन्य बच्चे, जो सरकारी मेडिकल सीट पाने की उम्मीद कर रहे थे, परीक्षा लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली। यह सिर्फ छात्रों की मौत नहीं, बल्कि भाजपा सरकार में व्यवस्था की संवेदनहीनता का परिणाम है।
CBSE 12वीं में OSM सिस्टम की गड़बड़ी ने हजारों बच्चों को उम्मीद से बेहद कम अंक दे दिए, अब छात्र कॉलेज प्रवेश की पात्रता तक खो बैठे हैं।
लाखों 9वीं के छात्रों पर नई भाषा थोप दी गई है - न शिक्षक तैयार, न किताबें उपलब्ध, न स्कूलों में स्पष्ट व्यवस्था।
हर बार छात्र परेशान, माता-पिता चिंतित, और देश के शिक्षा मंत्री सिर्फ मौन हैं।
भाजपा सरकार में शिक्षा मंत्रालय अब सुधार का नहीं, अव्यवस्था, तनाव और विफलताओं का मंत्रालय बन चुका है।
जब बच्चों का भविष्य दांव पर हो, तब चुप्पी भी अपराध बन जाती है।
2027 में ‘PDA सरकार’ बनाने के लिए हम उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपने कार्यकर्ताओं को पूरी तरह मुस्तैद रहने के लिए तैयार कर चुके हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि हमारे साथ एलायंस में जो भी चुनाव लड़े, उसे चुनाव जीतने के लिए, हमारी बूथ लेवल तक की मजबूत संगठनात्मक शक्ति का पूरा फ़ायदा मिले क्योंकि हमने हमेशा कहा है : बात ‘सीट’ की नहीं; ‘जीत’ की है!
इस बार किसी दल की नहीं बल्कि एक ‘समुदाय’ की सरकार बनेगी, ये बात हम पहले ही कह चुके हैं… और उस समुदाय का नाम है ‘PDA’.
इस ‘PDA’ सुमदाय में देश के सभी समाजों की आबादी के वो 95% लोग शामिल हैं, जो ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ हैं।
’PDA’ का आंदोलन वर्चस्ववाद और भेदभाव के ख़िलाफ़ ‘नई आज़ादी का आंदोलन’ है जिससे कि संविधान और आरक्षण बचा रहे। ‘PDA आंदोलन’ का परम लक्ष्य है : ‘सामाजिक न्याय का राज’ स्थापित करना, जिससे कि सभी समाजों के बीच समता का भाव और अवसरों की समानता का मौका सबको समान रूप से मिल सके। इससे संघर्ष के स्थान पर समाज में सौहार्द होगा, सौहार्द से शांति होगी और शांति से तरक़्क़ी होगी और तरक़्क़ी का समान वितरण होना संभव होगा, इससे सबके हिस्से ख़ुशहाली आएगी और सब समृद्ध होंगे। इसी से हमारा देश मजबूत होगा। इसीलिए ‘PDA’ देशभक्ति का नया उद्घोष है, हमारी सब देशभक्तों से अपील है, आइए ‘PDA आंदोलन’ से जुड़ें और देश को एक नई दिशा दें।
इसीलिए ’PDA’ संविधान के अनुसार चलकर ‘लोक-कल्याण और सर्व समाज उत्थान’ के लिए एक अत्यंत सकारात्मक आंदोलन है। इस आंदोलन में जो हमारे साथ हैं, हम उनके साथ हमेशा रहे हैं, हमेशा रहेंगे।
पीडीए समाज की एक महिला के पिता को, पुरुषवादी भाजपा सरकार सिर्फ़ इसलिए प्रताड़ित कर रही है क्योंकि हमने ‘बाबासाहेब जी की जयंती’ पर अपनी उस छोटी बहन के यहाँ पूड़ी खा ली थी।
इतनी निकृष्ट राजनीति तो उन अंग्रेजों ने भी नहीं की थी, जिनके लिए भाजपा के वज़ीफ़ाजीवी वैचारिक पूर्वज संगी-साथी मुख़बिरी करते थे। इससे पहले भी हमारे चाय पीने की वजह से एक आत्मनिर्भर पीडीए चायवाले युवा को भाजपा सरकार ने प्रताड़ित किया था।
भाजपा पीडीए विरोधी है, और हमेशा रहेगी।
घोर निंदनीय!
सच अपने आप निकलता है और झूठ सोचकर बोला जाता है। आपने सच कहा, सही कहा ‘पीडीए’ आ रहा है। कोहनी मारकर मुँह से निकले सच को बदलने की कोशिश न की जाए।
सच तो ये है कि मन से तो ये भी पीडीए ही हैं, बस अपने लालच के मारे हैं।
आज हमारी ‘अभूतपूर्व प्रेस वार्ता’ में भाजपा की चुनाव जीतने की ‘दस नंबरी’ चालबाज़ी का सबूतों के साथ खुलासा किया गया। अब भाजपाई दस नंबरियों की बारी है कि वो जवाब दें। ये हमारी चुनौती भी है और भविष्य के लिए चेतावनी भी। भाजपा में रहे वो लोग, जो अब धोखा खाकर समझ गये हैं कि भाजपा किसी की भी सगी नहीं है, औरों के साथ-साथ वो भी भाजपाई दस नंबरियों की ‘चुनावी डकैती’ का भंडाफोड़ कर रहे हैं।
दरअसल देश में ‘दस नंबरियों’ मतलब 10 तरह के लोकतंत्र विरोधी और स्वार्थ से जुड़े हुए महा-भ्रष्टाचारी लोगों से बना एक Multilayer Election Mafia सक्रिय है। ये सब ख़ुदगर्ज़ लोग मिलकर एक साथ ‘Democratic Crime Gang’ DCG के रूप में काम कर रहे हैं।
बंगाल चुनावों के महाघपले के संदर्भ में हमारी माँग ये है कि सुप्रीम कोर्ट तत्काल संज्ञान ले और बंगाल की मतगणना की CCTV पूरे देश के सामने उपलब्ध कराए।
जनमत कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
आज किशनी के DPIS स्कूल में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक शिक्षकों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट अत्यंत निंदनीय है।
दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो, साथ ही प्रशिक्षण केंद्र तत्काल बदला जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्यवाही किया जाए।