रात 3 बजे गाजियाबाद स्टेशन से शहर (होटल रोड) की तरफ जाते हुए एक ऐसा दृश्य देखा जिसने अंदर तक झकझोर दिया। एक मजदूर (राजमिस्त्री) अपने 3 साल के मासूम के साथ सुनसान सड़क किनारे बोरी पर बैठा था। दोनों जाग रहे थे।
जिस उम्र में बच्चे मीठी नींद सोते हैं,
#LifeStruggle