⚡ TRE 4 का महा-मुकाबला: अब PT और Mains दोनों के लिए हो जाएं तैयार! ⚡
बिहार के शिक्षा मंत्री का बड़ा संकेत— TRE 4 में सफलता पाने के लिए अब अभ्यर्थियों को PT (प्रारंभिक परीक्षा) और Mains (मुख्य परीक्षा) दोनों चक्रव्यूह को पार करना होगा! 🎯
#TRE4Notification#TRE4
सावधान! #JioAirFiber के नाम पर फ्रॉड? 3 दिन पहले KYC और पेमेंट के नाम पर ₹2500 ले लिए गए, लेकिन आज तक इंस्टॉल नहीं किया गया। स्टेटस सिर्फ 'Installation Pending' अटका है (See Image 1000911434.jpg)। @JioCare@reliancejio इस पर तुरंत संज्ञान लें!
#JioScam#FraudAlert@madhubani
सावधान! #JioAirFiber के नाम पर फ्रॉड? 3 दिन पहले KYC और पेमेंट के नाम पर ₹2500 ले लिए गए, लेकिन आज तक इंस्टॉल नहीं किया गया। स्टेटस सिर्फ 'Installation Pending' अटका है (See Image 1000911434.jpg)। @JioCare@reliancejio इस पर तुरंत संज्ञान लें!
#JioScam#FraudAlert@madhubani
@JioCare नमस्ते, जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि अभी तक इंस्टॉलेशन पूरा नहीं हुआ है। कृपया इस पर ध्यान दें। धन्यवाद।"
@JyotiDevSpeaks "बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लम्बी नहीं..."
यही नियम इतिहास और राजनीति का भी है। बिना दूरदृष्टि के सिर्फ़ 'येन-केन-प्रकारेण' कुर्सी पर टिके रहकर कार्यकाल को लंबा तो किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में उसकी उपलब्धि हमेशा शून्य ही रहेगी।
@rcchoudharyinc "बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लम्बी नहीं..."
यही नियम इतिहास और राजनीति का भी है। बिना दूरदृष्टि के सिर्फ़ 'येन-केन-प्रकारेण' कुर्सी पर टिके रहकर कार्यकाल को लंबा तो किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में उसकी उपलब्धि हमेशा शून्य ही रहेगी।
@ANI "बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लम्बी नहीं..."
यही नियम इतिहास और राजनीति का भी है। बिना दूरदृष्टि के सिर्फ़ 'येन-केन-प्रकारेण' कुर्सी पर टिके रहकर कार्यकाल को लंबा तो किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में उसकी उपलब्धि हमेशा शून्य ही रहेगी।
@Sujata1978@Ashok_Kashmir "बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लम्बी नहीं..."
यही नियम इतिहास और राजनीति का भी है। बिना दूरदृष्टि के सिर्फ़ 'येन-केन-प्रकारेण' कुर्सी पर टिके रहकर कार्यकाल को लंबा तो किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में उसकी उपलब्धि हमेशा शून्य ही रहेगी।
@JyotiDevSpeaks "बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लम्बी नहीं..."
यही नियम इतिहास और राजनीति का भी है। बिना दूरदृष्टि के सिर्फ़ 'येन-केन-प्रकारेण' कुर्सी पर टिके रहकर कार्यकाल को लंबा तो किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में उसकी उपलब्धि हमेशा शून्य ही रहेगी।