जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नाम पर अराजकता का नंगा नाच देखने को मिला, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और बदसलूकी करते हुए कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ा दीं।
किसी भी परिस्थिति में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल के साथ हुई इस तरह की घटना को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
संयम की एक सीमा होती है...
अब सरकार क्या चाहती है कि इन महिला पुलिसकार्मियों को घसीट घसीट कर इनके साथ रेप हो 🚨
महिला कांस्टेबल साफ कह रही है कि लड़के अकेली सिपाही को खींच कर ले जा रहे....
आँखे खोलो अमित शाह जी ✍️