■ जो व्यक्ति हर सुबह 3.30 बजे बिछोना त्याग देता हो..
■ जो व्यक्ति साल के 365 दिन सुबह ठीक 9.15 पर अपने कार्यालय में प्रवेश करता हो...
■ जिस व्यक्ति के कारण केंद्रीय मंत्रालयों में तैनात IAS अपना शनिवार-रविवार का आराम भूल गए...
■ जो व्यक्ति भोजन में खिचड़ी, पापड़, घृत और दूध से अधिक ना ले...
■ सार्वजनिक जीवन में जिस व्यक्ति को कभी भोजन करते या मुंह में कुछ डालते ना देखा गया हो...
■ जिस व्यक्ति का निकट परिवार आज भी एकांतिक और अभाव जीवन जी रहा हो...
उस व्यक्ति पर आज एड़ियों पर उचकते
बौने कद के लोग कीचड़ उछाल रहे हैं...!!
'श्री रामनवमी' के पावन अवसर पर आज @GorakhnathMndr में देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन एवं उन्हें प्रसाद ग्रहण कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
जगज्जननी माँ जगदम्बा की कृपा से सभी का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।
जय माता दी!
चैत्र नवरात्रि की पावन पूर्णता और श्री राम नवमी के इस दिव्य अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के ‘सूर्य तिलक’ का अलौकिक दृश्य सचमुच मन को मोह लेने वाला है।
आस्था, विज्ञान और परंपरा का अद्भुत संगम।
सियावर रामचंद्र की जय।
ये 7 श्राप कांग्रेस पार्टी को दिये थे एक समय में जो अब शत प्रतिशत सत्य होती दिख रहीं हैं
1. एक दिन आएगा जब वोट के लिए कांग्रेसी नेता कोट पर जनेऊ पहनेंगे।
-वीर सावरकर, 1959
2. एक दिन पूरे देश पर भाजपा का राज होगा।
-अटल जी 1999, संसद में
3. मैं आज कांग्रेस छोड रहा हूं,
पर मैं शपथ लेता हूं कि मैं इसी कांग्रेसी विचारधारा के विरुद्ध ऐसा संगठन खडा करूंगा जो इसका नामोनिशान मिटाकर रख देगा।
चाहे इसके लिये 100 साल क्यों न लगें।
800 साल की गुलामी में 100 साल और सही,
पर यही संगठन भारत को फिर अखंड भारत बनाकर रहेगा।
- केशव बलिराम हेडगेवार, संस्थापक एवं प्रथम सरसंघचालक, 1922, नागपुर
4.जिस दिन मरा हुआ हिंदुत्व गर्व से कहेगा कि मैं हिंदू हूं ,
उस दिन अमेरिका भी भारत की परंपराओं के सामने नतमस्तक होगा और कहेगा कि फलां देश को समझाओ।
-स्वामी विवेकानन्द, 1893, शिकागो, अमेरिका में।
5.आज गौहत्या बंदी आंदोलन में संसद के सामने इंदिरा गांधी ने एक घंटे में 400 साधुओं को गोली चलाकर मार डाला।
मैं कांग्रेस पार्टी को श्राप देता हूं कि एक दिन हिमालय में तपश्चर्या कर रहा एक साधू आधुनिक वेशभूषा मे इसी संसद पर कब्जा करेगा और कांग्रेसी विचारधारा को नष्ट कर देगा।
यह एक ब्राह्मण का श्राप है और ब्राह्मण का श्राप कभी खाली नहीं जाता।
-करपात्री महाराज, संसद के सामने रोते और साधुओं की लाशें उठाते हुए, 1966
6. कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के लिये इतनी नीचे गिर जायेगी कि वो JNU जैसे नेहरू के वामपंथी सेक्स केंद्र के नारों का समर्थन करेगी और गौहत्या का समर्थन खुलेआम करके स्वयं को नक्सली साबित करेगी।
-डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी, आप की अदालत में 2009
7. नरेंद्र मोदी ही भारत का भविष्य है।
2002 गुजरात दंगों का दोष उस पर मत दो।
वो निष्पाप है।
अटलजी और RSS को कहता हूं कि वे उन्हें आगे करें वरना भारत से हिंदुत्व खत्म हो जायेगा।
-बालासाहब ठाकरे , 6 जून 2002
उसके बाद 9 जून को अटलजी ने गोवा में नरेंद्र मोदी को आगे किया,
वरना आज देश को ऐसा पीएम नहीं मिलता।
अब भी वक्त है मित्रो,
आपका थोड़ा सा स्वार्थ,देश को वाकई कई वर्षों पीछे ले जायेगा
जिसकी पूर्ति संभव नही है,
आपस की छोटी-छोटी बातों को छोड़ राष्ट्र के लिए समर्पित हो जाये,
राष्ट्र का गौरव ही हमारा गौरव है ।
जय भारत 🇮🇳
भारत माता कि जय 🇮🇳
वंदे मातरम् 🇮🇳
दिल्ली ब्लास्ट के सभी आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल, उमर, आदिल, शाहीन, मोहिउद्दीन इत्यादि सभी सरकारी मेडिकल कालेजों से पढ़े हैं।
वैष्णो देवी ट्रस्ट द्वारा संचालित कटरा मेडिकल कॉलेज में 70% सीटें कश्मीरियों के लिए आरक्षित गईं है।
रांची से भी अल कायदा आतंकी डॉ इश्तियाक पकड़ा गया था।
2008: जयपुर सीरियल ब्लास्ट के बाद - 60 लोग मारे गए
मनमोहन सिंह भूटान की संसद को संबोधित करने गए
2006: मुंबई ट्रेन बम विस्फोट - 209 लोग मारे गए
मनमोहन सिंह सेंट पीटर्सबर्ग में जी-8 बैठक में गए।
2008: अहमदाबाद और बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट - 60 लोग मारे गए
मनमोहन सिंह श्रीलंका में सार्क शिखर सम्मेलन में गए।
आतंकवादी हमले के बाद मनमोहन सिंह को अपना काम जारी रखना या विदेश यात्राएँ करना कभी कोई मुद्दा नहीं था। मुद्दा उनके द्वारा कार्रवाई में कमी और कोई प्रतिक्रिया न देना था।
प्रधानमंत्री मोदी भी अपने निर्धारित सरकारी कार्यक्रम को जारी रखे हुए हैं, पर हमले के ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
वहीं अब #DelhiCarBlast के बाद गैर जिम्मेदार राहुल-प्रियंका छुट्टी मनाने विदेश भाग गए हैं।
जब पढ़ लिखकर.. डॉक्टर बनकर भी लास्ट में फिर आतंकी ही बनना है तो इतने साल की नौटंकी और पैसा बर्बाद करने की ज़रूरत ही क्या है..
घर दे दो, राशन दे दो, आयुष्मान कार्ड दे दो, कुछ कर दो.. अंत वहीं होता है जहाँ से सब शुरू हुआ था।
लाल किले पर ब्लास्ट की सच्चाई..
चलती हुई गाड़ी रेड लाइट पर आकर रुकी, उसमें 4 से 5 लोग सवार थे। रुकते ही जोरदार धमाका हुआ। धमाके की चपेट में रेड लाइट पर खड़ी 7 से 8 गाड़ियां भी आ गईं...
— चश्मदीद
चलती सड़क पर चलती गाड़ी में ब्लास्ट...
यह कोई सोची-समझी साजिश लगती नहीं। ऐसा लगता है कि जो भी हुआ, अचानक हुआ। सवाल ये है, कि क्या इसका संबंध आज सुबह फरीदाबाद में पकड़े गए 2500 किलो विस्फोटक से है?
हालात तो यही इशारा कर रहे हैं कि हां, दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं।
अगर यह हमला पूरी तैयारी से होता, तो जगह और वक्त कुछ और चुना जाता। सोमवार को लाल किला बंद रहता है, भीड़ भी कम होती है। ऐसे में ये किसी योजनाबद्ध आतंकी कार्रवाई जैसा नहीं, बल्कि एक गड़बड़ी या आकस्मिक विस्फोट लगता है।
संभावना यही है कि सुबह हुई छापेमारी के बाद विस्फोटक को कहीं और शिफ्ट किया जा रहा था। क्योंकि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उन्हें लोकेशन की जानकारी थी।
जांच एजेंसियों के हाथ लगने से पहले शायद विस्फोटक को हटाने की कोशिश हो रही थी। लेकिन इसी दौरान किसी तकनीकी या मानवीय गलती से यह ब्लास्ट हो गया।
बाकी जांच से तस्वीर साफ़ होगी, पर इतना तय है, यह मामला सुबह वाले ऑपरेशन से जुड़ा हुआ दिखता है।
आपको क्या लगता है ?
#RedFort